Best Social Story: एक आदमी को सुख से जीने के लिए क्या-क्या चाहिए? आदमी का आदमी पर भरोसा, संबंधों में सहानुभूति, एकदूसरे का लिहाज, ठीक से जीने लायक आमदनी, जीवन की सुरक्षा, चैन की सांस ले सकने की आजादी, भयमुक्त वातावरण.

पर लूटमार, चोरीडकैती, हत्या, अपहरण, दंगाफसाद, बलात्कार और छलप्रपंच भरे इस वातावरण में क्या यह सब आम आदमी को नसीब है? लोग सुख से जिएं, इस की किसी को फिक्र है? नेता, जनप्रतिनिधि, अफसर सब के सब अपनेअपने जुगाड़ में जुटे हुए हैं. लोगों को जीने लायक मामूली सुविधाएं भी नहीं मिल रहीं.

हबड़तबड़ में स्टेशन की तरफ भागती जा रही अमिला यही सब लगातार सोचे जा रही है. गाड़ी न निकल जाए. निकल गई तो गांव के स्कूल तक कैसे पहुंचेगी. अफसर आ रहे हैं. अंबेडकर गांव में खानापूर्ति के लिए रोज अफसरों के दौरे होते रहते हैं. गांव पूरी तरह संतृप्त होना चाहिए. हुं, खाक संतृप्त होगा. कभी राजीव गांधी ने कहा था, सरकार गांवों के लिए 1 रुपया यानी 100 पैसा भेजती है पर वहां तक पहुंचतेपहुंचते वह 10 पैसे ही रह जाते हैं. 90 पैसे बीच की सरकारी मशीन खा जाती है. कैसे विकास हो देश का? पर इस के लिए जिम्मेदार कौन हैं? नेतागण, बिचौलिए, भ्रष्ट नौकरशाही और कहीं न कहीं हमसब.

अजीब दिमाग होता है आदमी का. हर वक्त सोचविचार, मन में उठापटक, तर्कवितर्क. शहर से दूर इस गांव में तबादला कर दिया गया अमिला का. अफसरों से खूब गिड़गिड़ाई कि सर, बच्चा छोटा है. सास बहुत बूढ़ी हैं. कामकाज नहीं कर पातीं. ससुर को लकवा है. पति दूर के जिले में सरकारी सेवा में हैं. परिवार को देखने वाली मैं अकेली...मुझ पर रहम कीजिए, सर.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

25% की बचत

डिजिटल

USD99 USD49 /Year
सब्सक्राइब करें
फायदे ▼
  • गृहशोभा मैगजीन का सारा कंटेंट
  • 2000+ फूड रेसिपीज
  • 6000+ कहानियां
  • 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
Best Value - 26% की बचत

24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल

USD200 USD149 /Year
सब्सक्राइब करें
फायदे ▼
  • 24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल एक्सेस
  • फ्री गृहशोभा ऐप
  • सभी गृहशोभा इवेंट्स के फ्री इन्विटेशन
(नाश्ता + लंच + ₹1000 तक गिफ्ट हैम्पर + लकी विनर को मिलेगा किसना डायमंड पेंडेंट जीतने का मौका)
  • डिजिटल कवरेज का मौका (Women Achievers & Influencers)
  • 2000+ फूड रेसिपीज | 6000+ कहानियां | 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...