सवाल
मेरी 5 साल की बेटी है. वह अक्सर बाहर निकलकर बच्चों के साथ पार्क में खेलने चली जाती है. पार्क घर के सामने ही है. एक दिन मेरी बच्ची किसी दूसरे पार्क में खेलने चली गई थी. मैं बहुत ज्यादा परेशान हो गई, पुलिस स्टेशन भी जाने वाली थी, तब तक एक पड़ोसी मेरी बेटी को घर आकर छोड़ गया.
तभी से उस आदी का मेरे घर आनाजाना लगा रहता है. वह मेरी बेटी के साथ खेलता भी है. लेकिन एक दिन मैंने उसे नोटिस किया, वह मेरी बच्ची को चौकलेट लालच देकर उसे कमरे में चलने के लिए कह रहा था. जब मैं वहां गई तो वह कहने लगा कि ये बाहर जाने की जिद कर रही थी इसलिए मैं इसे चौकलेट देकर कमरे में ले जा रहा था. लेकिन मेरी बेटी ने ऐसा कुछ नहीं कहा था. मैंने इस बात को इग्नोर किया.
लेकिन उस दिन तो मैं शौक्ड रह गई कि जब वह आदमी मेरी बेटी को अजीब तरीके से टच कर रहा था. मैं अपनी बच्ची को घर लेते आई और उस लड़के को जोर की फटकार लगाई. मैं अब अपनी बच्ची को अकेले खेलने नहीं जाने देती हूं, वह बहुत रोने लगती है, तो फिर उसे मैं खुद ले जाती हूं. मुझे डर लग रहा है कि कहीं वह आदमी मेरी बेटी के साथ कुछ गलत कर दिया तो.. कृपया कोई सलाह दें…
जवाब
आजकल छोटे बच्चों को अपराध का ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है. दरअसल, कम उम्र के बच्चे कमजोर और नासमझ होते हैं और दूसरों से जल्दी घुलमिल जाते हैं और विश्वास कर लेते हैं.
आपने बिलकुल सही किया उस लड़के को फटकार और आप अपनी बच्ची को खुद अपने साथ बाहर लेकर जा रही हैं, ये भी ठीक है. लेकिन हर जगह तो आप अपनी बच्ची के साथ नहीं जा पाएंगी, ऐसे में उसे खुद को ही प्रोटैक्ट करना होगा.
इसके लिए आपको अपनी बेटी को Good Touch और Bad Touch के बारे में बताना जरूरी है. ये बच्चों के लिए बहुत ही जरूरी विषय है. अक्सर पैरेंट्स अपने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताने में संकोच करते हैं. कई बार इसी जनाकारी के अभाव में बच्चे यौन शोषण के शिकार होते हैं.
बच्चे को इस तरह बताएं गुड टच और बैड टच के बारे में…
बच्चे को इस तरह समझाएं कि अगर कोई उन्हें टच करता है और वो कम्फर्टेबल फील करते हैं, तो ये गुड टच होता है और जब कोई पाइवेट पार्ट्स टच करता है, तो यह बैड टच कहलाता है. बच्चों के मन से डर दूर करें और उनमें आत्मविश्वास जगाने की कोशिश करें, उन्हें ना कहना सिखाएं. अगर उन्हें कोई गलत तरीके से छूने की कोशिश करे तो डरे नहीं बल्कि उन्हें ऐसा न करने के लिए बोलें. अगर कोई उनके साथ गलत करता है, तो उन्हें उसी समय बचने के लिए शोर मचाने का तरकीब बच्चों को सिखाएं ताकि कोई उनकी उस समय मदद कर सके.
