अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है, तो ये लेख अंत तक जरूर पढ़ें…

सवाल-

मैं 22 वर्षीय विवाहिता हूं. विवाह को अभी 4 महीने ही हुए हैं. हम दोनों पतिपत्नी बहुत खुश हैं. सासससुर इंदौर में रहते हैं. पर इधर एक परेशानी हो गई है. मेरी ननद जो पिछले महीने हमारी ही हाउसिंग सोसाइटी में शिफ्ट हो गई है, बेवक्त आ जाती है, जिस से हम लोग अपना कोई घूमनेफिरने का प्रोग्राम नहीं बना पाते. पति यों तो अपनी बहन को बहुत चाहते हैं, पर उस के कारण हमारी प्राइवेसी में खलल पड़ता है, यह वे भी महसूस करने लगे हैं. घर से पति का कार्यालय काफी दूर पड़ता है, इसलिए हम सोच रहे हैं कि कार्यालय के पास ही कोई फ्लैट देख लें. इस से हम लोग अपने लिए कुछ अधिक समय निकाल पाएंगे. क्या यह उचित रहेगा?

जवाब-

आजकल एकल परिवार का ट्रैंड चल पड़ा है. आप शादी के बाद अकेले रहे हैं. इसीलिए आप को अपनी ननद की मौजूदगी अखर रही है. वैसे उसे भी यह सोचना चाहिए कि ऐसे समय न आए जिस से आप लोगों को कोई परेशानी न हो. आप की यह सोच भी वाजिब है कि पति के कार्यालय के पास घर ले लें. इस से आप को पति का साथ भी अधिक मिलेगा और ननद से भी थोड़ी दूरी हो जाएगी. इस से आपस में प्यार भी बना रहेगा.

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‘‘बताओ न हर्ष, तुम मुझ से कितना प्यार करते हो?’’

‘‘पीहू, रोजरोज यह सवाल पूछ कर क्या तुम मेरा प्यार नापती हो,’’ हर्ष ने पीहू की आंखों में आंखें डाल कर जवाब दिया.

‘‘यस मिस्टर, मैं देखना चाहती हूं कि जैसेजैसे हमारी रोज की मुलाकातें बढ़ती जा रही हैं वैसेवैसे मेरे लिए तुम्हारा प्यार कितना बढ़ रहा है.’’

‘‘क्या तुम्हें नजर नहीं आता कि मैं तुम्हारे लिए पागल हुआ रहता हूं. तुम्हारे ही बारे में सोचता रहता हूं. अब तो यारदोस्त भी कहने लगे हैं कि तू पहले वाला हर्ष नहीं रहा. कुछ तो बात है. पहले तो तू व्हाट्सऐप ग्रुप में सब के साथ कितना ऐक्टिव रहता था. इंस्टाग्राम पर रोज तेरी स्टोरी होती थी.’’

‘‘तो तुम उन्हें क्या जवाब देते हो?’’ पीहू हर्ष के बालों में उंगलियां फेरते

हुए बोली.

हर्ष ने पीहू की कमर में हाथ डाला और उसे अपने और करीब लाते हुए बोला, ‘‘क्या जवाब दूं कि आजकल मेरे ध्यान में, बस, कोई एक छाई रहती है, जिस की कालीकाली आंखों ने मुझे दीवाना बना दिया है. जिस की हर अदा मुझे मदहोश कर देती है. अब तुम्हारा दोस्त किसी काम का नहीं रहा.’’

हर्ष का यह फिल्मी अंदाज पीहू के मन को गुदगुदा गया. हर्ष की ये प्यारभरी बातें उसे बहुत भातीं. मन करता था कि वह उस की तारीफ करता रहे और वह सुनती रहे. एक अजीब से एहसास से सराबोर हो जाता था उस का तनमन.

वाकई हर्ष ने उस की जिंदगी में आ कर उसे जीने का नया अंदाज सिखा दिया था. जिंदादिल, दूसरों की मदद करने में हमेशा आगे, दोस्तों का चहेता, दिल से रोमांटिक, स्मार्ट, इंटैलिजैंट, कितनी खूबियां हैं उस में. बहुत खुशनसीब समझती है वह अपनेआप को कि हर्ष जैसा लवर उसे मिला.

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