अकसर जब कोई रोगी किसी बीमारी , खास कर क्रोनिक बीमारी या कैंसर और हार्ट आदि की बीमारी , के इलाज के लिए जाता है तब डौक्टर उसके मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानना चाहते हैं . मेडिकल हिस्ट्री सिर्फ आप का नहीं आपके परिवार के निकटतम संबंधियों बारे में भी पूछते हैं , जैसे - मातापिता , भाईबहन , पतिपत्नी आदि. यह जानकारी आपके और डौक्टर दोनों के लिए जरूरी है . अमेरिका आदि किसी विकसित देश में जब आप किसी भी डौक्टर के यहां पहली बार किसी भी बीमारी के इलाज के लिए जाते हैं तब आपसे मिलने के पहले उसके औफिस स्टाफ या सहायक एक फौर्म में विस्तार से आपका मेडिकल हिस्ट्री ( जिसमें परिवार के सदस्यों का भी ) भरवा कर साइन कराता है. फौर्म में मेडिकल हिस्ट्री और कौनकौन सी दवाईयां आप ले रहे हैं उनका विवरण होता है. फिर इस रिकॉर्ड को अपने सिस्टम में ( कंप्यूटर) वह में सेव कर लेता है. आपके इलाज में आपका मेडिकल हिस्ट्री मदद कर सकता है , आखिर क्यों, जानें ?
आपके मेडिकल हिस्ट्री को मेडिकल फैमिली ट्री भी कहते हैं. आप सिर्फ देखने में ही अपने अनुवांशिक गुणों का अनुकरण नहीं करते हैं- जैसे चेहरा, आंखों का रंग , बाल , लम्बाई आदि. इसके अतिरिक्त आपके जींस में कुछ आनुवंशिक बीमारियों के लक्षण भी आते हैं जिनसे डौक्टर अनुमान लगा सकते हैं कि आपको भी उस बीमारी की सम्भवना है या रिस्क कम या ज्यादा है . इसके अलावा कुछ ऐसे हेल्थ पैटर्न का पता लगा सकते हैं जो आपके स्वास्थ्य से प्रासंगिक हो .
