Indian music new movement : संगीत की दुनिया में नया आयाम, भारतीय संगीत जगत में एक निर्णायक और ऐतिहासिक प्रवेश करते हुए, गुनगुनालो एप का शुभारंभ हुआ. जिसमें पहले ही दिन 100 मौलिक गीतों के साथ गुनगुनालो का शुभारंभ हुआ . यह अपने-आप में एक असाधारण क्षण है, ऐसे दौर में जब एक स्वतंत्र गीत को रिलीज़ होने में भी अक्सर महीनों लग जाते हैं. लेकिन यहां ऐसा नहीं है .
इस लौन्च को अभूतपूर्व बनाने वाली बात सिर्फ इसका विशाल पैमाना नहीं, बल्कि इसके पीछे की सोच और उद्देश्य है.
इन 100 गीतों में गायकों, संगीतकारों, प्रोड्यूसर्स और गीतकारों ने बराबरी के स्तर पर सहयोग दिया है. बिना एक-दूसरे से कोई शुल्क लिए, जिस इंडस्ट्री में वर्षों से बिल, एडवांस और गेटकीपिंग हावी रही है, वहां कलाकारों ने एक बिल्कुल अलग रास्ता चुना: साझा स्वामित्व.
गुनगुनालो पर हर सहयोगी कलाकार अपने बनाए संगीत का सह-स्वामी है और कॉपीराइट अपने पास रखता है. यहाँ न अधिकारों का त्याग है, न छिपे हुए ट्रांसफर और न ही कोई पदानुक्रम. भारत में पहली बार, कलाकार किसी प्लेटफौर्म के केवल योगदानकर्ता नहीं, बल्कि उसके निवेशक और हिस्सेदार हैं.
गुनगुनालो की नींव एक पारदर्शी आर्थिक संरचना पर रखी गई है. प्लेटफौर्म की कुल आय का 60% से अधिक सीधे कलाकारों तक पहुचेगा ,जिसे सभी सहयोगियों के बीच स्पष्ट और न्यायसंगत तरीके से साझा किया जाएगा.कमाई किसी गुमनाम रौयल्टी पूल में नहीं जाती. कलाकार साफ-साफ देख सकते हैं कि उनकी आय कहाँ से आ रही है, कैसे बढ़ रही है और श्रोता उनके काम पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
