Interfaith Marriage :  एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस सोहा अली खान ने बताया कि उनकी और कुणाल खेमू की शादी के दौरान ‘घर वापसी’ जैसी बातें उठायी गयी थीं.  उनकी हिंदू मां शर्मिला टैगोर और मुस्लिम पिता मंसूर अली खान की शादी हुई, तो भी उन्हें इसी तरह की चीजें सुननी पड़ी.  दशकों बाद जब उनके भाई सैफ अली और करीना कपूर की शादी हुई, तो रूढ़िवादी सोच रखने वाले लोगों को इससे काफी तकलीफ हुई.
नयनदीप रक्षित के साथ एक इंटरव्यू के दौरान सोहा ने इंटरफेथ शादियों पर बात करते हुए कहा कि मुझे लगता है कि जब तक मेरा परिवार, मुझे प्यार करने वाले,  मेरे साथ हैं तो सब ठीक है. सोहा ने कहा कि कुणाल और उनकी शादी में, सैफ और करीना की शादी में लव जिहाद और घर वापसी शब्दों का इस्तेमाल हेडलाइंस में लिया गया. तुमने हमारी एक ली है, अब हम तुम्हारी एक लेंगे जैसी बातें चर्चा में रही.

एक्टर, पॉलिटिशियन और कलाजगत में मिलते हैं ऐसे उदाहरण
बॉलीवुड में ऐसी कई शादियां हुई है जिसमें कपल अलगअलग धर्मों से ताल्लुक रखते हैं. इतना ही नहीं इसमें से कई शादियों की उम्र भी लंबी रही है. शाहरुख खान और गौरी खान की शादी, जायद खान और नताशा की शादी, अतुल अग्निहोत्री और सलमान खान की बहन का रिश्ता , रितेश देशमुख और जेनेलिया डिसूजा, कबीर खान और मिनी माथुर.  केवल बॉलीवुड ही क्यों, बहुत सारे ऐसे पॉलिटिशयन्स और म्यूजिशियन्स हैं जिन्होंने दूसरे धर्मों में विवाह किया और आज खुशहाल मैरिड लाइफ को एंजॉय कर रहे हैं.
पॉलिटिशयन शहनवाज हुसैन और रेणु हुसैन, सरोद वादक अमजद अली खान और
भरतनाट्यम नृत्यांगना सुबलक्ष्मी बरूआ शामिल है. इसका मतलब यह है कि टिकाऊ शादी के लिए कपल का अलग अलग धर्म से ताल्लुक होना, जरूरी नहीं है. इसके बावजूद इस तरह की शादियों का विरोध डिजिटल युग में भी क्यों किया जाता है, यह विचारनीय है. बल्कि दुखद यह है कि डिजिटल माध्यमों का प्रयोग कर धर्म विरोधी भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया जाता है.

अगर कर रहे हैं इंटरफेथ शादी
आज का युवा इस तरह की शादियां करना चाहते हैं तो बेफ्रिक होकर करें. अपनी शादी को मजबूत बनाने के लिए कुछ बातों पर ध्यान रखें 

  • एकदूसरे को उसी तरह अपनाएं जैसा आप शादी से पहले थे. मतलब यह है कि एकदूजे को बदलने की कोशिश न करें.
  • परिवार के दबाव में आकर अपने विचारों को दूसरे पर मत थोपें.
  • पहनावे, खानपान को लेकर रोकटोक करने से बचें क्योंकि लंबे समय तक ऐसी टोकाटोकी रिश्ते के नींव को हिला सकती है.
  • रिश्ते की बुनियाद का आधार विश्वास को बनाएं खासकर शादी के शुरुआती दिनों में यह और भी जरूरी है.
  • किसी भी तरह की बातचीत को अवॉइड नहीं करें. विवादित विषयों को टालने की बजाय खुल कर बातें करें. 
  • न्यूली मैरिड कपल का साथ होना उतना ही जरूरी है जितना जरूरी है एकदूसरे को स्पेस देना.
  • जब बड़े साथ हों, तो कपल विवादित विषय पर चर्चा नहीं करें क्योंकि आप सभी के विचारों को नहीं बदल सकते हैं.
  • हर सिचुएशन में अपने बेटर हाफ के लिए शील्ड बन कर खड़े रहें. 
  • ऐसी शादी करने के पहले इसके हर पहलू पर साथ मिलकर बात कर ले
  • एक अहम बाद शादी का रिश्ते में केवल दो लोग ही होते हैं इसलिए धर्म हो या किसी और को इस रिश्ते में तीसरा बनने नहीं दें.
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