दीपा कृष्णन मानती हैं कि आज के समय में केवल कक्षा में बैठ कर सीखना काफी नहीं है. आजकल अनुभव आधारित शिक्षा का महत्त्व बढ़ रहा है और यात्रा इस का एक प्रभावी माध्यम है. यात्रा हमें विभिन्न संस्कृतियों, जीवनशैलियों और विचारों से परिचित कराती है, जिस से हमारा दृष्टिकोण व्यापक होता है और हमें नई अंतर्दृष्टि भी मिलती है.
उन्होंने हम से खास बातचीत की. पेश हैं, कुछ खास अंश:
आप ने कालेज में जो विषय पढ़े, क्या उस समय आप को लगता था कि वे आगे चल कर आप के कैरियर को प्रभावित करेंगे?
उस समय कैरियर को ले कर मेरी जानकारी बहुत सीमित थी. न इंटरनैट था और न ही काउंसलिंग की सुविधा.
मैं ने केवल कौस्ट अकाउंटैंट और चार्टर्ड अकाउंटैंट जैसे विकल्पों के बारे में ही सुना था लेकिन मेरी अकाउंटिंग या कौमर्स के अन्य विषयों में कोई विशेष रुचि नहीं थी. मैं खुद को एक ऐसी जगह पर महसूस करती थी जहां शायद
मुझे होना ही नहीं चाहिए था जैसे ‘फिश आउट औफ वाटर.’
क्या कालेज के दौरान किसी ऐक्स्ट्रा करिकुलर ऐक्टिविटी, यात्रा या अनुभव ने आप को नई दिशा दी?
मैं ने कालेज के दौरान बहुत सी ऐक्स्ट्रा करिकुलर ऐक्टिविटिज में भाग लिया. क्विज और प्रतियोगिताओं जैसी ऐक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों में भाग लेने से मेरे आत्मविश्वास को काफी बढ़ावा मिला. आईआईएम के एडमिशन प्रोसैस के दौरान इसी वजह से मैं गु्रप डिस्कशन और इंटरव्यू को अच्छे से संभाल पाई.
क्या आप को लगता है कि आप की शिक्षा ने दुनिया को देखने और समझने का आप का नजरिया बदला?
आईआईएम कोलकाता में मुझे जो सब से बड़ी सीख मिली, वह मेरे सहपाठियों से मिली. मेरी क्लास में बहुत से प्रतिभाशाली स्टूडैंट्स थे. मुझे कभीकभी ऐसा लगता था कि वे सब के सब मुझ से ज्यादा बुद्धिमान हैं. वे देश के अलगअलग हिस्सों से थे और उन की सोच व पृष्ठभूमि विविध थी.
कुछ खुले विचारों वाले थे तो कुछ की सोच संकीर्ण और सीमित थी. कुछ कैरियर को ले कर बहुत ज्यादा फोकस्ड थे तो कुछ अधिकतर समय मौजमस्ती में बिताते थे. कालेज कैंपस एक किस्म की जीवन पाठशाला थी जहां क्या ज्यादा माने रखेगा और क्या बिलकुल नहीं यह सिर्फ मुझे ही तय करना था.
इस माहौल ने मेरी यह समझने में मदद की कि मेरे लिए क्या महत्त्वपूर्ण है और मैं किस तरह के लोगों के साथ जुड़ना चाहती हूं.
कालेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद आप ने अपने कैरियर के शुरुआती कदम कैसे तय किए?
एमबीए के बाद मैं ने लेक्मे लिमिटेड में जौइन किया, लेकिन जल्द ही अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए नौकरी छोड़ दी.
एक उद्यमी के रूप में आप को क्या लगता है कि शिक्षा किसी व्यक्ति को व्यवसाय शुरू करने के लिए किस तरह तैयार करती है?
मैं ने मार्केटिंग में स्पैशलाइजेशन के साथ एमबीए किया जो आप को एक अच्छा मैनेजर बनाता है लेकिन जरूरी नहीं कि वह आप को उद्यमी भी बना दे.
आज के समय में उद्यमिता के लिए विशेष कोर्स उपलब्ध हैं जो इस दिशा में अधिक उपयोगी साबित होते हैं.
आप की संस्था मैजिक टूर स्कूल और कालेज के लिए ऐजुकेशनल टूर्स आयोजित करती है. इन टूर्स के माध्यम से छात्रों को किस तरह की सीख मिलती है?
शहरी स्कूलों के स्टूडैंट्स के लिए हम ग्रामीण भारत के टूर आयोजित करते हैं, जहां छात्र किसानों, बुनकरों, कलाकारों और एनजीओ से मिलते हैं. हम ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पारिस्थिति की, आय के पैटर्न और ग्रामीण जीवन के विभिन्न सामाजिक पहलुओं को सम?ाने के लिए चर्चाएं और वर्कशौप्स आयोजित करते हैं. अकसर छात्रों की मुलाकात जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले लोगों से होती है और वे उन की प्रेरणादायक कहानियां सुनते हैं. यह अनुभव छात्रों को एक नई सोच से परिचित कराता है. मेरा मानना है कि इस तरह का अनुभव शिक्षा का एक बहुत महत्त्वपूर्ण हिस्सा है.
अगर आप पर्यटन और यात्रा के क्षेत्र में नहीं आतीं तो आप को क्या लगता है कि आप किस क्षेत्र में काम कर रही होतीं?
संभवत: मैं समाज सेवा के क्षेत्र में काम कर रही होती.
जो छात्र टूरिज्म, कल्चर या ट्रैवल से जुड़े क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहते हैं उन्हें किन स्किल्स पर ध्यान देना चाहिए?
टूरिज्म और हौस्पिटैलिटी सैक्टर में कई तरह के कैरियर विकल्प होते हैं. कुछ लोगों के साथ सीधे काम करने वाले (कस्टमर फेसिंग) और कुछ बैक ऐंड या औपरेशंस से जुड़ें. इसलिए सब से पहले यह सम?ाना जरूरी है कि आप की रुचि किस तरह के काम में है.
इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कम्युनिकेशंस स्किल्स बहुत महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि आप को अलगअलग लोगों और संस्कृतियों से जुड़ना होता है. इस के साथ ही कल्चर, खानपान और ट्रैवल के प्रति सच्ची लगन होनी चाहिए.
अगर आप होटल मैनेजमैंट, कैटरिंग या फूड इंडस्ट्री में जाना चाहते हैं तो उस से जुड़े प्रोफैशनल कोर्सेज करना फायदेमंद रहता है. वहीं टूरिज्म के अंदर ऐडवैंचर, वाइल्डलाइफ या ऐजकेशनल टूरिज्म जैसे स्पैशिलाइज्ड क्षेत्रों में भी काफी अवसर हैं, जहां स्पैसिफिक नौलेज और स्किल्स की जरूरत होती है.
आज के समय में सोशल मीडिया और मार्केटिंग स्किल्स भी बहुत काम की हैं. अगर आप कंटैंट क्रिएशन, प्रमोशन या ब्रैंडिंग में अच्छे हैं तो टूरिज्म मार्केटिंग में अपना कैरियर बना सकते हैं.
अगर आप टूरिज्म और हौस्पिटैलिटी में कैरियर बनाना चाहते हैं तो मेरा सु?ाव यही होगा कि आप को फौर्मल पढ़ाई के साथसाथ स्कूल या कालेज के इवेंट्स में एक्टिवल 4 हिस्सा लेना चाहिए खासकर और्गेनाइजिंग या मार्केटिंग टीम का हिस्सा बनें. इस से प्लानिंग, कोऔर्डिनेशन और पिपल मैनेजमैंट जैसी स्किल्स विकसित होती हैं जो इस क्षेत्र में बहुत काम आती हैं.
आज के छात्रों के लिए आप की सब से महत्त्वपूर्ण कैरियर सलाह क्या होगी?
सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रहें. अपनी रुचियों और स्किल्स को भी पहचानें और उन्हें विकसित करें. ऐसा कैरियर चुनें जो आप की पसंद और क्षमताओं के अनुसार हो.

