मार्केटिंग बबिता बरुआ सीईओ, वीएमएल इंडिया
Communication Skills : अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने की कोशिश में बबिता को नई पहचान दी. वे रूढि़यों को चुनौती देने वाली एक ऐसी महिला है जो कर्म को ही पूजा मानती हैं. पेश हैं, उन से हुई बातचीत के कुछ खास अंश:
जब आप स्कूल में थीं, तब आप के सपने क्या थे और क्या आप को अपने कैरियर का अंदाजा था?
मेरा सपना था कि मैं डांसर और टीचर दोनों बनूं. मैं ने सत्रिया, कथक और ओडिसी जैसे भारतीय शास्त्रीय नृत्य सीखे. मुझे याद है, मैं मम्मी की साड़ी पहन कर अपनी गुडि़यों को इंग्लिश पढ़ाया करती थी. उस समय मैं ने इसे कैरियर की तरह नहीं सोचा था क्योंकि मैं छोटी थी लेकिन बड़ा हो कर खुद को ऐसा ही देखती थी.
आप ने ग्रैजुएशन में कौन सा विषय चुना और क्यों?
मैं ने ग्रैजुएशन के लिए इकौनौमिक्स और ऐजुकेशन को चुना. इस में मेरे परिवार खासकर मेरे मामा का प्रभाव था. वे आईएएस अधिकारी थे और उन का मानना था कि सिविल सर्विस में जाने के लिए इकौनौमिक्स एक मजबूत आधार देता है. मेरा परिवार भी यही चाहता था मैं इसी रास्ते पर चलूं. ऐजुकेशन सब्जैक्ट मेरी खुद की पसंद थी.
क्या उस समय आप की डाइरैक्शन क्लीयर थी कि किस कैरियर को चुनना है या आप ने धीरेधीरे अपनी रुचियों को समझ?
मेरा रास्ता काफी हद तक स्पष्ट था क्योंकि मेरी मां मेरे कैरियर को ले कर बहुत सजग और जागरूक थीं. उन्होंने मुझे अलगअलग क्षेत्रों के अनुभवी लोगों से मिलवाया ताकि मैं उन से सीख सकूं और सही दिशा समझ सकूं. परिवार के बड़ों की सलाह भी इस में शामिल थी. मैं ने हमेशा उन की बातों और गाइडैंस का सम्मान किया क्योंकि मुझे उन पर पूरा भरोसा था और मैं उन से बहुत प्यार करती थी. आज भी जब मैं पीछे मुड़ कर देखती हूं तो लगता है कि शायद मैं कुछ भी अलग नहीं करती.
आप की अंडरग्रैजुएट की पढ़ाई ने आप की सोच और कैरियर को कैसे प्रभावित किया?
मैं पढ़ाई में हमेशा टौपर रही, इसलिए शुरुआत में मेरा मन अकादमिक क्षेत्र में जाने का था. लेकिन मेरे पास बिजनैस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स करने का विकल्प भी था. सिविल सर्विस और एमबीए दोनों के फायदे और चुनौतियों पर विचार किया उस के बाद मैं ने फाइनली एमबीए को कैरियर के तौर पर चुना.
ग्रैजुएशन के बाद आप ने अपने अगले कदम कैसे तय किए? आप की मुख्य प्रेरणाएं क्या थीं?
ग्रैजुएशन के बाद मेरा झुकाव सिविल सर्विस की ओर था, इसलिए मैं ने उस की तैयारी के लिए एक शौर्ट टर्म कोर्स भी किया. उस समय मेरा लक्ष्य स्पष्ट था लेकिन इसी दौरान मैं ने बिजनैस एडमिनिस्ट्रेशन के बारे में पढ़ा और जाना कि यह क्षेत्र प्रोफैशनल दुनिया में व्यापक अवसर देता है. धीरेधीरे मुझे महसूस हुआ कि
मैं मार्केटिंग और बिजनैस की दुनिया में ज्यादा सहज और उत्साहित महसूस करती हूं. यहां मुझे अपनी सोच, रचनात्मकता और कम्युनिकेशन स्किल्स का बेहतर उपयोग करने का मौका मिल सकता था. यह मेरी एक अनकही इच्छा भी थी कि मैं मार्केटिंग या बिजनैस के क्षेत्र में काम करूं. इसी इच्छा और सम?ा के आधार पर मैं ने यूपीएससी के बजाय एमबीए करने का निर्णय लिया.
मजाक की एक बात बताऊं तो मेरी मां ने कहा था कि सिविल सर्विस में बारबार ट्रांसफर होते रहते हैं जो शादीशुदा जीवन के लिए मुश्किल हो सकता है और दिलचस्प बात यह है कि आज मेरे कैरियर ने मु?ो कई शहरों और देशों में काम करने और सीखने का मौका दिया है.
अपनी शिक्षा से मिले कौन से प्रमुख कौशल या मूल्य आज भी आप का मार्गदर्शन करते हैं?
शिक्षा ने मुझे खुद को व्यक्त करने का महत्त्व और अपने विचारों पर आत्मविश्वास बनाए रखना सिखाया. इस से मुझे अपनी आवाज पहचानने में मदद मिली और हमेशा जिज्ञासु बने रह कर सीखते रहने की आदत विकसित हुई. सब से बढ़ कर इस ने मुझे दयालु, संवेदनशील बनने और हर काम में उत्कृष्टता पाने का प्रयास करने की सीख दी.
क्या आप को लगता है कि आप की शिक्षा ने आप को लोगों, संस्कृतियों और उपभोक्ता व्यवहार को बेहतर समझने में मदद की?
जी हां, बिलकुल. मैं ने असम के डिगबोई में एक कोएड स्कूल में पढ़ाई की, जहां पूरे भारत से आए लोगों का एक सांस्कृतिक संगम था. वहां मैं ने अलगअलग संस्कृतियों को समझना और उन का सम्मान करना सीखा और आज भी मैं उसी उत्साह के साथ हर संस्कृति का सम्मान और उत्सव मनाती हूं.
मैं हमेशा से लोगों से जुड़ने वाली इंसान रही हूं, इसलिए बातचीत के माध्यम से मुझे लोगों के सपने, उम्मीदें, इच्छाएं और डर को गहराई से सम?ाने का मौका मिला. यही समझ किसी भी व्यक्ति के व्यवहार के पीछे की असली प्रेरणा होती है.
अगर आप मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में नहीं होतीं तो आप किस क्षेत्र को चुनतीं?
अगर मैं इस क्षेत्र में नहीं होती, तो शायद मैं डांस या टीचिंग को चुनती.
अगर आप 17 साल की बबीता को सलाह दे सकतीं तो वे क्या होती?
मैं यही कहती कि और बड़े सपने देखने की हिम्मत करो. जो छात्र इस क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं तो उन्हें किन स्किल्स या विषयों पर ध्यान देना चाहिए?
द्य इस क्षेत्र में कैरियर बनाना किसी एक विषय तक सीमित नहीं है. स्टूडैंट्स को अपनी फौर्मल ऐजुकेशन के साथ कुछ जरूरी स्किल्स विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए.
प्रभावी तरीके से अपनी बात रखने की मजबूत क्षमता विकसित करें.
एकाग्र और स्पष्ट सोचने की आदत डालें.
पहल करने का आत्मविश्वास और साहस रखें.
अपनी रचनात्मकता को रोज निखारते रहें.
आज की युवा महिलाओं के लिए जो एडवर्टाइजिंग में कैरियर बनाना चाहती हैं क्या सलाह देंगी और आज के छात्रों के लिए आप का क्या संदेश है?
मेरी सलाह है कि आप अपने घर, राज्य, शहर और कंफर्ट जोन से बाहर निकलें. अपनी आवाज को पहचानें और यह सुनिश्चित करें कि वह सुनी भी जाए. हमेशा सीखते रहने की आदत रखें और खुद को लगातार बेहतर बनाते रहें.
आखिर में मैं यही कहूंगी कि हमेशा अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने की कोशिश करें न कि केवल जैंडर के आधार पर.

