Lock Upp 2 : फिल्मी और नकली लॉकअप और असली जेल में यही फर्क होता है , जहां फिल्मी और नकली लॉकअप दर्शकों के मनोरंजन के लिए पूरी तरह से स्क्रिप्टेड होती है . वहीं अगर असली जेल में पहुंच जाए तो अच्छे अच्छो को नानी याद आ जाती है , क्योंकि असली जेल मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि गलत काम करने वाले कैदियों की सजा के लिए होती है.

लेकिन जब नेटफ्लिक्स के नकली जेल लॉकअप 2 में सुनीता आहूजा गोविंदा की पत्नी, और टी वी और फिल्म एक्टर राम कपूर जैसे बड़ी उम्र के सेलिब्रिटीज को इस रियलिटी शो का हिस्सा बनाया जाता है उनकी सेहत का खाने पीने का भी ध्यान रखना शो के मेकर्स की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इसके विपरीत सुनीता आहूजा और राम कपूर जिनको पहले से डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी भी है उन्हें खाने को लेकर परेशान होना पड़ा , नकली जेल में जब असली जेल जैसा खाना आने लगा तो राम कपूर और सुनीता आहूजा सहित बाकी सेलिब्रिटीज ने भी वह खाना खाने से इनकार कर दिया. सुनीता आहूजा जो पहले से ही मुंहफट है उन्होंने सूप को गाय की मूत जैसा बता कर रोना धोना शुरू कर दिया , और शो के मेकर्स को मां बहन पर गालियां देनी शुरू कर दी. वही राम कपूर भी गुस्से से पागल हो गए और शो छोड़ने की मांग करने लगे , बाकी सेलिब्रिटीज जो अपना करियर बनाने आए हैं वह लॉकअप की सजा को नाम शोहरत और पैसे के लालच में मजबूरी में सहन कर रहे हैं.

ऐसे में सवाल यही उठता है रियलिटी शो को रियल दिखाने वाले मेकर्स का बड़ी उम्र के लोगों को शो का हिस्सा बनाना कहा तक सही है ? वह भी तब जब ये सेलेब्रिटी डायबिटीज डिप्रेशन और कई अन्य हेल्थ प्रॉब्लम का पहले से शिकार है.

हालांकि सुनीता शो में अच्छा खेल रही है लेकिन अब जब कि मेकर्स उनकी जिंदगी से खराब खाना और टेंशन देकर खेल रहे है तो उनका दुखी होना लाजिमी है . ऊपर से बची कूची कसर कंगना रनौत ने पूरी कर दी जिन्होंने शो में बतौर गेस्ट जज आ कर राम कपूर की भर भर के बेइज्जती कर दी . यानी कि रियल्टी शो के जेल में सिर्फ खाना खराब नहीं मिलेगा ,बल्कि अपने से जूनियर कलाकार से बेइज्जती भी सहन करनी पड़ेगी. अगर पैसा कमाने की इच्छा है तो.

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