Mother's Day 2025 : हर बच्चे के दिल से एक ही आवाज निकलती है कि मेरी मां के बराबर कोई नहीं क्योंकि मां ही एक ऐसी धरोहर है, जो अपने बच्चों को हमेशा खुश देखना चाहती है. फिर चाहे उस का वह बच्चा किसी भी उम्र का हो, अमीर हो गरीब हो या कोई सैलिब्रिटीज ही क्यों न हो.

एक मां की नजर में उस का बच्चा सिर्फ उस का जिगर का टुकड़ा ही होता है, जिसे वह हर हाल में खुश देखना चाहती है और हमेशा उस की सलामती की कामना करती है.

जहां एक ओर घरपरिवार का हर सदस्य उस से पूछता है कि उस ने कितना कमाया? उस वक्त सिर्फ मां ही होती है जो पूछती है कि बेटा, खाना खाया क्या?

तभी तो मां की गोद ऐसी जगह है जहां सिर रख कर सोने में दुनियाभर का सुकून मिलता है क्योंकि मां का प्यार निस्वार्थ होता है। वह अपने बेटे को हमेशा खुश और कामयाब देखना चाहती है. मां कभी बच्चे को अपने से दूर नहीं करना चाहती लेकिन हालात और पैसा कमाने के चक्कर में न चाहते हुए भी बच्चों को अपनी मां से दूर जाना पड़ता है जैसे कि पक्षी पर निकलते ही अपने घोंसले से उड़ जाते हैं, वैसे ही एक उम्र के बाद हर किसी को पैसा कमाने के लिए घर से दूर जाना ही पड़ता है.

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