कहानी के बाकी भाग पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

अंश चुप रहा. सुहास और नितिन को गुस्सा आया कि बच्चे से ऐसे सवाल करने की यह क्या तमीज है.

इतने में महिला के दोनों बच्चे भी बोल उठे, ‘‘बताओ न अंश कैसा लगता है?’’

अंश ने अपने दोनों हाथों में नितिन और सुहास का 1-1 हाथ पकड़ कहा, ‘‘अच्छा लगता है. तुम लोगों को तो एक पापा का प्यार मिलता है, मेरे तो 2-2 पापा हैं. सोचो, कितना मजा आता होगा मुझे.’’

सन्नाटा सा छा गया. सुहास ने आंखों की नमी को गले में ही उतार लिया. नितिन ने अंश के सिर पर अपना दूसरा हाथ रख दिया.

सुमन ने अंश का कंधा थपथपाते हुए कहा, ‘‘वैरी गुड, अंश, वैलसैड.’’

उस दिन जब तीनों पार्टी से लौटे, स्नेह का बंधन और मजबूत हो चुका था.

समय अपनी रफ्तार से चलता रहा. एमबीए करते ही अंश को अच्छी जौब भी

मिल गई. अंश की कई लड़कियां भी दोस्त थीं. उस का फ्रैंड सर्कल अच्छा था. उस के दोस्त जब भी घर आते, उत्सव का सा माहौल हो जाता. सुहास और नितिन एप्रिन बांधबांध कर कभी किचन में घुस जाते, कभी खाना बाहर से और्डर करते. सुहास और नितिन को यह देख कर अच्छा लगता कि अंश का गु्रप उन के रिश्ते को सम्मानपूर्वक देखता है, सोच कर अच्छा लगता कि आज के युवा कितने खुले और नए विचारों के हैं. पर दोनों की चिंताओं ने अब नया रूप ले लिया था.

ये भी पढ़ें- जिंदगी-एक पहेली: भाग-11

एक दिन सुहास ने कहा, ‘‘नितिन, अंश की कोई गर्लफ्रैंड होगी न?’’

नितिन हंसा, ‘‘इतने हैंडसम बंदे की गर्लफ्रैंड तो जरूर होगी, शैतान है, बताता नहीं. मैं ने एक दिन पूछा भी था तो बोला, जल्दी क्या है.’’

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

25% की बचत

डिजिटल

USD99 USD49 /Year
सब्सक्राइब करें

फायदे

  • गृहशोभा मैगजीन का सारा कंटेंट
  • 2000+ फूड रेसिपीज
  • 6000+ कहानियां
  • 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
Best Value - 26% की बचत

24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल

USD200 USD149 /Year
सब्सक्राइब करें

फायदे

  • 24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल एक्सेस
  • फ्री गृहशोभा ऐप
  • सभी गृहशोभा इवेंट्स के फ्री इन्विटेशन
(नाश्ता + लंच + ₹1000 तक गिफ्ट हैम्पर + किसना डायमंड पेंडेंट)
  • डिजिटल कवरेज का मौका (Women Achievers & Influencers)
  • 2000+ फूड रेसिपीज | 6000+ कहानियां | 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...