गर्भावस्था में आमतौर पर आयरन, फोलेट और कैल्शियम सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं, लेकिन एमएमएन ऐसा सप्लीमेंट है जो इन सभी और अन्य महत्वपूर्ण माइक्रोन्यूट्रिएंट्स को एक साथ मिला कर प्रदान करता है. यह एक अच्छी तरह से जाना गया तथ्य है कि आवश्यक विटामिन्स और खनिजों की कमी भारत के 80 प्रतिशत जनसंख्या को प्रभावित करती है. हर दो में से एक गर्भवती महिला माइक्रोन्यूट्रिएंट में कमी होती है. इसलिए गर्भावस्था से बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक पहले 1000 दिनों का खास महत्व है. यह सुनिश्चित करने के लिए कि माँ और बच्चा दोनों इस महत्वपूर्ण समय में स्वस्थ रहें जब पोषण सब से ज्यादा मायने रखता है. माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी से बच्चे के स्वास्थ्य में लम्बे और छोटे समय की समस्याएं हो सकती हैं.

पारंपरिक तौर पर डॉक्टर्स गर्भावस्था के दौरान लोगों को आयरन-फोलेट कैल्शियम (आईएफसी) की दवाओं के सुझाव देते हैं. लेकिन हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने माना है कि बहु माइक्रोन्यूट्रिएंट (एमएमएन) सप्लीमेंट्स भी बहुत महत्वपूर्ण हैं. इन से नकारात्मक गर्भावस्था और जन्म के परिणामों को कम किया जा सकता है जिस के कारण ये लोकप्रिय हो रहे हैं. इस के अलावा आईएफसी की तुलना में गर्भावस्था के दौरान बहु माइक्रोन्यूट्रिएंट सप्लीमेंट्स ने अतिरिक्त फायदे दिखाए हैं.

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