हाल ही में हुई एक रिसर्च से ये बात सामने आयी है कि अत्यधिक गर्मी और लू की वजह से महिलाओं में हार्मोन का बैलेंस बिगड़ रहा है. इससे कुछ महिलाओं में अनियमित पीरियड्स की शुरुआत हो जाती है तो कुछ को पेन ज्यादा होने लगता है, तो कुछ ज्यादा फ्लो होने की समस्या से भी परेशान हो जाती है. शोध में ये बात भी सामने आयी है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से भी ये सब हो रहा है.

क्या कहती है रिसर्च

यह रिसर्च काफी हाल ही की है, जो साल 2023 और 2024 के दौरान की गई थी. दरअसल, उत्तर भारत में (विशेषकर राजस्थान के जोधपुर और आस-पास के इलाकों में) साल 2023 और 2024 के गर्मियों के महीनों में यानी अप्रैल, मई और जून के दौरान जब तापमान 45 से 48 डिग्री के पार पहुंच रहा था तब महिलाओं पर हीटवेव (लू) के इस असर को करीब से स्टडी किया गया. शोधकर्ताओं ने इन दो सालों की भीषण गर्मी के दौरान डेटा इकट्ठा किया और देखा कि कैसे लगातार बढ़ते पारे का सीधा संबंध महिलाओं के बिगड़ते मासिक धर्म (Menstrual Cycle) से था. इसकी रिपोर्ट और निष्कर्ष पिछले साल के अंत तक पूरी तरह सामने आए.

शोधकर्ताओं ने जोधपुर और उसके आस-पास के ग्रामीण व शहरी इलाकों की 200 से अधिक महिलाओं पर यह स्टडी की.

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