Mental health OCD awareness :रोहित की कुछ ऐसी ही आदत हो गई है कि वह लड़कियों से दूरी बना कर रखता है क्योंकि उस के मन में एक अजीब सा डर घर कर गया है. उसे लगता है कि उस के सीमन के संपर्क में आने से कोई भी लड़की गर्भवती हो सकती है. यह डर इतना गहरा है कि वह बारबार वाशरूम जा कर खुद को साफ करता है, फिर भी उसे चैन नहीं मिलता. उसे हर समय यही चिंता सताती रहती है कि कहीं एक बूंद भी रह गई तो... धीरेधीरे यह डर उसे उस की ही दुनिया में सीमित कर देता है. अब वह घर से बाहर निकलने से भी कतराने लगा है.
दरअसल, रोहित ही नहीं आज के कई युवा इस डर यानी सैक्सुअल ओसीडी के शिकार हैं. इस समस्या से ग्रस्त व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ महसूस करने लगता है. नतीजा यह होता है कि वह धीरेधीरे सामाजिक अलगाव का शिकार हो जाता है.
जब विचार बन जाएं परेशानी
सोचिए कि आप अपने रोजमर्रा के काम कर रहे हों और अचानक ऐसे विचार आने लगें जो आप को खुद ही गलत और डरावने लगें, आप उन्हें रोकना चाहें लेकिन वे बारबार दिमाग में आने लगें तो यह स्थिति सैक्सुअल ओसीडी की है यानी यह ओसीडी का एक रूप है जिस में व्यक्ति को यौन विषयों से जुड़े अनचाहे और परेशान करने वाले विचार आते हैं.
