Upgrade Yourself: अरे प्रशांत, जरा मेरी स्कूटी तो देख ले, बंद हो गई है. शायद, कोई तार हट गया है.
रचना, मम्मी घर पर नहीं है. मेरे लिए ज़रा औमलेट तो बना दो, बहुत देर से भूख लगी है.
ये बातचीत एक भाई और बहन कर रहे हैं. दोनों ही अच्छी कंपनी में जौब करते हैं और शायद कुछ ही समय के बाद अपनी गृहस्थी अलग बसाने के बारे में भी सोचेंगे. लेकिन इन की बातों से तो यही लगता है कि ये दोनों ही पूरी तरह इंडिपैंडेंट नहीं हैं. शायद रचना को लगता है स्कूटी तो वह चला सकती है लेकिन उसे सही करना उस का काम नहीं है और वहीं प्रशांत को लगता है कि किचन में खाना तो बहन या लड़की ही बना सकती है, वह लड़का हो कर यह काम कैसे करे.
यहां इन दोनों की ही सोच सही नहीं है. 15 साल की उम्र के बाद दोनों ही समझदार हो गए हैं. फिर किसी भी काम को जैंडर के आधार पर डिवाइड क्यों करना? क्या यह सही है?
आप लड़के हो या लड़की, क्या दोनों को ही सब काम नहीं आने चाहिए? कल अगर आप को कहीं बाहर जा कर सैटल होने का मौका मिले तब आप क्या करेंगे?
