Parenting Tips :  यंग पेरेंट्स के लिए बच्चों के साथ समय बिताना और साथ में खेलना न केवल बॉन्डिंग मजबूत करता है, बल्कि यह तनाव कम करने का भी एक बेहतरीन जरिया है. अपने बच्चों के साथ जुड़ने और मनोरंजक समय बिताने के लिए कई तरह के फैमिली गेम्स उपलब्ध हैं. ये खेल न केवल मनोरंजन करते हैं, बल्कि बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास में भी मदद करते हैं. यहाँ कुछ मजेदार और रचनात्मक गेम्स दिए गए हैं जिन्हें आप घर पर खेल सकते हैं:

जनरल फिजिशियन डॉक्टर रिया अग्रवाल-  एक निश्चित समय तय करें जब घर का कोई भी सदस्य फोन का इस्तेमाल नहीं करेगा

रिया अग्रवाल का इस बारे में कहना है कि जो बच्चे स्पोर्ट्स में एक्टिव रहते हैं, उनकी पढ़ाई में ध्यान लगाने की क्षमता उन बच्चों से बेहतर होती है जो घंटों स्क्रीन के सामने बिताते हैं. इसलिए शाम को एक निश्चित समय तय करें जब घर का कोई भी सदस्य फोन का इस्तेमाल नहीं करेगा. उस समय पार्क जाना या साथ टहलना सबसे अच्छा है. साथ ही बच्चों को उन खेलों से परिचित कराएं जो हम बचपन में खेलते थे—जैसे कैरम, लूडो, खो-खो या पिट्ठू. यह न केवल उन्हें व्यस्त रखेगा बल्कि पारिवारिक जुड़ाव भी बढ़ाएगा.

बच्चे अक्सर वही करते हैं जो वे अपने माता-पिता को करते देखते हैं. अगर हम उनके सामने कम फोन चलाएंगे और खुद एक्टिव रहेंगे, तो वे भी सहजता से इसका पालन करेंगे. उन्हें छोटे-छोटे काम जैसे पौधों में पानी देना या अपनी अलमारी ठीक करने में शामिल करें. इससे उनमें जिम्मेदारी का अहसास होता है और वे एक्टिव रहते हैं.

शब्दों की अंताक्षरी

यह सामान्य गानों वाली अंताक्षरी से अलग है. इसमें आपको एक शब्द बोलना है और अगला व्यक्ति उस शब्द के आखिरी अक्षर से एक नया शब्द बोलेगा.

मैं एक शब्द लिखूँगा और आपको उसके आखिरी अक्षर से नया शब्द शुरू करना होगा. जैसे- शुरुआत मैं करता हूँ:

मेरा शब्द है: कलम

आखिरी अक्षर है: म

अब आपकी बारी! ‘म’ से आपका शब्द क्या है?

आप इसमें ‘जानवर’, ‘फल’ या ‘देशों के नाम’ जैसी थीम भी रख सकते हैं.

चित्र पहेली (Pictionary):

एक कागज या बोर्ड पर कुछ ड्रा करें जैसे कि बड़ा आयत (Rectangle), उसके अंदर एक छोटा चौकोर (Square), उस चौकोर के नीचे बहुत सारे छोटे-छोटे बटन जैसे डिब्बे बना दिए और उसके बगल में एक पूंछ वाला छोटा सा गोला बना दिया बताइए और परिवार के बाकी सदस्यों को गेस करने दें कि, बोर्ड पर यह क्या बना है?

चेस

आज के ‘इंस्टेंट’ युग में, जहाँ सब कुछ तुरंत चाहिए, शतरंज बच्चों को घंटों एक जगह बैठकर ध्यान केंद्रित करना और अपनी बारी का धैर्य से इंतजार करना सिखाता है.जब खेल में वजीर (Queen) फंस जाए या राजा पर हमला हो, तब बच्चा दबाव में शांत रहकर समाधान ढूंढना सीखता है.

शतरंज सिखाता है कि हर गलती की एक कीमत होती है और हार से डरने के बजाय उससे सीखकर अगली बार बेहतर तैयारी कैसे की जाए.रिसर्च बताती है कि शतरंज खेलने वाले बच्चों की मैथमेटिकल रीजनिंग और रीडिंग स्किल्स में भी काफी सुधार देखा गया है, क्योंकि यह खेल मस्तिष्क के दोनों हिस्सों (बाएं और दाएं) को सक्रिय करता है.

यहीं नहीं शतरंज का खेल बच्चों के दिमाग के विकास के लिए बेहद जरूरी है. शतरंज फोकस और कॉन्सन्ट्रेशन का गेम है. रोजाना बच्चों को कम से कम 1 घंटा बैठकर चेस का गेम खिलाना चाहिए. इससे बच्चों का पढ़ाई में फोकस बढ़ेगा. इसके अलावा बच्चों की मेमोरी भी तेज होगी.

डांस एंड फ्रीज

म्यूजिक बजाएं और सबको डांस करने दें. जैसे ही म्यूजिक रुके, सबको ‘स्टैच्यू’ बन जाना है. जो हिलेगा, वह आउट! इस तरह इसमें सबसे पहले कोई सॉन्ग चलाएं और बच्चों को उसके साथ डांस करने दें. अचानक सॉन्ग को पॉज़ करें और बच्चों से फ्रीज होकर रुकने के लिए कहें. इस गेम से बच्चों का परिवार के साथ कनेक्शन मजबूत होता है और यह उन्हें बाहरी प्रभावों से प्रभावित होने से भी बचाता है.

Pretend प्‍ले है अच्‍छा व‍िकल्‍प

रोल प्‍लेज. कभी टीचर पेशेंट, कभी डॉक्‍टर मरीज, कभी मम्मी और बच्चा. बच्‍चों का क्रि‍एट‍िव इमेज‍िशन बूस्‍ट करने के ल‍िए Pretend Play बहुत अच्‍छा व‍िकलप है. इस गेम को बच्चे को कस साथ खेलें इससे बच्चा क्रिएटिव बनेगा.

‘हाइड एंड सीक यानी पकड़म-पकड़ाई

‘ यह खेल भी बच्‍चों के साथ बॉन्‍ड‍िंग बेहतर करने के ल‍िए अच्‍छा व‍िकल्‍प है.  पूरे घर में बच्चों के साथ दौड़ो-भागो और बिना एक पैसा खर्च किए करो ढेर सारा फन.

बच्चों के साथ ‘हाइड एंड सीक’ (छुपम-छुपाई) खेलना न केवल मजेदार है, बल्कि यह उनके विकास के लिए भी बहुत फायदेमंद है. यह खेल बच्चों में धैर्य (Patience) और समस्या समाधान (Problem Solving) के कौशल को बढ़ाता है.अगर बच्चा छोटा है, तो छुपने के बाद आप धीरे-धीरे ताली बजा सकते हैं या कोई आवाज़ कर सकते हैं. इससे बच्चे को ‘Sound Localization’ (आवाज़ की दिशा पहचानना) सीखने में मदद मिलती है. सिर्फ 1 से 20 तक गिनने के बजाय, बच्चे को टेबल (पहाड़े) सुनाने या किसी कविता को गाते हुए गिनने के लिए कहें. इससे खेल के साथ-साथ पढ़ाई का अभ्यास भी हो जाता है. अगर दो बच्चे हैं, तो आप एक बच्चे के साथ मिलकर दूसरे को ढूंढ सकते हैं. इससे टीम में काम करने की भावना पैदा होती है.

खजाने की खोज (Treasure Hunt)

घर के अंदर छोटी-छोटी चीजें छुपा दें और बच्चों को सुराग (clues) दें. यह गेम घंटों तक बच्चों को व्यस्त रख सकता है.

उदाहरण- पहली पर्ची पर लिखें, “मैं ठंडा हूँ और अंदर खाना रखता हूँ.” बच्चा फ्रिज के पास जाएगा, जहाँ उसे दूसरी पर्ची मिलेगी.

यह खेल बच्चों की भाषा और सोचने की शक्ति को बेहतर बनाता है.

छोटे बच्चों के लिए, जो अभी पढ़ नहीं सकते, आप कागज़ पर जगह की फोटो बना सकते हैं. जैसे- सोफे का चित्र, जूते के रैक का चित्र या गमले का चित्र. बच्चा चित्र देखकर उस जगह तक पहुँचेगा.बच्चे को एक बाल्टी या थैला दें और उसे घर में से अलग-अलग रंगों की चीज़ें ढूंढकर लाने को कहें.

टास्क: “अगले 2 मिनट में 5 नीली चीज़ें ढूंढकर लाओ!”

लूडो और Uno

आप बच्‍चों के साथ uno, स्‍नैक्‍स एंड लेडर्स और लूडो जैसे गेम खेल सकते हैं. इससे उनका धैर्य, क्र‍िट‍िक्र‍िल थि‍क‍िंग और स्‍ट्रैट‍िक थ‍ि‍क‍िंग बहुत ज्‍यादा डेवलेप होता है.

लूडो में अक्सर गोटी ‘कट’ जाती है. यह बच्चों को सिखाता है कि हारना खेल का हिस्सा है और फिर से शुरुआत की जा सकती है.

रणनीति (Strategy): कौन सी गोटी घर से बाहर निकालनी है और किसे ‘सेफ ज़ोन’ में रखना है, यह बच्चों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है.

खेल को और मजेदार बनाने के लिए आप ‘Home Rule’ जोड़ सकते हैं. जैसे- अगर छक्का (6) आए, तो बच्चे को कोई छोटा सा टास्क (जैसे एक कविता सुनाना या जंप करना) करना होगा.

Uno में टीम वर्क: अगर बच्चे छोटे हैं, तो आप उनके साथ टीम बनाकर बड़े सदस्यों के खिलाफ खेल सकते हैं. इससे उन्हें सपोर्ट महसूस होता है.

मेमोरी ट्रे (Memory Game)

इसमें लगभग पांच-छह चीजें रखकर बच्चों को याद करने के लिए कहें. इसके बाद आप इनमें से एक चीज हटा दें और बच्चों से पूछें कि अब क्या गायब हुआ है. इस गेम से बच्चों की मेमोरी शार्प होती है, साथ ही यह फैमिली बॉन्डिंग और फन टाइम बढ़ाने में भी मदद करता है.

एक ट्रे में 10-15 अलग-अलग चीजें (जैसे चाबी, पेन, खिलौना, फल) रखें. सबको 30 सेकंड तक उसे देखने दें, फिर उसे ढक दें. अब सबको याद करके उन चीजों के नाम लिखने या बोलने होंगे.

गेम खेलते समय जीतने-हारने से ज्यादा हंसी-मजाक और बातचीत पर ध्यान दें. बच्चों के लिए यह मायने नहीं रखता कि गेम कौन जीता, बल्कि यह मायने रखता है कि उनके माता-पिता ने उनके साथ कितना क्वालिटी टाइम बिताया.