Psycho violent: हरियाणा के पानीपत में खूबसूरत बच्चियों की हत्या करने वाली साइको लेडी किलर को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है. उस ने 3 लड़की 1 लड़के की हत्या की बात कबूली है.

खूबसूरत बच्चियां देख जल जाती थी यह साइको किलर

सनकी साइको पूनम 2023 से 2025 तक अपने ही परिवार व रिश्तेदारों के 4 बच्चों को मौत के घाट उतार चुकी है. इसे खूबसूरत बच्चियां देख तनबदन में आग लगती थी.

मर्डर के बाद जश्न मनाती थी

यह चाहती थी कि उस से सुंदर कोई न हो परिवार में. खूबसूरत बच्चियों को देख कर उस के अंदर जलन पैदा होती थी. फिर शुरू होती थी ईर्ष्या, गुस्सा और धीरेधीरे हत्या का प्लान.

पुलिस का कहना है कि बच्चों को देख कर वह परेशान हो जाती थी. दिमाग पर जैसे कोई परदा पड़ जाता था. होश खो बैठती थी. हत्या के बाद जश्न मनाती थी.

इस लेडी के पति ने कहा है कि उसे बिलकुल भी अंदाजा नहीं था कि उस की पत्नी ऐसी है और वह चाहता कि उसे फांसी दे दी जाए. इस लेडी किलर को ‘साइको’ कहा जा रहा है.

साइको शब्द आमतौर पर साइकोपैथी या ऐंटीसोशल पर्सनैलिटी डिसऔर्डर (एएसपीडी) से जुड़े गंभीर लक्षणों को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है. जब इस में ‘हिंसक’ पहलू जोड़ा जाता है, तो यह व्यक्ति के उन लक्षणों के साथसाथ शारीरिक या भावनात्मक आक्रामकता प्रदर्शित करने की प्रवृत्ति को इंगित करता है.

इस तरह के लोग कई तरह के होते हैं. कुछ शांत बैठ कर मन में प्लानिंग करते रहते हैं और कुछ डायरी लिखते हैं, जिस में वे वारदात की हर बारीकी को समझते हैं, वे उस के इर्दगिर्द एक कहानी रचते हैं. वे यह भी सोचते हैं कि वारदात को अंजाम देते वक्त क्या पहनेंगे, सुसाइड नोट लिखते हैं. हथियार पास हो, तो उस के साथ खेलते रहते हैं, न हो तो उस की कल्पना करते हैं. ये लोग अच्छीखासी रिसर्च भी करते हैं. इस तरह की दूसरी घटनाओं के बारे में पढ़ते हैं, डौक्यूमेंट्री देखते हैं, वीडियो देखते हैं.

इस सब का मकसद पुरानी घटनाओं की नकल करना और योजना बनाना होता है. इस के अलावा ऐसी वीडियो गेम्स भी खेलते हैं जिस में उन्हें लोगों पर गोलियां चलानी होती हैं. ये लोग काफी खतरनाक होते हैं और हमारे और आप के घरों में ही मौजूद होते हैं.

अग्रेसिव इंपल्सिविटी यानि अक्रामक प्रवृति

आक्रामक आवेग का मतलब है कि व्यक्ति बिना सोचेसमझे, परिणामों की परवाह किए बिना अचानक और अत्यधिक आक्रामक या हिंसक तरीके से प्रतिक्रिया करता है. जैसे छोटीछोटी बातों पर चिल्लाना, गुस्से में तोड़फोड़ करना, सामान को इधरउधर फेंकना, हाथापाई करना आदि. गुस्से में इतना अग्रेसिव हो जाना कि उसे रोकने के लिए काफी मेहनत करनी पड़े. घर के बड़ों के काफी समझनेबुझाने से मामला शांत हो जाए, तो समझ लें कि इस प्रवृति के लोग आक्रामक लोगों की श्रेणी में आते हैं.

जानवरों के प्रति क्रूरता

कई लोगों की आदत होती है कि वे बेवजह जानवरों को तंग करते हैं जैसेकि चूहे को पिंजरे में बंद कर के उस की पूंछ को माचिस से जलाना, सर्दी के मौसम में जानवरों के सोने की जगह को पानी से गीला कर देना, उन्हें खाने को न देना. ऐसा करना एएसपीडी के लिए एक गंभीर चेतावनी संकेत है. सामने वाले को तकलीफ में देख कर इन्हें मजा आता है.

धमकी देना इन के लिए मामूली बात

अगर किसी डिलिवरी बौय से समय पर सामान न लाने या अन्य किसी बात पर किसी से कोई बहस हो जाए तो मरनेमारने तक बात पहुंचा देना. उसे जान से मारने की धमकी देना, डराना आदि कोई लड़की आप के आसपास करती है तो इसे सामान्य न समझें.

बदला लेने की प्रवृति

कुछ कह दिया तो ये उस से बदला लेने की सोच कर अपना सुखचैन सब गंवा देती हैं. भले ही वह व्यक्ति इसे मामूली नोकझोंक समझ सब भूल जाएं लेकिन ये मौके की तलाश में होती हैं और अचानक से वार कर कब बदला ले लें पता भी नहीं चलता. ये अपना काम बहुत सफाई से करती हैं. आप को पता भी नहीं चलता कि ये कई साल पहले हुए किसी छोटी सी बात को आज तक दिल में लिए बैठी थी और आज अपना बदला पूरा किया है.

गैर जिम्मेदार और जोखिमभरा व्यवहार

सुरक्षा या दूसरों के कल्याण की परवाह किए बिना लगातार जोखिम भरे काम करना, जैसेकि लापरवाह ड्राइविंग या अवैध गतिविधियों में शामिल होना. ड्राइविंग करते हुए यह नहीं सोचतीं कि ऐक्सिडेंट हो गया, ये अपने साथ किसी और की जान से भी खेल जाएंगी. समाज की एक जिम्मेदार नागरिक नहीं होतीं और कई बार अपराध करने वाले छोटेछोटे लोगों से इन का ताल्लुक होता है और हमें पता भी नहीं चलता क्योंकि वे घर की मेंबर होती हैं.

बातबात में झूठ बोलना

ऐसे लोग बेवजह झूठ बोलते हैं और बातें छिपाते हैं क्योंकि यह उन की आदत में शामिल होता है.

झूठ बोल कर दूसरों को फंसाने में इन्हें मजा आता है. हो सकता है कि यह आप की बहन ही हो जो बचपन से ही मम्मीपापा से आप की डांट पढ़वाती आ रही हो और आप इग्नोर करते आ रहे हों लेकिन इतना इग्नोर करना भी सही नहीं है क्योंकि बड़ी होते ऐसी लङकियां इस चीज में माहिर हो जाती हैं.

इस के आलावा अपने हिंसक या आक्रामक कार्यों को छिपाने या सही ठहराने के लिए लगातार और सहज रूप से झूठ बोलती हैं.

पछतावे की कमी

ऐसे लोग कितना भी बड़ा कांड कर दें लेकिन इन्हें कभी अपने किए पर पछतावा नहीं होता. भले इन्हें पता हो कि वे गलत थीं लेकिन कभी मानेंगी नहीं. सामने वाले को उलटा यह एहसास दिलाएंगी कि वे कितनी सही हैं. अपने कार्यों से दूसरों को चोट पहुंचाने के बाद ये सहानुभूति या पश्चाताप नहीं दिखातीं. गलत काम करने पर भी ये अकसर शांत और बेपरवाह रहती हैं.

मतलबी होना

ये मतलबी होती हैं और सारे रिश्ते मतलब से ही निभाती हैं. अपना काम निकल जाने पर पहचानने से भी इनकार कर देती हैं.

कम भावनात्मक नियंत्रण

वे अपनी निराशा, गुस्सा या असुविधा को नियंत्रित नहीं कर पातीं.

उत्तेजना की आवश्यकता

उन्हें ऊब से बचने और रोमांच महसूस करने के लिए लगातार हाई इंटेंसिटी की गतिविधियों की आवश्यकता होती है, जो कभीकभी आक्रामक व्यवहार की ओर ले जाता है.

आईएम दी बैस्ट

इन्हें खुद पर बहुत घमंड होता है. वे खुद को बेहद खास या दूसरों से बेहतर मानती हैं. इन्हें लगता है कि मैं दुनिया में सब से सुंदर, सब से गुणी हूं. मुझ जैसा कोई दूसरा हो ही नहीं सकता.

आसपास कोई ऐसा हो तो क्या करें

यदि आप को लगता है कि आप के आसपास कोई ऐसा है फिर चाहे वह आप का कोई अपना, कोई सगा ही क्यों न हो, तो भी उसे समाज के लिए खतरा ही मानें. कुछ अलग आपराधिक गतिविधियों में उसे लिप्त पाएं तो तुरंत पुलिस को  सूचना दें.

मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर (साइकोलोजिस्ट/साइक्राइट्रिस्ट) से निदान और सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करें. (हालांकि, साइकोपैथी वाले व्यक्ति शायद ही कभी खुद मदद मांगते हैं, क्योंकि उन्हें नहीं लगता कि उन के साथ कुछ गलत है). लेकिन आप उन्हें समझाबुझा कर डाक्टर के पास ले जाएं और उन का मानसिक इलाज कराएं क्योंकि वह मन से बीमार है.

ऐसे व्यक्ति से व्यवहार करते समय अपनी सुरक्षा के लिए स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करना और जरूरत पड़ने पर दूरी बना लेना आवश्यक है.

Psycho violent

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