आभूषण हर महिला का श्रृंगार होता है, जिसके बिना उनका श्रृंगार अधूरा माना जाता है. हर युग में महिला गहने के बिना अधूरी मानी गई है. यही वजह है कि बदलते युग में भी जवेलरी का प्रयोग नई तरीके से की जाती है. फिर चाहे सोना, चाँदी हो या डायमंड हर प्रकार की ज्वेलरी को डिज़ाइनर नए-नए और एलीगेंट लुक देने की लगातार कोशिश करते रहते है, लेकिन वह किसी महिला को तभी सूट करता है, जब उन्होंने अपने चेहरे के अनुसार गहने पहने हो.
देखा जाय तो हिंदी फिल्मों की अभिनेत्रियाँ भी अपने चेहरे के अनुसार ही गहने पहनती है, जो उनके स्टाइलिश द्वारा जांच परखने के बाद उन्हें पहनने के लिए दिया सुझाव दिया जाता है, लेकिन दैनिक जीवन में महिलाएं इस पर कम ध्यान देती है और आँखों को भानेवाली गहने खरीद कर वे इसे पहन नहीं पाती, क्योंकि उसे पहनने पर उनका लुक सही नहीं हो पाता.
अभिनेत्रियों की पसंद
ट्रेडीशनल पोशाक पसंद करने वाली अभिनेत्री विद्या बालन ने झुमके की क्रेज के बारें में बताया था. उन्होंने कहा था कि उन्हें झुमके पसंद हैं कि वो इन्हें खरीदने का एक मौका भी नहीं छोड़ती हैं. उन्होंने ट्रेन में बिकने वाले 5 रूपये के सस्ते झुमकों को भी खरीदकर पहना है. विद्या बालन खुद को पारंपरिक गहनों की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं.
