Aishwarya Pissay: ऐश्वर्या पिस्से बेंगलुरु, कर्नाटक की रहने वाली एक जानी-मानी रेसर हैं. वो भारत की पहली मोटरस्पोर्ट्स एथलीट हैं जिन्होंने वर्ल्ड टाइटल जीता, जब उन्होंने 2019 में FIM Bajas World Cup (महिला कैटेगरी) में इतिहास रचा. आज वो TVS Racing टीम की प्रोफेशनल राइडर हैं और देश-विदेश में अपने दमदार परफॉर्मेंस से पहचान बना चुकी हैं.
ऐश्वर्या का जन्म 14 अगस्त 1995 को बेंगलुरु में हुआ था. उन्होंने महिला सेवा समाज सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पढ़ाई की और फिर सुराना कॉलेज से साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन किया. उन्हें बचपन से एडवेंचर पसंद था, लेकिन बाइक रेसिंग का जुनून उन्हें 18 साल की उम्र में हुआ. इसी उम्र में उन्होंने Apex Racing Academy से ट्रेनिंग लेकर रेसिंग की शुरुआत की और जल्द ही मोटरस्पोर्ट्स की दुनिया में नाम कमाना शुरू कर दिया.
2016 और 2017 में ऐश्वर्या ने Honda One Make Championship और TVS One Make Road Racing टाइटल्स जीते. इसके बाद उन्होंने लगातार सात FMSCI नेशनल टाइटल्स जीते जिनमें से छह लगातार इंडियन नेशनल रैली चैम्पियनशिप के खिताब थे.
2018 में ऐश्वर्या ने एक और इतिहास रचा जब वो Baja Aragon Rally (Spain) में भाग लेने वाली भारत की पहली महिला रेसर बनीं. यह रैली दुनिया की सबसे कठिन रेसों में से एक मानी जाती है. लेकिन उनका सफर आसान नहीं रहा. कई बार उन्हें गंभीर चोटें आईं एक बार तो उनकी पैंक्रियाज फट गई थी, जिससे उनकी जान को भी खतरा था. लेकिन ऐश्वर्या ने हार नहीं मानी. उन्होंने लंबे इलाज और ट्रेनिंग के बाद फिर से ट्रैक पर वापसी की और अपने जज़्बे से सबको चौंका दिया.
2019 में उन्होंने दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय महिलाएं किसी से कम नहीं हैं उन्होंने FIM Bajas World Cup (महिला वर्ग) जीतकर भारत का नाम गर्व से ऊँचा किया. यह वर्ल्ड कप उन्होंने दुबई, पुर्तगाल, स्पेन और हंगरी में खेले गए चार राउंड्स में हिस्सा लेकर 65 पॉइंट्स के साथ जीता. इस जीत के साथ वो भारत की पहली वर्ल्ड चैम्पियन मोटरस्पोर्ट्स एथलीट बन गईं.
ऐश्वर्या को अब तक कई अवॉर्ड्स और सम्मान मिल चुके हैं —
* TiE Young Achiever of the Year (2016)
* Outstanding Women in Motorsports Award (FMSCI द्वारा 2016 और 2017)
* CEAT Sprint Rally Champion
* Asia Road Racing Cup में सेकंड पोज़िशन (2016)
* और हाल ही में 2024 में उन्होंने FIM Bajas World Cup में तीसरा स्थान हासिल किया, यानी तीसरी बार वर्ल्ड चैम्पियनशिप पोडियम पर जगह बनाई.
जज्बा और हिम्मत
ऐश्वर्या पिस्से सिर्फ एक रेसर नहीं बल्कि एक प्रेरणा हैं. उन्होंने साबित किया है कि अगर जज्बा और हिम्मत हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती. आज वे देशभर की युवतियों और मोटरस्पोर्ट्स प्रेमियों के लिए रोल मौडल बन चुकी हैं. वे खुद भी अब इस दिशा में काम कर रही हैं कि महिलाओं को मोटरस्पोर्ट्स में ज्यादा मौके और सही प्लेटफौर्म मिल सके.
उन का मानना है कि खुद पर भरोसा रखो, रास्ता अपनेआप बन जाएगा और शायद यही लाइन उन की जिंदगी और कामयाबी की सब से सही पहचान है.
Aishwarya Pissay
