परफ्यूम पर्सनैलिटी को खास बनाता है. लेकिन इस के लिए जरूरी यह है कि आप जो परफ्यूम यूज कर रहे हैं, वह आप की पर्सनैलिटी से मेल खाता हो. स्टाइल गुरु उमैर जाफर का कहना है कि अधिकांश लोगों को यह नहीं मालूम है कि कौन सा परफ्यूम मेल के लिए है, कौन सा फीमेल के लिए. किस मौके पर कौन सा परफ्यूम लगाना चाहिए और किस सीजन में कौन सा परफ्यूम इस्तेमाल करना चाहिए. परफ्यूम पर्सनैलिटी को सिर्फ खास ही नहीं बनाते, बल्कि उसे निखारते भी हैं. इसलिए परफ्यूम सिलैक्ट करते समय उस की खुशबू नहीं, बल्कि यह देखना चाहिए कि वह आप की पर्सनैलिटी पर सूट करेगा या नहीं. जो मन में आया उसे यूज कर लिया वाली नीति पर्सनैलिटी को निखारने की बजाय उस पर नेगेटिव इफैक्ट डालती है. इसलिए परफ्यूम का सिलैक्शन बड़ी सावधानी से करना चाहिए. मेल और फीमेल के लिए अलगअलग परफ्यूम होते हैं. हर परफ्यूम की अपनी खासीयत व विशेषता होती है. फ्रांस के फ्रेगरेंस वैज्ञानिक माइकल एडवर्ड ने परफ्यूम को 4 मुख्य- समूह फ्लोरल, ओरिएंटल, वुडी और फ्रैश में और इन्हें 12 उपसमूह में बांटा है.
आइए, अब जानें कि खासखास मौकों पर आप कौन सा परफ्यूम कैसे इस्तेमाल करें, जिस से आप की अलग पहचान बने.
