Hill Station Trip  : औली हो या मनाली, लेह हो या दार्जिलिंग, मसूरी हो या कश्मीर पहाड़ों में जाने की बात ही दिल में नई उमंगें भर देती है. जब आप बर्फीले इलाकों में जा रहे होते हैं तो जोश कुछ अलग ही होता है. आप सोचते हैं कि कैसे पहाड़ों पर जा कर वहां बर्फ के गोले बना कर एकदूसरे पर फेंक कर खेलेंगे, खूबसूरत फोटो लेंगे, टैंट लगा कर रात को आसमान निहारेंगे, ऐडवैंचर स्पोर्ट्स का आनंद लेंगे, कैंपफायर के साथसाथ गानाबजाना आदि करेंगे.

मगर सच तो यह है कि जब आप इन जगहों पर कुछ तैयारी के बिना जाते हैं तो ट्रिप तकलीफदायक भी हो सकता है. पहाड़ों पर किसी भी तरह का कोई प्रैडिक्शन नहीं चलता. चाहे वह मौसम से जुड़ा हो, स्नो फाल से जुड़ा हो या भूस्खलन संबंधित हो. यानी पहाड़ों पर जाने का मतलब कही न कहीं अपनेआप में ही बड़ा रिस्क है. कभी मौसम बदलने से आप बीमार हो जाते हैं तो कभी पहाड़ पर चढ़ते समय सांस फूल जाती है या पैर दर्द करने लग जाते हैं. फिर अगर बारिश और आ जाए तो आप की यात्रा ऐसी बिगड़ जाती है कि आप को वापस उस जगह जाने के नाम से ही चिढ़ हो सकती है.

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