युवाओं में टैटू बनवाने का शौक हमेशा से रहा है. कई सेलेब्रिटीज और क्रिकेटर्स को देखकर युवा और भी ज्यादा टैटू बनवाना चाहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि टैटू आपके लिए कितना खतरनाक हो सकता है? टैटू के कारण कई गंभीर बीमारियां आपको हो सकती हैं.
हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक हालिया स्टडी में दावा किया गया है कि शरीर पर टैटू बनवाने वाले लोगों में लिम्फोमा (Lymphoma) नामक ब्लड कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. टैटू बनवाने से आपके लिम्फैटिक सिस्टम में कैंसर का रिस्क 21% बढ़ जाता है. यह स्टडी स्वीडन के वैज्ञानिकों ने की थी और इसमें 11,905 लोगों के डाटा का एनालिसिस किया गया था. ऐसा पहली बार नहीं है, जब टैटू और कैंसर के बीच कोई लिंक सामने आया है. इससे पहले कुछ स्टडी में पता चला था कि टैटू के लिए इस्तेमाल की जाने वाली स्याही यानी इंक भी शरीर में गंभीर बीमारियां पैदा कर सकती है.
इन्फेक्शन का डर बना रहता है
टैटू बनाने के दौरान सुइयों का इस्तेमाल किया जाता है, जो आपकी स्किन की एक परत के नीचे स्याही को इंजेक्ट करती हैं. अब यहां अगर सावधानी नहीं बरती जाती, तो आपको नुकसान हो सकता है. अगर टैटू पार्लर सुइयों को ठीक तरीके से साफ नहीं रखता या इस्तेमाल के लिए सुइयों या अन्य चीजों का स्टेबिलाइजेशन सही से नहीं किया गया, तो आपको इससे इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है.
ऐसे इन्स्ट्रूमेंट्स, जो इंफेकटेड या गंदे हैं, उनके जरिए आपके शरीर में वायरस या बैक्टीरिया जा सकते हैं और फिर न सिर्फ स्किन, बल्कि पूरे शरीर को इससे अलग-अलग समस्याएं हो सकती हैं. जैसे कि यदि टैटू आर्टिस्ट एक ही सुई का इस्तेमाल एक से अधिक लोगों पर करता है, तो संक्रमित खून के जरिए HIV/AIDS, हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C जैसी जानलेवा बीमारियां फैल सकती हैं.
त्वचा में संक्रमण
दूषित स्याही (Ink) या बिना स्टेरलाइज (साफ) किए गए उपकरणों के कारण त्वचा पर बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है. इससे त्वचा पर लालिमा, मवाद आना, सूजन और तेज बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
सूरज की रोशनी से परेशानी होती है
क्या आप यह सोच सकते हैं कि बड़े मजे के साथ आप छुट्टियां बिताने किसी बीच पर जाते हैं और वहां धूप का मजा लेते वक्त अचानक आपके टैटू के ऊपर लाल-लाल दाने आ जाएं और वहां खुजली होने लगे. जी हां, ये हो सकता है, क्योंकि टैटू की स्याही में कई तरह के Chemical, हैवी मेटल्स (जैसे कैडमियम, क्रोमियम, कोबाल्ट) और पिगमेंट होते हैं.
जब सूरज की पराबैंगनी (UV) किरणें इन पिगमेंट पर पड़ती हैं, तो एक Chemical Reaction होती है, जो त्वचा में जलन या एलर्जी पैदा कर देती है. टैटू की लाल स्याही धूप के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील होती है. इसमें अक्सर ‘कैडमियम सेल्फाइड’ या अन्य ऐसे तत्व होते हैं, जो सनलाइट से तुरंत रिएक्ट करते हैं. इसके अलावा पीला, नीला और हरा रंग भी धूप के संपर्क में आने पर फोटोसेंसिटिविटी दे सकता है.
स्किन एलर्जी
कुछ लोगों को रंगीन स्याही, खासकर लाल और हरे रंग की स्याही से एलर्जी होती है, जो त्वचा पर लंबे समय तक समस्या पैदा कर सकती है. टैटू की स्याही में मौजूद रसायनों के कारण त्वचा पर गंभीर एलर्जी हो सकती है, जिससे तेज खुजली या चकत्ते हो सकते हैं. विशेष रूप से लाल, पीली, नीली और हरी स्याही से एलर्जी होने का खतरा ज्यादा रहता है और यह समस्या टैटू बनवाने के कई सालों बाद भी उभर सकती है.
MRI जांच में समस्या
बहुत ही दुर्लभ मामलों में, MRI मशीन में बहुत ही शक्तिशाली Magnetic Field और RF Pulses होती हैं. जब ये तरंगें टैटू की स्याही में मौजूद धातु के संपर्क में आती हैं, तो वहां हल्का इलेक्ट्रिकल करंट या गर्मी पैदा हो सकती है.
अगर टैटू उसी जगह पर बना है, जिस हिस्से की MRI जांच की जा रही है (जैसे- घुटने पर टैटू है और घुटने का ही MRI होना है), तो स्याही में मौजूद धातु के कारण MRI की तस्वीरों में धुंधलापन या काले धब्बे आ सकते हैं. इससे डॉक्टर को सही बीमारी पकड़ने में दिक्कत होती है.
लवर के नाम का टैटू, मुसीबत बन जाएगा
पहले-पहले प्यार में लगता है कि अपने साथी पर दुनिया न्योछावर कर दें. अरे यार, दुनिया न्योछावर करनी है तो भी एक बार को कर लें, लेकिन टैटू का पागलपन ना करें. क्योंकि ये टीनएज का प्यार, जाने अभी आपको कितनी बार होगा. फिर आप किस-किस को बताते फिरेंगे कि वो मेरी एक्स थी. इसलिए कुछ भी करें, लेकिन ये ना करें.
ऐसे टैटू को छुपाने के लिए या तो उसके ऊपर दूसरा टैटू बनवाना पड़ता है या फिर लेजर ट्रीटमेंट करवाना पड़ता है, जोकि काफी मुश्किल काम है.
मेहंदी या अस्थाई टैटू का विकल्प रखें
आप चाहे तो मेहंदी लगवा सकते हैं. यह कुछ दिनों में हट जाएगी और आपका शौक भी पूरा हो जाएगा. टेम्परेरी टैटू भी कुछ दिनों या हफ्तों में अपने आप साफ हो जाता है, जिससे किसी भी तरह का पछतावा नहीं होता. इसमें आप जब चाहें, बिना किसी दर्द या जोखिम के नया डिजाइन चुन सकते हैं.
नोट– टैटू बनवाना या न बनवाना पूरी तरह से व्यक्तिगत पसंद है. लेकिन अगर कोई टैटू बनवाने का फैसला करता है, तो नाम लिखवाने से बचना, किसी हाइजीनिक व रजिस्टर्ड स्टूडियो से ही काम करवाना और डिजाइन ऐसा चुनना, जो भविष्य में पछतावे का कारण न बने, बहुत जरूरी है.
