मौडर्न होने का अर्थ है बदलते वक्त के साथ सही तालमेल बैठाते हुए आगे बढ़ना. आज की गृहिणी ने भी कुछ ऐसा ही किया है, इसलिए वह गृहिणी नहीं बल्कि मौडर्न वाइफ कही जा रही है. बदलते समय में वह सिर्फ घर के प्रति अपने सारे दायित्व नहीं निभा रही, बल्कि बाहर जा कर नौकरी भी कर रही है. इस नए जमाने में उस की जिंदगी पुराने समय की गृहिणी से बिलकुल भिन्न है. दोहरी भूमिका में आज की गृहिणी ने साबित कर दिया है कि वह मौडर्न जमाने की मौडर्न वाइफ है. बच्चों के लालनपालन व परिवार की सेहत का खयाल रखना प्राय: मां की ही जिम्मेदारी कही जाती है. आज जिस तेजी से समय व परिस्थितियां बदल रही हैं, उसी तेजी के साथ बच्चों की खानपान संबंधी आदतें भी बदल रही हैं. आज वे रोटी और परांठे की जगह बर्गर, सैंडविच और पिज्जा को तवज्जो दे रहे हैं. इस का सीधा असर उन की सेहत पर पड़ रहा है. उन्हें मोटापे व अन्य कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए आज की मौडर्न गृहिणी ने भी समय के अनुरूप खुद को ढालते हुए भोजन के साथ नएनए एक्सपेरिमैंट कर नए तरीकों से बच्चों और परिवार वालों की पौष्टिक जरूरतें पूरी करना शुरू कर दिया है. वहीं पति के स्वास्थ्य व अपनी देखभाल की जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर है.
