Sweating :  अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है, तो ये लेख अंत तक पढ़ें

सवाल- 

गरमी का मौसम है और मैं जैसे ही घर से बाहर निकलती हूं मुझे बहुत पसीना आ जाता है तथा शरीर से बहुत स्मैल आने लगती है. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब-

आप रोज नहाने के पानी में नीबू या औरेंज के छिलके भिगो दें और सुबह उस पानी से नहा लें. इस से आप के शरीर से स्मैल नहीं आएगी. किसी अच्छे पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकती हैं. दिन में कम से कम 2 बार नहाएं. अगर चाहें तो पानी में रोज पेटल्स या जैस्मिन के फूल भी डाल सकती हैं.

सवाल-

मेरी अंडरआर्म्स में बहुत पसीना आता है जिस से उन का रंग काला पड़ गया है. बताएं क्या करूं?

जवाब-

आप सब से पहले अंडरआर्म्स में ब्लीच करवा लें ताकि कालापन कम हो जाए. इस के साथसाथ रोज अंडरआर्म्स को स्क्रब किया जाए तो भी रंग साफ होता रहता है. इस के लिए आप 2 बड़े चम्मच उबले चावल लें और मिक्सी में पीस लें. इस में 2 बड़े चम्मच फ्रैश ऐलोवेरा जैल, 1 छोटा चम्मच शहद का मिला लें व 1 बड़ा चम्मच खसखस के दाने मिला लें. एक बहुत अच्छा स्क्रब बन जाएगा. इस से अंडरआर्म्स को रोज स्क्रब करें. ऐसा करने से रंग निखर जाएगा.

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झुलसाती गरमी में स्किन और स्वास्थ्य संबंधी नईनई समस्याएं सिर उठाने लगती हैं. इन में बड़ी समस्या पसीना आने की होती है. सब से ज्यादा पसीना बांहों के नीचे यानी कांखों, तलवों और हथेलियों में आता है. हालांकि ज्यादातर लोगों को थोड़ा ही पसीना आता है, लेकिन कुछ को बहुत ज्यादा पसीना आता है. कुछ लोगों को गरमी के साथसाथ पसीने की ग्रंथियों के ओवर ऐक्टिव होने के चलते भी अधिक पसीना आता है जिसे हम हाइपरहाइड्रोसिस सिंड्रोम कहते हैं. बहुत ज्यादा पसीना आने की वजह से न सिर्फ शरीर में असहजता महसूस होती है, बल्कि पसीने की दुर्गंध भी बढ़ जाती है. इस से व्यक्ति का आत्मविश्वास डगमगा जाता है.

अंतर्राष्ट्रीय हाइपरहाइड्रोसिस सोसाइटी के मुताबिक हमारे पूरे शरीर में 3 से 4 मिलियिन पसीने की ग्रंथियां होती हैं. इन में से अधिकतर एन्काइन ग्रंथियां होती हैं, जो सब से ज्यादा तलवों, हथेलियों, माथे, गालों और बांहों के निचले हिस्सों यानी कांखों में होती हैं. एन्काइन ग्रंथियां साफ और दुर्गंधरहित तरल छोड़ती हैं जिस से शरीर को वाष्पीकरण प्रक्रिया से ठंडक प्रदान करने में मदद मिलती है. अन्य प्रकार की पसीने की ग्रंथियों को ऐपोन्काइन कहते हैं. ये ग्रंथियां कांखों और जननांगों के आसपास होती हैं. ये गं्रथियां गाढ़ा तरल बनाती हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz   सब्जेक्ट में लिखे…  गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem

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