Career growth tips : ऐजुकेशन सिर्फ स्कूलकालेज की डिगरी या किताबी ज्ञान नहीं बल्कि यह सोचने, सम झने, चुनने और जीने का तरीका बदलने वाली ताकत है. हमारे रोजमर्रा के फैसलों से ले कर बड़े सामाजिक बदलाव तक ऐजुकेशन की भूमिका कई स्तरों पर दिखती है. ऐजुकेशन है तो आप की जिंदगी में सबकुछ संभव है. जिंदगी के संघर्षों में विजय निश्चित है क्योंकि ऐजुकेशन ही वह हथियार है जिस के सहारे आप अपने जीवन की हर पूंजी को संभाल सकते हैं, बढ़ा सकते हैं और अपनी आने वाली पीढ़ी को बांट सकते हैं. सही नौलेज और ऐजुकेशन आप का दिमाग खोलती है, सोचनेसम झने की शक्ति देती है. अंधेरे रास्तों में रोशनी बन कर आप को मंजिल तक पहुंचाती है.

ऐजुकेशन की वजह से हम अफवाहों, भ्रामक विज्ञापनों या  झूठे वादों से बच कर अपने कैरियर, सेहत, पैसों और रिश्तों के बारे में बेहतर फैसले ले पाते हैं. ऐजुकेशन हो तो खुद पर भरोसा बढ़ता है. यही भरोसा हमें जोखिम लेने, नौकरी बदलने या अपना काम शुरू करने का साहस देता है. ऐजुकेशन सिर्फ ‘डिगरी’ नहीं बल्कि समस्या सुल झाने, अपनी बात आगे रखने और सच झूठ में फर्क सीखने की क्षमता देती है.

शिक्षित मातापिता ही बच्चों की पढ़ाई में सही मदद कर पाते हैं. वे उन के लिए हैल्थ और न्यूट्रिशन के सही औप्शन चुनते हैं और साथसाथ जैंडर इक्वैलिटी को बढ़ावा देते हैं. वे अपने बच्चों को विभिन्न तरह के लोगों से भेदभाव करने की मानसिकता से दूर रखते हैं. ऐजुकेशन लोगों को वोट, कानून और अधिकारों की सही सम झ देती है.

ऐजुकेशन व्यक्तिगत आजादी, परिवार की भलाई, समाज की प्रगति और देश के विकास की बुनियाद है. ऐजुकेशन उन्नति और खुशहाली का पर्याय है. यही वजह है कि गृहशोभा ने अपने कुछ अंक ऐजुकेशन के नाम किए हैं ताकि पाठक इस का भरपूर लाभ उठा पाएं. अपने साथसाथ अपने बच्चों को भी सही फैसले लेने के काबिल बना सकें. ये अंक पेरैंट्स और यंग दोनों के पढ़ने लायक बनाए गए हैं.

आज के समय में कैरियर के बहुत से रास्ते हैं. 12वीं के बाद क्या किया जाए यह फैसला लेना आसान नहीं होता. रैग्युलर कोर्स की कौन पूछे आज प्रोफैशनल कोर्सेज की भी भरमार है. ऐसे में यह सम झना बहुत जरूरी है कि कौन से कोर्स भविष्य में बेहतर रिटर्न देंगे, किन में प्लेसमैंट अच्छी मिलती है और क्या करने से लाइफ सिक्योर हो जाएगी. इस के साथसाथ युवा  का इंटरैस्ट भी बहुत माने रखता है. जिस में इंटरैस्ट हो उस फील्ड में किस तरह के कोर्स सफलता देंगे यह डिसाइड करना जरूरी हो जाता है.

ऐजुकेशन सीरीज मार्च (द्वितीय) में क्या है स्पैशल

ऐजुकेशन सीरीज के मार्च (द्वितीय) अंक में भी आप को ऐजुकेशन पर विस्तृत रोचक जानकारी दी जा रही है.

कई अलगअलग फील्ड के खास लोगों के इंटरव्यू हैं जैसे सुदेशना दत्ता मार्केट रिसर्च एंड एनालिटिकल आईटी कंसल्टिंग फील्ड से, सुधा सहाय ऐकैडमिक फील्ड से, तृष्णा चौधरी टीचिंग फील्ड से, सौम्या मोहंती मार्केटिंग रिसर्च के फील्ड से, देवीना मेहरा इनवैस्टिंग ऐंड बैंकिंग सैक्टर से और विजी वैंकटेश ऐंटरटैनमैंट इंडस्ट्री से.

इस के साथसाथ प्रकाशित लेखों में स्किल बेस्ड कोर्सेस से जुड़ी जानकारी और ऐंटरटेनमैंट की फील्ड में क्या हैं कैरियर औप्शंस जैसे विषयों पर सटीक जानकारी भी है.

ऐजुकेशन सीरीज मार्च (प्रथम) में आप ने पढ़ा ऐजुकेशन सीरीज के मार्च प्रथम अंक से गृहशोभा ने ऐजुकेशन जर्नी की शुरुआत की जिस में शिक्षा और कैरियर चुनाव से जुड़े कई महत्त्वपूर्ण पहलुओं को कवर किया गया.

अलग अलग फील्ड्स के ऐक्सपर्ट्स से विस्तार में बातचीत भी इस अंक का हिस्सा रही ताकि स्टूडैंट्स को कैरियर डिसीजन लेने में सहायता मिले जैसे मंजरी जारूहार (सिविल सर्विसेज), संचयिता वर्मा (मार्केटिंग ऐंड एडवर्टाइजिंग), अमीरा शाह (हैल्थ केयर सैक्टर), निगार शाजी (स्पेस साइंस), सुनीति घोषाल (मेकिंग), ऋतु लाल (मैनेजमैंट), मालबिका सरकार (ऐकैडमिक) इत्यादि.

इस के साथसाथ प्रोफैशनल डिगरी, कोचिंग चुनाव से जुड़े आर्टिकल्स पब्लिश किए गए जिन में प्रैक्टिकल नौलेज और स्मार्ट कैरियर के बार में बातें की गई जैसे कैसे लें प्रोफैशनल कालेज में एडमिशन, ग्रैजुएट होने से नहीं बनेगी बात, क्यों है प्रोफैशनल डिगरी और कोर्स की मांग आदि.

ऐजुकेशन सीरीज मार्च से जुलाई तक एजुकेशन सीरीज के मार्च (प्रथम) अंक में प्रकाशित ऐक्सपर्ट्स से बातचीत और जानकारीपरक लेखों को विस्तार से पढ़ने के लिए गृहशोभा की वैबसाइट https://www.grihshobha.in/career-guide विजिट करें.