Past relationships, : शादी से पहले अपने अतीत के बारे में मंगेतर को बताना एक बड़ा और संवेदनशील फैसला है. इसे सही तरीके से संभालने के लिए ईमानदारी, सही समय और सही शब्दों का चुनाव बहुत जरूरी है. “शादी से पहले मेरा कोई अफेयर था,” यह बात मंगेतर को किस तरीके से बतानी चाहिए यह बात बहुत महत्त्व रखती है क्योंकि इसी पर आप के भविष्य की नींव टिकी है. बात इस तरह से की जानी चाहिए कि वह बात अफेयर के खत्म होने की पुष्टि करें और इस बात पर जोर दें कि आप अपने वर्तमान रिश्ते के प्रति ईमानदार हैं.
ईमानदारी सब से पहले
झूठ बोलने या छिपाने से रिश्ते की नींव कमजोर होगी. सचाई से ही भरोसा बनता है. इसलिए छिपाने का कोई फायदा नहीं है. इसलिए आप को हमेशा डर कर रहना पड़ेगा. वैसे भी अब जबकि आप आगे बढ़ चुकी हैं तो इस बात का कोई मतलब वैसे भी नहीं रह जाता. अगर कभी उन्हें कहीं और से पता चला तो वे आप पर विश्वास नहीं कर पाएंगे लेकिन अगर खुद ही बता दिया तो भरोसा बनेगा.
सही समय और स्थान
जब आप दोनों शांत हों और कोई दूसरा न हो, तब बात करें. जल्दबाजी न करें. एक ऐसी शांत जगह चुनें जहां आप को टोकने वाला कोई न हो.
किस तरह बताएं साथी को यह बात बातचीत की शुरुआत करने के लिए शब्दों का चयन ऐसा होना चाहिए जो आप के साथी को सुरक्षित महसूस कराए और उन्हें यह समझ आए कि आप यह सब सिर्फ इसलिए बता रहे हैं क्योंकि आप वर्तमान रिश्ते को महत्त्व देते हैं और अब आप का आप के पास्ट से कोई लेनादेना नहीं है. कुछ ऐसे बता सकती हैं अपने मन की बात :
“शादी से पहले मैं चाहता/चाहती हूं कि हम एकदूसरे को पूरी तरह जान लें. मेरी लाइफ में पहले एक रिश्ता रहा है. हालांकि वह अब काफी समय पहले खत्म हो चुका है, लेकिन मुझे लगा कि ईमानदारी के नाते तुम्हें यह बात मुझ से ही पता चलनी चाहिए.”
“मैं चाहता/चाहती हूं कि हमारे रिश्ते की नींव पूरी तरह ईमानदारी पर टिकी हो. इसलिए मैं अपने अतीत की एक बात तुम्हारे साथ साझा करना चाहता/चाहती हूं ताकि आगे चल कर हमारे बीच कोई गलतफहमी न रहे.”
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“मैं तुम्हारे और इस रिश्ते के प्रति पूरी तरह कमिटेड हूं. मैं नहीं चाहता/चाहती कि कल को तुम्हें किसी और से या किसी गलत जरीए से मेरे पास्ट के बारे में पता चले और तुम्हें बुरा लगे. इसीलिए मैं आज खुद तुम्हें यह बता रहा/रही हूं.”
घुमाफिरा कर बात न करें. कहें, “मेरे अतीत में एक रिश्ता था जो अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और मैं अब केवल अपने भविष्य के साथ आगे बढ़ना चाहता/चाहती हूं.”
यह बात बहुत कैजुअली कही जाएं. सीरियसली न कही जाएं. हंसतेहंसते कह दिया,”अरे, मेरा भी किसी से कोई टाका भीड़ गया था, कोई लंबाचौड़ा नहीं था, बस ऐसे ही दोस्ताना था, मैं भी उस के लिए बड़ी रोईपिटी. अब सोचती हूं तो हंसी आती है. मम्मीपापा भी अब याद करते हैं तो खूब हंसते हैं और कहते हैं कि क्या तू पागल थी, वह लड़का भी पागल था तेरा.”
“लड़के से भी पूछ लो क्या तुम्हारा कभी किसी से अफेयर नहीं हुआ. किसी लड़की ने तुम्हें घास नहीं डाली. यह सब चीज मजाकमजाक में कह दो और तब मजाक में अपने बारे में भी कह दो कि हां मेरा भी था. क्लास में सब लोग मेरा नाम उस के साथ ले कर छेड़ते थे हालांकि हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं था.
क्या बताना है और कितना बताना है सीमा तय करें
ऐसा न हो कि भावनाओं में बह कर आप उस के साथ बिताए हर अच्छेबुरे पल को डिस्कस करने लग जाएं. ऐसा करना साथी को अनकंफर्टेबल कर सकता है. सच बोलने का मतलब यह बिलकुल नहीं है कि आप हर बड़ी बात बताने बैठ जाएं.
उन्हें बताएं कि आप का एक अफेयर था और वह अब पूरी तरह खत्म हो चुका है.
बहुत ज्यादा गहराई या तुलनात्मक बातें (जैसे वह कैसा था/थी) न करें. इस से अनावश्यक असुरक्षा पैदा हो सकती है.
यह स्पष्ट करें कि अब उस व्यक्ति का आप के जीवन में कोई स्थान नहीं है और आप अपने भविष्य को ले कर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
अफेयर के इंटिमेट डिटेल्स (intimate details) न दें, इस से अनावश्यक दर्द हो सकता है. सिर्फ यह बताएं कि क्या था और क्यों खत्म हुआ.
भविष्य पर फोकस करें
यह स्पष्ट करें कि आप इस नए रिश्ते के लिए समर्पित हैं और आप का पिछला अफेयर अब आप के लिए मायने नहीं रखता. आप का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, पुरानी यादों को ताजा करना नहीं. इसलिए बातचीत को संक्षिप्त और भविष्य पर केंद्रित रखें.
उन की रिएक्शन को जानें
उन्हें यह बात पचाने के लिए समय और स्पेस दें. उन के गुस्से या उदासी को शांत हो कर सुनें. वे दुखी, हैरान या शांत हो सकते हैं. उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने का पूरा समय दें.
उन के सवालों के लिए तैयार रहें
जब आप यह बात बताएंगे, तो उन के मन में कई सवाल आ सकते हैं. वे आप से घुमाफिरा कर बातें पूछने का प्रयास करेंगे लेकिन आप को इस बारे में ज्यादा बात नहीं करनी है. आप का मकसद केवल उन के कानों में यह बात डालना था ताकि कल कोई सहेली आ कर उन के सामने न पूछें कि तुम्हारे पुराने प्रेमी का क्या हाल है. नए हसबैंड को पता हो कि कोई था तो सही पर इतना ज्यादा नहीं था.
उन के सवालों के जवाब में कहें कि कुछ दिन हमारी दोस्ती थी और फिर खत्म हो गई. लाइटली बता दें ताकि पति की नौलेज में रहे कि कुछ था.
दोनों में ट्रस्ट बनेगा
अगर आप का मंगेतर इस बात को समझदारी से स्वीकार करता है, तो यह आप के आने वाले वैवाहिक जीवन के लिए एक बहुत अच्छा संकेत है.
एक सुझाव : अगर आप को लगता है कि इस बात से रिश्ता टूट सकता है, तो भी सच बोलना बेहतर है. झूठ पर टिकी शादी भविष्य में और भी ज्यादा परेशानियां खड़ी कर सकती है.
क्या न करें :
-अपने पिछले पार्टनर की तुलना मंगेतर से न करें.
-इस बात के लिए किसी और को दोष न दें.
-अपनी गलती को सही ठहराने की कोशिश न करें.
-यह स्पष्ट करें कि वह अध्याय अब बंद हो चुका है और अब आप की प्राथमिकता सिर्फ आप का होने वाला जीवनसाथी है.
