Relationship Hacks : अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है, तो ये लेख अंत तक जरूर पढ़ें…

सवाल-

मैं अपने 15 वर्षीय बेटे को ले कर परेशान हूं. वह 10वीं कक्षा में पढ़ता है. मैं ने कुछ दिनों से नोटिस किया है कि वह अपने साथ ट्यूशन क्लास में पढ़ने वाली लड़की में खासी दिलचस्पी लेने लगा है. मुझ से भी उस की तारीफ करता है और फोन पर भी अकसर उस से बातें करता है. कहीं वह उस लड़की से प्यार तो नहीं करने लगा है? यदि वह इतनी छोटी उम्र में प्यारमुहब्बत के फेर में पड़ गया तो उस का कैरियर चौपट हो जाएगा. क्या करूं कि वह उस से दूर हो जाए?

जवाब-

आप का बेटा किशोरावस्था में है. इस उम्र में अपोजिट सैक्स की ओर इस प्रकार का आकर्षण स्वाभाविक है. यह प्यार नहीं, महज यौनाकर्षण है. यह जिस तेजी से किशोरों के दिलोदिमाग पर चढ़ता है. उसी वेग से उतर भी जाता है. आप का बेटा आप से अपनी बातें शेयर करता है, यह अच्छी बात है इस से वह भटकेगा नहीं. आप उसे उस लड़की से मिलने या बात करने से न रोकें. उसे बस समयसमय पर पढ़ाई के प्रति सचेत करती रहें. उसे समझाती रहें कि परीक्षा परिणाम अच्छा आने पर ही वह मनचाहा कैरियर चुन सकता है. वह आप की दोस्ताना सलाह को जरूर सुनेगा. वैसे भी आज की पीढ़ी के बच्चे अपने कैरियर के प्रति काफी सजग हैं. अत: आप बेवजह परेशान न हों.

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अलार्मकी आवाज से गीत की नींद खुल गई. कल की ड्रिंक का हैंगओवर था, इसलिए सिर भारी था. उन्होंने ग्रीन टी बना कर पी और फिर मौर्निंग वाक के लिए चली गईं. सुबह की ठंडी हवा और कुछ लोगों से हायहैलो कर के ताजगी आ जाएगी. फिर तो वही रोज का रूटीन कालेज, लैक्चर बस…

कल से नैना उन की सहेली उन के मनमस्तिष्क से हट ही नहीं रही थी. उन की कहानियों की आलोचना करतेकरते कैसे अपना आपा खो बैठती थी.

‘‘गीत, तुम्हारी कहानी की नायिका पुरुष के बिना अधूरी क्यों रहती है?’’

‘‘नैना, मेरे विचार से स्त्रीपुरुष दोनों एकदूसरे के पूरक हैं. एकदूसरे के बिना अधूरे हैं.’’

वह नाराज हो कर बोली, ‘‘नहीं गीत, मैं नहीं मानती. स्त्री अपनी इच्छाशक्ति से आकाश को भी छू सकती है. सफल होने के लिए दृढ़इच्छा जरूरी है.’’

बड़ीबड़ी बातें करने वाली नैना पति का अवलंबन पाते ही सबकुछ भूल गई और पिया का घर प्यारा लगे कहती हुई चली गई.

नैना के निर्णय से गीत का मन खुश था. वे मन ही मन मुसकरा उठीं और फिर वहीं बैंच पर बैठ गईं. बच्चों को स्कैटिंग करता देखना उन्हें अच्छा लग रहा था. वे बच्चों में खोई हुई थीं, तभी बैंच पर एक आकर्षक युवक आ कर बैठ गया. उन्होंने उस की ओर देखा तो वह जोर से मुसकराया. उस की उम्र 30-32 साल होगी.

वह मुसकराते हुए बोला, ‘‘माई सैल्फ प्रत्यूष.’’

‘‘माई सैल्फ गीत.’’

‘‘वेरी म्यूजिकल नेम.’’

‘‘थैंक्यू.’’

उस का चेहरा और पर्सनैलिटी देख गीत चौंक उठी थीं, जिस पीयूष की यादों को वे अपने मन की स्लेट से धोपोंछ कर साफ कर चुकी थीं, उस व्यक्ति ने आज उन यादों को पुनर्जीवित कर दिया था.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
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