Health Tips : अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है, तो ये लेख अंत तक जरूर पढ़ें…

सवाल

मेरी उम्र 42 साल है. मैं एक शिक्षण संस्थान में क्लर्क हूं. पिछले 2-3 वर्षों से मुझे कब्ज की शिकायत है. क्या करूं?

जवाब

लगातार लंबे समय तक बैठे रहने से एब्डौमिनल कैविटी/उदर गुहा दब जाती है जिस से पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है और कब्ज का कारण बन जाती है. जो लोग रोज घंटों बैठे रहते हैं उन में आंतों की मूवमैंट भी नहीं होती है जिस से आंतें अपनी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पाती हैं. आंतों में पचे हुए भोजन की गति सामान्य न होना कब्ज का कारण बन जाता है. आप अपनी जौब तो बदल नहीं सकती लेकिन अपनी आदतों में बदलाव जरूर ला सकती हैं. जंक फूड्स के बजाय संतुलित, पोषक और हलके भोजन का सेवन करें. 7-8 घंटे की नींद लें. खाने और सोने का एक समय निर्धारित कर लें क्योंकि आप क्या खाते हैं और कितना सोते हैं उस के साथ यह भी महत्त्वपूर्ण है कि आप कब खाते और सोते हैं. सप्ताह में कम से कम 150 मिनट अपना मनपसंद वर्कआउट करें. अनावश्यक तनाव न पालें.

सवाल

मुझे फल खाना बहुत पसंद हैं लेकिन मुझे डायबिटीज है. ऐसे में क्या मुझे इन्हें खाना बंद कर देना चाहिए?

जवाब

यह एक सामान्य लेकिन पूरी तरह से गलत धारणा है. जिन्हें डायबिटीज है वे सामान्य लोगों की तरह सभी फल खा सकते हैं लेकिन उन्हें केवल मात्रा का ध्यान रखना है. आप रोज 150-200 ग्राम फल बिना किसी परेशानी के खा सकती हैं. जिन्हें डायबिटीज है उन्हें ऐसे फल खाना चाहिए जिन का ग्लाइसेमिक इंडैक्स कम हो जैसे सेब, संतरा, पपीता, नाशपाती, अमरूद, अनार. अंगूर, आम, चीकू, पाइनऐप्पल से परहेज करना चाहिए लेकिन अगर बहुत मन करे तो कभीकभार बिलकुल थोड़ी मात्रा में इन्हें ले सकते हैं. आप कभीकभी एक छोटा केला भी खा सकती हैं लेकिन बड़े आकार का केला न खाएं.

सवाल

मेरी उम्र 24 साल है और मैं 26 सप्ताह की गर्भवती हूं. मुझे पिछले 2 सप्ताह से पीलिया है और खुजली बहुत हो रही है. मैं इसे कैसे मैनेज करूं और इस का मेरी गर्भावस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

गर्भावस्था के दौरान फीमेल हारमोंस का स्राव बढ़ जाता है. लिवर में बौयल के प्रवाह में अवरोध आने के कारण पीलिया और खुजली होने का खतरा बढ़ जाता है. पहले आप जरूरी जांचे कराएं ताकि पीलिया होने के दूसरे कारणों जैसे वायरल हेपेटाइटिस की आशंका को समाप्त किया जा सके. तब लिवर स्पैशलिस्ट आप को कुछ दवाइयां शुरू करेगा. इस के साथ ही रक्त में बौयल ऐसिड को भी नियंत्रित करने की आवश्यकता होगी क्योंकि इस से गर्भावस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. गंभीर स्थिति में गर्भावस्था को समय पूर्व समाप्त करने की जरूरत पड़ सकती है.

डा. विशाल खुराना

डाइरैक्टर, गैस्ट्रोएंटरोलौजी, मैट्रो हौस्पिटल, फरीदाबाद. 

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