Grihshobha Inspire Awards: गृहशोभा इंस्पायर अवार्ड में ऐसी महिला हस्तियों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने समाज को एक नया रास्ता दिखाया, महिलाओं के हक के लिए आवाज उठाई या फिर अपने काम से विश्व परिदृश्य में भारत का परचम लहराया. वैसी हिम्मती महिलाएं जिन्होंने अपने सामने आने वाली सभी मुश्किलों को पार कर एक नई राह बनाई. 25 मार्च को दिल्ली में इस के सफलतापूर्वक आयोजन के बाद अब नंबर था बैंगलुरु में इस के आयोजन का.
बैंगलुरु में गृहशोभा इंस्पायर अवार्ड्स 2025 का आयोजन 3 नवंबर, 2025 को बैंगलुरु इंटरनैशनल सैंटर में किया गया, जिस में उन असाधारण महिलाओं को सम्मानित किया जिन्होंने अपने क्षेत्र में स्थाई प्रभाव डाला है. इस समारोह में लोक कला, शासन, सार्वजनिक नीति, सामाजिक प्रभाव, व्यवसाय, एसटीईएम, औटोमोटिव और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में निर्भीक, अग्रणी, परिवर्तनकारी और खास उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया.
प्रसिद्ध अभिनेत्री उर्वशी को मनोरंजन के माध्यम से सशक्तीकरण- आइकन के रूप में सम्मानित किया गया. उन्हें 750 से अधिक फिल्मों में उन के मजबूत और जटिल किरदारों के लिए और उन के बहुमुखी प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. डा. कामिनी राव को एडिटर्स चौइस पुरस्कार से सम्मानित किया गया जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी नेतृत्व और महिलाओं के स्वास्थ्य की उन्नति के लिए काम किया है. डा. सुनीता कृष्णन को सामाजिक प्रभाव आइकन के रूप में सम्मानित किया गया जिन्होंने न्याय, पुनर्वास और गरिमा के लिए अथक लड़ाई लड़ी और हजारों लोगों को तस्करी और यौन शोषण से बचाया है.
निगार शाजी को एसटीईएम आइकन के रूप में सम्मानित किया गया. आईएसआरओ के आदित्य- एल 1 मिशन की परियोजना निदेशक के रूप में निगार ने अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की बढ़ती नेतृत्व क्षमता का उदाहरण दिया है. अन्य प्रतिष्ठित पुरस्कार विजेताओं में अभिनेत्री पार्वती थिरुवोथु जो अपने निर्भीक किरदारों के लिए जानी जाती हैं, को मनोरंजन के माध्यम से सशक्तीकरण के रूप में सम्मानित किया गया. जम्मा मल्लारी को ओग्गु कथा और अन्य मूल कला रूपों को संरक्षित और बढ़ावा देने के लिए अपने जीवन को समर्पित करने के लिए लोक कथा आइकन के रूप में सम्मानित किया गया. खेलों की दुनिया में भारत की पहली ओलिंपियन फेंसर सी.ए. भवानी देवी को सीमाओं से परे नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए स्पोर्ट्स अचीवर के रूप में सम्मानित किया गया और भारत की पहली मोटरस्पोर्ट विश्व चैंपियन ऐश्वर्या पिस्से को औटोमोटिव अचीवर के रूप में सम्मानित किया गया.
व्यवसाय जगत में हरकी की संस्थापक और सीईओ नेहा बगारिया को महिलाओं की कार्यबल भागीदारी के परिदृश्य को बदलने के लिए व्यवसाय अचीवर के रूप में सम्मानित किया गया और अपर्णा त्यागराजन को भारत की समृद्ध हैंडलूम विरासत को एक वैश्विक आंदोलन का रूप देने के लिए संपादक की पसंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया. कीर्ति जयकुमार को एक सामाजिक प्रभाव अचीवर के रूप में सम्मानित किया गया. दिनाज वर्वतवाला और धिव्या विक्रम को डिजिटल कंटैंट क्रिएटर्स के रूप में सम्मानित किया गया. इस समारोह में यशोदा प्रकाश कोट्टुकाथिरा को मनोरंजन के माध्यम से सशक्तीकरण के रूप में सम्मानित किया गया.
दिल्ली प्रैस के प्रमुख संपादक और प्रकाशक परेश नाथ ने कहा, ‘‘गृहशोभा इंस्पायर अवार्ड्स बैंगलुरु, विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली महिला नेताओं को पहचानने और पुरस्कृत करने का हमारा प्रयास है. ये पुरस्कार उन लोगों को ट्रिब्यूट हैं जो और्डिनरी से संतुष्ट नहीं हैं, जो रचनात्मकता और साहस के साथ मानदंडों को चुनौती देते हैं और भविष्य को आकार देते हैं. ये पुरस्कार हमें याद दिलाते हैं कि सच्चा नेतृत्व उन लोगों के शांत लेकिन परिवर्तनकारी प्रभाव में है जो शक्ति के सामने सच बोलने और ईमानदारी से नेतृत्व करने का साहस करते हैं.’’
इस समारोह की मुख्य अतिथि मधु नटराज थीं जो एक पुरस्कार विजेता कोरियोग्राफर और आर्टप्रन्योर हैं. उन्होंने अपने प्रेरणादायक शब्दों से विजेताओं की उपलब्धियों और योगदान का सम्मान किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. इस समारोह में प्रदर्शन करने वाली अनन्य गौर थीं जो एक कलाकार, संगीतकार, शोधकर्ता और वृत्तचित्र निर्माता हैं. उन की गायकी ने लोगों के दिलों को छू लिया. गृहशोभा, दिल्ली प्रैस द्वारा प्रकाशित, भारत की सब से अधिक पढ़ी जाने वाली हिंदी महिला पत्रिका है जिस के
1 मिलियन से अधिक पाठक हैं. 8 भाषाओं (हिंदी, मराठी, गुजराती, कन्नड़, तमिल, मलयालम, तेलुगु और बंगला) में प्रकाशित गृहशोभा होम मैनेजमैंट, फैशन, सौंदर्य, कुकरी, स्वास्थ्य और संबंधों पर कहानियों और लेखों का एक आकर्षक संग्रह है.
दिल्ली प्रैस भारत के सब से डाइवर्सिफाइड मैगजीन पब्लिशिंग हाउसेज में से एक है. इस के पब्लिकेशंस के पोर्टफोलियो में फैमिली औरिएंटेड, राजनीतिक और सामान्य हित पत्रिकाएं शामिल हैं, साथ ही महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण लोगों के लिए पत्रिकाएं भी शामिल हैं. कुल 10 भाषाओं में 36 पत्रिकाओं के साथ दिल्ली प्रैस पूरे देश में अपनी मजबूत पहुंच रखता है.
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