रमा के पिता रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं. तीसरी श्रेणी के कर्मचारी रमा के पिता ने रिटायरमैंट का पैसा बेटी की शादी के लिए बचा कर रखा था. शादी तय होने के बाद रमा के पिता ने सोचा कि अपने गांव से शादी समारोह संपन्न हो जाए तो खर्चा कम होगा. मगर लड़के वालों की तरफ से शर्त रख दी गई कि वे गांव में शादी करने नहीं जाएंगे. ऐसे में काफी तलाश के बाद हाइवे पर एक रिसौर्ट शादी के लिए बुक किया गया तो पता चला कि कम से कम क्व10 लाख का खर्च होगा. रमा के पिता के पास इतना पैसा नहीं था. लड़के वालों की बात को मानने के अलावा उन के पास कोई विकल्प भी नहीं था. ऐसे में वे पैसों के इंतजाम में लग गए.

शादी के खर्च में हाल के कुछ महीनों में 30 से 40% की बढ़ोत्तरी हो गई है, जिस का असर रमा के पिता जैसे कितने ही पेरैंट्स पर पड़ रहा है.

टैक्स पर टैक्स

इस में जीएसटी का बड़ा रोल है. पहले रिसौर्ट, क्लब और होटल में 12% टैक्स पड़ता था. जीएसटी के बाद यह टैक्स बढ़ कर 18 से 28% हो गया है. रिसौर्ट, क्लब और होटल में शादी करने वाले लोग पहले की तरह शादी का इंतजाम खुद नहीं करते हैं. वे सजावट से ले कर शादी तक का पूरा काम अलगअलग कंपनियों पर डाल देते हैं. अब ये कंपनियां अलगअलग इंतजाम पर अलग टैक्स लेने लगी हैं. शादी के इन इंतजामों में मैरिज हाल, गेस्ट हाउस और क्लब के हिसाब से अलगअलग टैक्स देना पड़ता है. इस के अलावा डैकोरेशन, कैटरिंग, मेकअप, डीजे आदि के लिए भी अलगअलग टैक्स हैं. पहले फू्रट चाट, आइसक्रीम पार्लर और चाट वाले लोग अपने खाने पर टैक्स नहीं लेते थे. अब ये लोग भी जीएसटी लेने लगे हैं.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

25% की बचत

डिजिटल

USD99 USD49 /Year
सब्सक्राइब करें

फायदे

  • गृहशोभा मैगजीन का सारा कंटेंट
  • 2000+ फूड रेसिपीज
  • 6000+ कहानियां
  • 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
Best Value - 26% की बचत

24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल

USD200 USD149 /Year
सब्सक्राइब करें

फायदे

  • 24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल एक्सेस
  • फ्री गृहशोभा ऐप
  • सभी गृहशोभा इवेंट्स के फ्री इन्विटेशन
(नाश्ता + लंच + ₹1000 तक गिफ्ट हैम्पर + किसना डायमंड पेंडेंट)
  • डिजिटल कवरेज का मौका (Women Achievers & Influencers)
  • 2000+ फूड रेसिपीज | 6000+ कहानियां | 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...