सवाल-

मैं 28 वर्षीय युवक हूं. पिछले 5 सालों से मेरे सिर के आगे के बाल लगातार गिर रहे हैं. डाक्टर ने इसे ऐंड्रोजेनेटिक ऐलोपेशिया बताया है. उन की सलाह पर मैं पिछले 3 साल से सिर पर सुबहशाम मिनोक्सीडिल लोशन लगा रहा हूं, लेकिन मेरे बाल गिरना बंद नहीं हुए हैं. मैं क्या करूं?

जवाब-

सिर पर बाल उगना, उन का बढ़ना और गिरना आम बात है. आमतौर पर जितने बाल गिरते हैं, उन की जगह पर उतने ही नए बाल उग जाते हैं और ज्यादातर लोगों में किसीकिसी समय सिर के 90% बाल बढ़ने और 10% गिरने के दौर में होते हैं. पर ऐंड्रोजेनेटिक ऐलोपेशिया होने पर बाल गिरने का दौर लंबा खिंच जाता है और सिर गंजा दिखने लगता है. यह एक आनुवंशिक विकार है, जिस का कोई पक्का इलाज नहीं है. यदि आप को मिनोक्सीडिल लोशन से लाभ नहीं पहुंच रहा तो संभव है फिनेस्ट्रौयड की गोली लाभ पहुंचाए. आप इस बाबत अपने डाक्टर से सलाह लें. अगर 12 से 15 महीने के इलाज के बाद भी आराम न मिले तो हो सकता है कि आप को हेयर ट्रांसप्लांट कराना पड़े.

फिनेस्ट्रौयड और मिनोक्सीडिल के साथ कुछ सावधानियां अमल में लाना जरूरी है. उन के बारे में डाक्टर से पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें. इन दवाओं के साथ यह भी है कि जैसे ही हम इन्हें बंद करते हैं, बाल फिर से गिरना शुरू हो जाते हैं.

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गंजापन को ऐलोपेसिया भी कहते हैं. जब असामान्य रूप से बहुत तेजी से बाल  झड़ने लगते हैं तो नए बाल उतनी तेजी से नहीं उग पाते या फिर वे पहले के बालों से अधिक पतले या कमजोर उगते हैं और उन का कम होना शुरू हो जाता है. ऐसी हालत में बालों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए क्योंकि स्थिति गंजेपन की ओर जाती है. अपोलो हौस्पिटल के सीनियर कंसल्टैंट (प्लास्टिक कौसमैटिक ऐंड रिकंस्ट्राक्टिव सर्जरी) डाक्टर कुलदीप सिंह के अनुसार:

गंजेपन के प्रकार ये हैं

ऐंड्रोजेनिक ऐलोपेसिया: यह स्थायी किस्म का गंजापन है और एक खास ढंग से खोपड़ी पर उभरता है. इस किस्म के गंजेपन के लिए मुख्यतया टेस्टोस्टेरौन हारमोन संबंधी बदलाव और आनुवंशिकता जिम्मेदार होती है.

यह महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है. यह कनपटी और सिर के ऊपरी हिस्से से शुरू हो कर पीछे की ओर बढ़ता है और यह जवानी के बाद किसी भी उम्र में शुरू हो सकता है.

ऐलोपेसिया ऐरीटा: इस में सिर के अलगअलग हिस्सों में जहांतहां के बाल गिर जाते हैं, जिस से सिर पर गंजेपन का पैच लगा सा दिखता है. यह स्थिति शरीर की रोगप्रतिरोधी शक्ति कम होने के कारण होती है.

टै्रक्शन ऐलोपेसिया: यह लंबे समय तक बालों को एक ही स्टाइल में बांधने के कारण होता है, लेकिन हेयरस्टाइल बदल देने से बालों का  झड़ना रुक जाता है.

हारमोन परिवर्तन से: यह किसी खास चिकित्सीय कारण जैसे कैंसर कीमोथेरैपी, अत्यधिक विटामिन ए के प्रयोग से, इमोशनल या फिजिकल स्ट्रैस की वजह से या गंभीर रूप से बीमार पड़ने अथवा बुखार होने की वजह से होता है.

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