‘‘मां तुम ने अब तक यह सचाई मुझ से खुल कर क्यों नहीं कही कि मैं एक अडौप्टेड चाइल्ड हूं?’’ सत्यन अंतिकाड़ की एक फिल्म में अच्चू का किरदार निभा रही कलाकार मीरा जास्मीन अपनी मां का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री उर्वशी से यह पूछती है. फिल्म में वनजा अपनी अडौप्टेड बेटी से यह कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाती कि वह उस की गोद ली बेटी है. वनजा सिंगल पेरैंट है, वह सोचती है कि अब तक पिता के बारे में कुछ न जान पाने का ही दुख उस की बेटी को था, अब मां भी झूठी है, यह जानेगी तो इन सब बातों को कैसे बरदाश्त करेगी. इसी कारण उस ने बेटी से यह सचाई छिपा कर रखी थी. अनाथ बच्चों को गोद ले कर अपना बनाने की इच्छा लिए हमारे बीच न जाने कितने लोग होंगे, लेकिन बच्चे को गोद ले लेने के बाद उस को यह सचाई खुल कर बताने से सब हिचकिचाते हैं कि वह उन की गोद ली संतान है. दरअसल, इस के पीछे यह धारणा रहती है कि यदि बच्चे और समाज को यह पता चलेगा तो समाज का नजरिया उन के बच्चे के प्रति बदल जाएगा और बच्चा भी यह सब जानने के बाद अपने पेरैंट्स से नफरत करने लगेगा. इसी डर के कारण लोग बच्चों को सचाई बताने से डरते हैं.

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