इनवैस्टमैंट ऐंड बैंकिंग
Devina Mehra Investment Insights : देविना मेहरा भारत की पहली इनवैस्टिंग फर्म फर्स्ट ग्लोबल की फाउंडर हैं, जिन का दुनिया की हर बड़ी स्टाक मार्केट और मैगजींस में नाम दर्ज हुआ है.आज गृहशोभा उन के इंटरव्यू के जरीए, कालेज की ओर बढ़ते स्टूडैंट्स के लिए कुछ एडवाइस ले कर आई हैं:
आप की ऐजुकेशन जर्नी कैसी रही?
जब अंडर ग्रैजुएशन के लिए दिल्ली गई तो मु झे पता चला कि यहां होनोर्स में सब्सिडियरी सब्जेक्ट के अंक नहीं जुड़ते तो 1 साल बाद मैं ने लखनऊ यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया. यहां मैं ने मैथ, इंग्लिश और स्टैटिस्टिक्स को चुना जो आगे जा कर जीवन का आधार बनते हैं. फिर वहां मेरी परफौर्मैंस से मु झे आईआईएम अहमदाबाद में एडमिशन मिला.
आप के प्रोफैशन में सब से आनंददायक और सब से चुनौतीपूर्ण क्या रहा?
आनंद तो यह कि यह प्रोफैशन एक लर्निंग प्रोसैस है क्योंकि मार्केट में रोज कुछ नया देखने को, सीखने को मिलता है. दूसरा चैलेंजिंग यही है कि बाजार की फितरत है परेशान करना. मार्केट अनिश्चित है तो जोखिम हमेशा रहेगा ही.
ऐकैडमिक के साथ और कौन सी स्किल्स पर स्टूडैंट्स को फोकस करना चाहिए?
पहला कम्युनिकेशन स्किल्स पर काम करें. आप को लाइफ में आगे बढ़ना है, कैरियर में आगे जाना है, दुनिया में लोगों से मिलना है, डील करना है तो आप की कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छी होनी चाहिए. दूसरा आप की इंग्लिश अच्छी हो. आज हर जगह अच्छी इंग्लिश आना जरूरी है इसलिए इसे सीखें. साथ ही जो स्ट्रीम तुम ने ली है उस बारे में और सीखो. सिर्फ कालेज की पढ़ाई तक सीमित मत रहो.
मु झे याद है जब किसी ने मेरी मां से पूछा था कि आज बच्चों के लिए कौन सी स्ट्रीम सही है तो उन्होंने कहा था कि स्ट्रीम कौन सी है, यह इंपौर्टैंट नहीं है, आप उसे कैसे निभा पाओगे वह इंपौर्टैंट है यानी आप जो भी लो उस में पूरी मेहनत दो, उस में अपना बैस्ट दो. तभी आप सफल बनोगे और बदलाव में ढलने की क्षमता. आप ने डिगरी ली और बस सब हो गया, ऐसा नहीं होता है.
ऐजुकेशन हो, कैरियर हो, प्रोफैशन हो या यह पूरी दुनिया ही हो, बदलाव होते रहते हैं. इसलिए अपनी क्षमता बढ़ाओ ताकि समय पर हर चुनौती और बदलाव के लिए तैयार रहो. मु झे याद है जब हम आईआईएम से निकले तो सिक्युरिटी ऐनालिसिस जैसा कोई कैरियर था ही नहीं. यह तो 7-8 साल बाद इंडिया में शुरू हुआ. तब मैं ने इसे सीखा. इसलिए सीखते रहो.
आज फाइनैंस और इनवैस्टिंग सैक्टर में स्कोप कितना है?
आज फाइनैंस के हर सैक्टर में बहुत अच्छा स्कोप है. चाहे वह बैंक हो, स्टौकमार्केट हो और जो स्टूडैंट्स स्टौक मार्केट, इनवैस्टिंग मार्केट में कैरियर बनना चाहते हैं मैं उन से
कहूंगी कि यह मत सोचिए कि डे ट्रेडर बन कर या क्रिप्टो ट्रेडिंग कर बहुत पैसे कमा लेंगे तो यह सही नहीं है. यह एक खाई जैसा है. इसलिए एक प्रौपर कैरियर बनाने पर काम कीजिए और ग्रो कीजिए.
जहां भी आप का रु झान है वही कीजिए. आज ट्रेडिंग बहुत ट्रेडिंग और फैशनेबल है इसलिए इस के पीछे मत भागिए. अपने इंटरैस्ट में मेहनत करें.
क्या एक कालेज की अहम भूमिका होती है कैरियर में?
देखिए एक डिगरी आप को पहली जौब मिलने तक मदद करती है. उस के बाद आप का हार्ड वर्क और लर्निंग ही आगे ले जाती है. दूसरा कालेज से ज्यादा सब्जैक्ट इंपौर्टैंट हैं. आप बैस्ट कालेज चले गए लेकिन सब्जेक्ट वह लिया या मिला जिस में इंटरैस्ट नहीं तो क्या उस में अच्छा परफौर्म करेंगे? क्या वह आप को आगे ले जा पाएगा? इसलिए भले कालेज छोटा ही हो लेकिन सब्जैक्ट आप की पसंद का हो तो एडमिशन लो और पढ़ो. अपना पूरा फोकस दो क्योंकि पढ़ने से ही रास्ते खुलते हैं.
कैरियर के चुनाव में आप स्टूडैंट्स को क्या एडवाइस देना चाहेंगी?
पहली आज स्कूल में और बाहर भी काउंसलिंग सर्विसेज है तो उस की हैल्प लो.
दूसरा जो सब्जैक्ट या स्ट्रीम पसंद है, एक बार उस के प्रोफैशनल लोगों से मिलो. एक दिन उन के साथ गुजारो. देखो कि काम कैसे होता है, वे पूरा दिन क्या करते हैं. जैसे आप को ला पसंद है तो एक दिन या कुछ समय एक लायर के
साथ बिताओ. देखो कि उस की दिनचर्या, उस का काम कैसा रहता है ताकि तुम यह जान पाओ कि क्या तुम भी इतना समय और मेहनत आगे कर पाओगे. किताबें पढ़ो. अब यहां मेरा मतलब
सिर्फ आप के स्ट्रीम की किताबों से नहीं बल्कि बाकी तरह की किताबों से है. चाहे वह हिंदी हो, इंग्लिश हो, सैल्फ हैल्प हो, कुछ भी जो मन करे पढ़ो क्योंकि पढ़ने से आप के सोचने की शक्ति बढ़ती है, इमेजिनेशन बढ़ता है. मैं आज भी साल में 40 से 60 किताबें पढ़ती हूं और सिर्फ फाइनैंस ही नहीं हर तरह की. मेरे मां
आज 90 साल की हैं और वे भी किताबें पढ़ती रहती हैं. इसलिए कुछ न कुछ पढ़ते रहो और सीखते रहो.
जब कालेज से निकलो तो काम मिला उसे पकड़ लो. यह मत देखो कि और बड़ा मिलेगा तो करूंगा या वहां मिलेगा तो करूंगा. जो सामने है उसे ले लो क्योंकि आप जब तक करोगे नहीं सीखोगे नहीं. इसलिए शुरुआत करो रास्ते बनते चले जाएंगे.
इस समय की गर्ल स्टूडैंट्स से क्या कहना चाहेंगी?
मेरी पढ़ाई, चौइस सब ठीक रही. हां, एक चीज जो मैं ने बाद में फील की कि लड़कियों के बात रखने पर कई बार उसे काट दिया जाता है. तो मैं बस यही कहूंगी कि जब आप बात करे और कोई आप की बात अपनी बात रखना चाहे तो आप खुद के लिए खड़ी हों और बोलो कि पहले मु झे मेरी बात खत्म कर ने दो और अपने सपनों, अधिकारों, ऐंबिशन के लिए लड़ो, अपने पैसे खुद मैनेज करो क्योंकि आज भी मैं देखती हूं कि लड़कियां कमा रही हैं लेकिन उन के पैसे घर के पुरुष यानी पति, पिता या भाई मैनेज कर रहे है. भले स्टार्ट आप 100 रुपए से करो.
थोड़ाथोड़ा हर चीज में इनवैस्ट करो जैसे कुछ इक्क्टि में, कुछ फिक्स्ड डिपौजिट में, कुछ गोल्ड में क्योंकि मैं ने अकसर महिलाओं को देखा कि वे 2 चीजों में ज्यादा इंटरैस्ट लेती हैं- डे ट्रेडिंग और पीपीएफ. तो सारा सिर्फ इसी में इनवैस्ट करना भी ठीक नहीं. इसलिए थोड़ाथोड़ा इनवैस्ट करो और अपना पैसा खुद मैनेज करो.

