Situationship: ‘कसमें वादे प्यार वफा सब बाते हैं बातों का क्या,,,’ फिल्म ‘उपकार’ का यह गीत ही सिचुएशनशिप रिलेशन है. इस प्यार को क्या नाम दूं, यह कहने और सोचने की जरूरत को ख़त्म करती है सिचुएशनशिप रिलेशन. इस में दो लोग एकदूसरे की जरूरत को पूरा करने के लिए साथ में रहते हैं. इस में दोनों एकदूसरे के साथ घूमने जा सकते हैं, लंच या डिनर कर सकते हैं. लेकिन इस रिश्ते को कोई नाम नहीं दिया जाता है.
यहां आप बिना शर्त एकदूसरे के साथ हैं वह भी तब तक, जब तक आप का मन चाहे और जब मन भर जाए तो दूसरे पार्टनर के प्रति आप की कोई जवाबदेही नहीं होती. वे इस रिश्ते के बारे में न तो किसी को बताना चाहते और न ही इस को कोई नाम देना चाहते हैं. आइए जानें कैसा होता है यह सिचुएशनशिप रिलेशन.
एक समय ऐसा था जब लोग प्यार के लिए बगावत तो क्या, मरनेमारने पर आ जाते थे और उस के लिए अपना घरबार सब छोड़ देते थे जैसे कि ‘मैं ने प्यार किया’, ‘बागी’, ‘कयामत से कयामत तक’ जैसी कई फिल्मों में दिखाया गया है. वास्तव में ये फिल्में सही माने में समाज का आईना थीं. तभी तो हीररांझा और शीरींफरहाद जैसी जोड़ियां प्रचलित हुईं.
