आस्था का कहना है कि जब मुझे पहली बार पीरियड आया, तो वह सामान्य था लेकिन उस के बाद कई महीनों तक मुझे पीरियड नहीं आया. फिर डाक्टर ने दवाई दी, तो कई महीने सामान्य तरीके से पीरियड आता रहा लेकिन फिर रुक गए. जब दवा खाती थी तभी पीरियड आता था. डाक्टर का इस पर कहना था कि यह कोई बीमारी नहीं है. धीरेधीरे ठीक हो जाएगा. लेकिन सही नहीं हुआ.

डाक्टर का कहना था कि इस से आगे चल कर मेरी प्रैगनैंसी में कोई परेशानी नहीं होगी इसलिए यूज टू हो गए. कभी पीरियड्स सामान्य रहे और जब कभी नहीं आते तो मैं इस के लिए दवा खा लेती.

लेकिन परेशानी तब हुई जब मेरा बौयफ्रैंड बना. हम सैक्सुअल ऐक्टिव भी हैं. लेकिन अभी पिछले महीने मुझे पीरियड नहीं आया. पहले तो लगा यह सामान्य है लेकिन फिर भी मन में कहीं न कहीं यह डर है कि कहीं मैं प्रैगनैंट तो नहीं हो गई. हम प्रोटैक्शन यूज करते हैं लेकिन फिर भी मन में डर रहता है कि कहीं मैं प्रैगनैंसी को पीरियड का रैगुलर न होना समझ कर ट्रीट तो नहीं कर रही और बाद में मुझे कुछ और ही पता चले और तब तक देर न हो जाए? ऐसे न जाने कितने सवालों से आजकल मैं जूझ रही हूं.

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