Akshay Kumar: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने हाल ही में एक गंभीर साइबर अपराध का खुलासा किया, जिसमें उनकी 13 वर्षीय बेटी नितारा कुमार एक ऑनलाइन गेम खेलते समय शिकार हुई. अक्षय कुमार ने Cyber Awareness Month कार्यक्रम के दौरान बताया कि उनकी बेटी नितारा कुमार एक दिन एक ऑनलाइन गेम खेल रही थी, तभी एक अजनबी ने उससे दोस्ती जताते हुए उसे मैसेज भेजा, आप मेल हो या फीमेल? जब नितारा ने इसका जवाब दिया, तो अगले ही पल उस व्यक्ति ने उससे न्यूड फोटो भेजने को कहा.
नितारा ने दिखाई समझदारी
नितारा ने तुरंत गेम बंद किया और अपनी मां ट्विंकल खन्ना को इसके बारे में सारी बातें बताई. अक्षय ने इसे साइबर अपराध का गंभीर रूप बताया और साथ ही कहा कि डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देना जरूरी है.
बढ़ रहे हैं साइबर अपराध के मामले
इसमें कोई दो राय नहीं है कि आज हर घर में बच्चे और बड़े सभी ऑनलाइन गेम्स खेलने में बिजी है लेकिन ज्यादातर मामलों में बड़े जहां साइबर अपराधियों से बच जाते हैं वहीं छोटे बच्चे इनके बहकावे में आ जाते हैं.
कुछ दिन पहले ही लखनऊ में ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से साइबर क्राइम का शिकार हुए एक 14 साल के बच्चे ने सुसाइड कर लिया गया. यश कुमार नाम के इस लड़के को पहले औनलाइन ठगी करने वाले ने अपने विश्वास में लिया. उसके बाद उसका ईमेल और पासवर्ड यह कह कर लिया कि वह उसके गेमिंग आईडी को अपग्रेड कर देगा. लेकिन अपराधी ने 13 लाख रुपए की ठगी कर ली. मानसिक दबाव में आकर यश ने आत्महत्या कर ली.
कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो बच्चों को साइबर अपराधियों के चंगुल में आने से बचाया जा सकता है –
– पेरेंट्स को बच्चों पर विश्वास करना चाहिए लेकिन निगरानी जरूरी है. यह आप उनकी सुरक्षा के लिए कर रहे हैं.
– बच्चों को या नाबालिगों के साथ किसी भी ऑनलाइन वॉलेट पासवर्ड को शेयर नहीं करें. उन्हें इसका कारण भी बताएं.
– कुछ बच्चे पढ़ने के लिए वेबसाइट का इस्तेमाल करते हैं. कभीकभार उनके इन वेबसाइट्स को चेक करें.
– बच्चों को साइबर क्राइम के बारे में बताएं, ऐसी सच्ची घटनाओं को शेयर करें खासकर उनकी उम्र के बच्चों के साथ घट रही घटनाओं को. इससे वह सतर्क रहेंगे.
– बच्चों को बताएं कि वह किसी के साथ भी नाम, फोन नंबर, ओटीपी को ऑनलाइन शेयर नहीं करें.
– बच्चे के ऑनलाइन गेम्स का रिव्यू करें. उनके साथ एक बार आप भी बैठ कर उस गेम को खेलें, इससे पता चलेगा कि उस पर किस तरह के पॉप ऑप्स आते हैं. क्या उसमें किसी लिंक को क्लिक करने को कहा जाता है या कोई खास जानकारी मांगी जाती है.
– बच्चों के स्क्रीन टाइम को कम करें, यह उनको ऑनलाइन गेम्स से बचाने का बेस्ट तरीका है.
– साइबर बुलिंग पर घर के बच्चों से बात करें.
– घर के बड़े बच्चों को छोटे भाईबहनों को ऑनलाइन गेम के खतरों के बारे में बताने की जिम्मेदारी दें. यह दोनों को फायदा पहुंचाएगा.
Akshay Kumar
