बारिश में कीचड़ से सने रास्तों, पानी से लबालब गलियों, आद्रता भरे ठंडे वातावरण तथा सीलन की वजह से पैरों को काफी झेलना पड़ता है. जूतों के चिपचिपे होने के कारण पैरों में दाद, खाज, खुजली तथा लाल चकत्ते पड़ जाते हैं. ऐसे में मानसून के सीजन में पैरों को देखभाल की अत्यधिक आवश्यकता होती है.
मानसून में पैरों की देखभाल
फुटवियर का रखें ध्यान: अगर आप बंद जूते पहनती हैं तो जूतों के अंदर टेलकम पाउडर का छिड़काव कीजिए. बरसात के मौसम के दौरान स्लिपर तथा खुले सैंडिल पहनना ज्यादा उपयोगी होता है, क्योंकि इससे पांवों में हवा लगती रहती है तथा पसीने को सूखने में भी मदद मिलती है, लेकिन खुले फुटवियर की वजह से पैरों पर गंदगी तथा धूल जम जाती है, जिससे पैरों की स्वच्छता पर असर पड़ता है.
फूट सोक : बाल्टी में एक चौथाई गर्म पानी, आधा कप खुरखुरा नमक, दस बूंदे नीबू रस या संतरे का सुंगधित तेल डालिए. यदि आपके पैरों में ज्यादा पसीना निकलता है तो कुछ बूंदें टी-औयल को मिला लीजिए, क्योंकि इसमें रोगाणु रोधक तत्व मौजूद होते हैं तथा यह पांव की बदबू को दूर करने में मदद करती है. इस मिश्रण में 10-15 मिनट तक पांवों को भिगोकर बाद में सुखा लीजिए.
