Hindi Kahaniyan : आस्था एक सामान्य सी लड़की थी जो एक छोटे से कसबे में अपने मातापिता और 2 छोटे भाइयों के साथ रहती थी. उस के जीवन में कोई बड़ी मुश्किल नहीं थी. सबकुछ ठीक चल रहा था. लेकिन एक दिन उस की जिंदगी में एक बड़ा मोड़ आया, जब उसे अपने कसबे में रह रहे एक लड़के आदित्य से प्यार हो गया. आदित्य शहर से आया था. वह यहां के इंटर कालेज में हिंदी व्याख्याता पद पर था. आदित्य की आंखों में जो सपने थे, आस्था ने उन्हें देखा और उन सपनों में खुद को भी पाया.
दोनों एकदूसरे से छिपछिप कर मिलने लगे. एक दिन पिता रामनाथ को जब यह पता चला कि वे दोनों एकदूसरे से प्यार करते हैं तो उन्होंने आदित्य को बुलाया और कहा, ‘‘छुट्टी के बाद मिलना, मैं तुम से कुछ बात करूंगा.’’
रामनाथ उसी इंटर कालेज में प्राचार्य प पर थे, इसलिए छुट्टी के बाद मिलने के समाचार से वह शंकित था. इस बात से भयभीत था कि मेरे और आस्था के प्यार के संदर्भ में इन्हें पता तो नहीं चल गया. वह हिम्मत जुटा कर छुट्टी के बाद उन के औफिस में आया और उन के सामने खड़ा हो गया.
रामनाथ एकटक उसे निहार रहे थे. ऐसा लग रहा था कि वे उसे पूरी तरह से परख लेना चाहते थे. बेटी का जो सवाल था. बाहर से आए हुए व्यक्ति को कोई अपनी बेटी यों ही नहीं दे देता. उसे एकटक निहारने के बाद फिर उन्होंने उसे बैठने के लिए कहा.
रामनाथ का पहला प्रश्न था, ‘‘मेरी बेटी को कब से और कितना जानते हो?’’
आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
डिजिटल
- गृहशोभा मैगजीन का सारा कंटेंट
- 2000+ फूड रेसिपीज
- 6000+ कहानियां
- 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल
- 24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल एक्सेस
- फ्री गृहशोभा ऐप
- सभी गृहशोभा इवेंट्स के फ्री इन्विटेशन
- डिजिटल कवरेज का मौका (Women Achievers & Influencers)
- 2000+ फूड रेसिपीज | 6000+ कहानियां | 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
