Parenting Tips: बच्चों की अच्छी आदतों के पीछे उन के मातापिता का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है क्योंकि बच्चे सब से पहले अपने घर से सीखते हैं. घर ही उन की पहली पाठशाला होती है.

आजकल सभी घरों में मातापिता दोनों ही वर्किंग होते हैं जिस कारण उन के पास समय का अभाव बना रहता है और चाह कर भी अपने बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाते हैं. इस कारण वे अपने बच्चों की रुचि, उन की बौद्धिक क्षमता, रचनात्मकता आदि पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं जिस कारण कई बार उन का संपूर्ण विकास नहीं हो पता. जबकि ऐसा माना जाता है कि बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए उस का ऐक्टिव लिसनर होना बहुत जरूरी है.

एक ऐक्टिव लिसनर बच्चा हमेशा आत्मविश्वास से भरा होता है क्योंकि उसे पता होता है कि उस ने जो कुछ भी सुना है वह ध्यानपूर्वक सुना है और उस पर सही तरीके से अमल किया है इसलिए वह गलत हो ही नहीं सकता और किसी भी सफलता के लिए आत्मविश्वास से भरा हुआ होना अति आवश्यक है इसलिए कहा जाता है आत्मविश्वास होना सफलता की पहली सीढ़ी है.

ऐक्टिव लिसनिंग क्या है

ऐक्टिव लिसनिंग का मतलब होता है बोलने वाले की पूरी बातों पर ध्यान देना और उस के द्वारा कही जाने वाली पूरी बातों को सम  झने की कोशिश करना.

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