Dr. Kamini Rao: (एडिटर्स चौइस अवार्ड हैल्थ केयर लीडरशिप) डा. कामिनी राव भारत की एक प्रतिभाशाली और विशेष मैडिसिन विशेषज्ञों में से एक हैं. इन की विशेषज्ञता से इन्हें रिप्रोडक्टिव (प्रजनन) मैडिसिन में पद्मश्री पुरस्कार का सम्मान प्राप्त हुआ जो भारत का एक सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है. आज एक ओर डा. कामिनी के नेतृत्व में बहुत से मैडिकल विशेषज्ञ शिक्षा और ट्रेनिंग ले आईवीएफ और रिप्रोडक्टिव मैडिसिन क्षेत्र में सफल हो रहे हैं तो दूसरी ओर कई संतानहीन महिलाएं मातृत्व का वरदान प्राप्त कर रही हैं.

डा. कामिनी के मातृ कल्याण और स्वास्थ्य के प्रति मैडिकल क्षेत्र में उन के प्रयासों की सरहाने करते हुए, गृहशोभा ने उन्हें गृहशोभा इंस्पायर अवार्ड्स में ऐडिटर्स चौइस अवार्ड (हैल्थ केयर लीडरशिप) पेश दिया.

आईवीएफ सैंटर के लिए एक मजबूत ढांचा ‘मिलन’

डा. कामिनी राव भारत में रिप्रोडक्टिव (प्रजनन) मैडिसिन, साइंस और ऐजुकेशन में एक बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. महिलाओं के बच्चे को जन्म देने के मौलिक अधिकार को पूरा करने के लिए वे हर संभव प्रयास करती आ रही हैं, जिस का उदाहरण है ‘मिलन.’ ‘मिलन’ एक प्रजनन शृंखला है जिस की स्थापना डा. कामिनी ने की. ‘मिलन’ को पहले बीएसीसी हैल्थकेयर के नाम से जाना जाता था. आज वह एक ब्रैंड है जो अपनी गुणवत्ता, चिकित्सा विशेषज्ञता, उत्कृष्ट रोगी देखभाल और दुनिया में अपनी सर्वश्रेष्ठ सफलता दर के उच्च मानकों के रूप में जाना जाता है.

बीएसीसी हैल्थकेयर कई चिकित्सकों और भ्रूणविज्ञानी दोनों के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने का एक प्रमुख स्थान हैं. साथ ही इसी संस्थान के पूर्व छात्र देश के कई प्रमुख आईवीएफ केंद्रों के आधार बने हुए हैं.

कामिनी केयर फाउंडेशन

इतना ही नहीं उन्होंने कामिनी केयर फाउंडेशन की स्थापना भी की. यह संगठन देशभर में लड़कियों और महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने, बढ़ाने और प्रबुद्ध करने की दिशा में कार्य करने पर केंद्रित है, जिस का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं की क्षमताओं की पहचान करना और उन के सपनों को हासिल करने और तलाशने में मदद करना है. इस संगठन का अंतिम उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी महिलाओं के पास अपने जीवन और नियति को नियंत्रित करने की क्षमता हो और साथ ही वे पर्याप्त भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल प्राप्त कर सकें.

वर्तमान में डा. कामिनी एक ऐसी प्रयोगशाला स्थापित करने में लगी हैं, जहां जेनेटिक बीमारियां जैसे हेमोफिलिया, डाउंस सिंड्रोम, थैलेसीमिया आदि की प्रसवपूर्व जांच हो सके. वहां पर प्राप्त डाटाबेस के आधार पर अधिक शोध कर, बेहतर उपचार मिलने में आसानी हो, जिस से लोगों के जीवन में भी सुधार आएगा.

अवार्ड्स ऐंड अचीवमैंट्स

– भारत सरकार द्वारा रिप्रोडक्टिव मैडिसिन के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार 2014.

– चिकित्सा के क्षेत्र में अमूल्य सेवा के लिए कर्नाटक राज्य पुरस्कार (राज्योत्सव पुरस्कार) 1997.

– लाइफटाइम लिगेसी अवार्ड, रिप्रोडक्टिव मैडिसिन 2025.

– लाइफटाइम अचीवमैंट अवार्ड, टाइम्स पावर वूमन 2025.

– महिला माणिक्य अवार्ड 2025.

– लाइफटाइम अचीवमैंट अवार्ड, रिप्रोडक्टिव मैडिसिन 2025.

– इंडियन मैडिकल ऐसोसिएशन द्वारा नैशनल बैस्ट टीचर अवार्ड 2024.

– चिकित्सा के क्षेत्र में कर्नाटक विद्या रतन पुरस्कार 2024.

– विजय कर्नाटक और बैंगलुरु मिरर्र द्वारा लाइफस्टाइल अचीवमैंट अवार्ड 2025.

– ञ्जश्वष्ठ3 स्पीकर अवार्ड 2023.

– आर्यभट्ट सांस्कृतिक संगठन से चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए आर्यभट्ट पुरस्कार.

– इंडियन मैडिकल ऐसोसिएशन की इकाई, शिमोगा से जिला बी.सी. राय जिला पुरस्कार.

– स्त्रीरोग एवं प्रसूति के बैंगलुरु समाज से लाइफटाइम अचीवमैंट पुरस्कार.

– प्रसूति और स्त्रीरोग सोसायटी औफ इंडिया संघ से लाइफटाइम अचीवमैंट पुरस्कार.

– नैशनल ऐकैडमी औफ मैडिकल साइंसेज से निर्वाचित फैलोशिप.

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