Invest in gold and silver : सोने और चांदी के भाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं और यह उन लोगों के लिए एक जुआ बन रहे हैं जो आज सोनाचांदी खरीद रहे हैं. शादीब्याह व खास मौकों पर सोने व चांदी के उपहार काफी जरूरी और पारंपरिक हैं और इन्हें देना एक जरूरी काम सम?ा जाता है पर एक तरफ बढ़ते दामों ने बजट गड़बड़ा दिया है तो दूसरी ओर यह डर लगने लगा है कि कहीं दाम धड़ाम से गिरे तो क्या होगा.
मैटल्स की मांग अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ कर से शुरू हुई जब चीन ने कुछ रेयर मैटल्स की सप्लाई बंद कर दी क्योंकि चीन के सामान पर ट्रंप ने कुछ ज्यादा ही टैरिफ यानी कस्टम ड्यूटी लगा दी थी. रेयर मैटल्स कम मिलते हैं और इन का इस्तेमाल मिलीग्रामों में कंप्यूटर चलाने वाले चिप्स में या बैटरियों में होता है. चाहे एक चिप में कुछ सेंट का या बैटरी में 1-2 डौलर का रेयर मैटल लगे, इस का न होना एक मुश्किल खड़ी कर देगा.
मैटल के ऐक्सपोर्ट को रोक कर चीन ने अमेरिका से छिपी ट्रेड वार शुरू कर दी और उसी समय से सोनेचांदी के भाव बढ़ने लगे. चांदी कई इंडस्ट्रीज में इस्तेमाल होती है और सोना डौलर की तरह बैकों को सेफ्टी देता है. ट्रंप और चीन के टैरिफ व टे्रड वार के कारण इन दोनों मैटल्स के साथ दूसरे बहुत से मैटल्स के दाम भी बढ़ गए हैं पर घरों को तो चांदीसोने से फर्क पड़ता है. अब घरों में जो चांदी का सामान सजावट के लिए रखा रहता था, छिपा लिया गया है और तिजोरियों में जाने लगा है. औरतों में चेनों और चूडि़यों के छीने जाने का डर बढ़ गया है.
प्यारकी निशानी सोने की अंगूठी का भाव तक अब सालभर में दोगुना सा हो गया है और कितना बढ़ेगा या कब लुढ़केगा, यह फोरकास्ट कोई नहीं कर सकता. सरकारें इस में कुछ नहीं कर सकतीं. जिन के पास आज सोना है उन्हें इसे केवल बढ़े दामों को एनकैश करने के लिए तब तक नहीं बेचना चाहिए जब तक वे उस पैसे से मकान न बना रहे हों. केवल विलासिता की चीजें खरीदने के लिए सोना बेचना गलत होगा.
यह न भूलें कि जब सोना महंगा होने लगा है तो इस की माइनिंग बढ़ जाएगी. लोग और ज्यादा गहरा जा कर सोने को निकालने की कोशिश करेंगे और पैट्रोल की तरह यह भी आधे दामों तक गिर सकता है चाहे इस में 4-5 साल लगें. यह भी संभव है कि कल को खप्ती डोनाल्ड ट्रंप की जगह कोई सम?ादार जना अमेरिकी राष्ट्रपति बन जाए और वर्ल्ड इकोनौमी वापस पटरी पर आ जाए और सोने को सेफ्टी के लिए रखने की चीन या दूसरी सरकारों को रखने की जरूरत न हो.
आम आदमी जो आज सोना खरीदना चाहता है बड़ी पशोपेश में है पर अब सब को रिस्क तो लेना ही होगा. सोनाचांदी सपना साकार करेगा या तोड़ेगा कुछ कहा नहीं जा सकता.
