Hindi Story Collection : बड़ी ही पेशोपेश में पड़ गई विभा. आज पार्टी में धीरज भी था और कपिल भी. जब कभी दोनों साथ होते थे तो विभा के लिए बड़ी असहज स्थिति हो जाती थी. धीरज उस का बौयफ्रैंड था और कपिल धीरज का फ्रैंड था.
स्थिति असहज होने का कारण यह था कि धीरज विभा का बौयफ्रैंड जरूर था पर कपिल के ऊपर उस का क्रश था. ऐसा भी नहीं था कि वह धीरज से कम प्यार करती थी. पर उसे लगता था कि कपिल के साथ उस के विचार और शौक अधिक मिलते हैं. कपिल के साथ
बातें करने में उसे अधिक आनंद आता था. उस की रुचि क्रिकेट और संगीत में थी और कपिल की भी. क्रिकेट की काफी रोचक जानकारी वह उस के साथ साझा करता था. संगीत का तो वह चलताफिरता ऐनसाइक्लोपीडिया ही था. न सिर्फ संगीत की जानकारी रखता था बल्कि गाता भी अच्छा था और सब से बड़ी बात यह थी कि जरा भी शरमाता नहीं था और फरमाइश होते ही शुरू हो जाता था. आवाज तो अच्छी थी ही कपिल की, सुर और ताल पर भी उस का बेहतर नियंत्रण था. इन कारणों से उस का कपिल पर गहरा क्रश था.
दूसरी ओर धीरज की रुचि साहित्य में थी. विशेषकर वह कविताओं और गजलों का दीवाना था, जबकि विभा को कविताएं तो बिलकुल समझ में नहीं आती थीं. गजल से भी उस का कोई खास लेनादेना नहीं था. इन कारणों से उसे लगता था कि धीरज की अपेक्षा कपिल के साथ उस का जीवन अधिक आनंददायक रहेगा.
मगर अपने इन विचारों के कारण उस के मन में अपराधबोध भी था. चूंकि धीरज उस का बहुत खयाल रखता था,कपिल के बारे में सोच कर उसे ऐसा लगता था कि वह स्वार्थी बन रही है और धीरज के साथ बेवफाई कर रही है. पर इस दुविधा से निकलना तो होगा उस ने सोचा. पर कैसे, वह सम?ा नहीं पा रही थी. मामला ऐसा था कि किसी और से इस की चर्चा भी नहीं की जा सकती था. धीरज से पूछने का प्रश्न ही नहीं था. उस का दिल टूट जाता इस से. कपिल से पूछने पर न जाने वह उस के बारे में क्या सोचे, यह डर था.
एकाएक विभा को खयाल आया जसलीन का. उस से उस की अच्छी दोस्ती थी. साथ ही वह धीरज और कपिल की भी अच्छी दोस्त थी. जसलीन इस में कुछ मदद कर सकती है, उस ने सोचा. पार्टी में जसलीन भी थी. उस ने समय निकाल कर जसलीन से कहा, ‘‘तुम से कुछ जरूरी बातें करनी हैं. कब आऊं तुम्हारे पास?’’
‘‘वैसे तो हमेशा स्वागत है तुम्हारा. रविवार को आओ तो बढि़या रहेगा. फुरसत में बातें होंगी,’’ जसलीन ने कहा.
‘‘ठीक है, रविवार को शाम 5 बजे आऊंगी,’’ विभा ने कहा.
‘‘ठीक है,’’ जसलीन ने सहमति दी.
पार्टी समाप्त होने पर सभी अपने घर चले गए. विभा प्रतीक्षा कर रही थी रविवार का जब वह जसलीन से अपने दिल की बात कहेगी.
रविवार को विभा जसलीन से मिलने पहुंची. जसलीन उसे देख कर चहक उठी. काफी देर ताकि इधरउधर की बातें होती रहीं. चायस्नैक्स का आनंद लिया दोनों ने. विभा अपनी बात रखने की सोचती पर सोचसमझ कर कवश रुक जाती. शायद जसलीन के ध्यान में भी वह बात ही नहीं थी. वह तो विभा से बातें करने में काफी आनंद ले रही थी. काफी देर के बाद जसलीन को इस बात का ध्यान आया तो बोली, ‘‘तुम ने कहा था, कुछ जरूरी बातें करनी है.’’
जसलीन की बात सुन कर विभा शरमा सी गई.
जसलीन ने उस के चेहरे की सुर्खी देख कर पूछा, ‘‘कोई प्यारव्यार का मामला है क्या?’’
अब तक विभा संभल चुकी थी. बोली, ‘‘हां, तभी तो तुम्हारी सलाह चाहती हूं.’’
‘‘बोलो क्या बात है? धीरज से तो तुम्हारी बातें होती ही रहती हैं. मेरी क्या आवश्यकता है?’’ जसलीन विभा और धीरज की दोस्ती के बारे में जानती थी.
‘‘बात धीरज से नहीं करनी है किसी और से करनी है इसलिए तुम्हारी सहायता चाहिए,’’ विभा बोली.
‘‘क्या?’’ जसलीन चौंक गई.
‘‘सलीन, मुझे लगता है कि मैं कपिल के ज्यादा करीब हूं, हमारे विचार अधिक मिलते हैं. पर कपिल मेरे बारे में क्या खयाल रखता है मुझे नहीं मालूम. तुम्हें जासूसी करनी होगी और पता करना होगा कि कपिल मेरे बारे में क्या विचार रखता है,’’ विभा ने कहा.
‘‘और धीरज? उस का क्या होगा,’’ जसलीन ने पूछा.
‘‘तुम्हारी बात सही है. धीरज से मेरी काफी अच्छी दोस्ती है. पर मैं ने बहुत सोचविचार कर देखा कि मैं कपिल के साथ बेहतर जिंदगी जी सकती हूं. धीरज से कोई वादा भी नहीं किया है मैं ने. न उस ने कभी इस बारे में बात की है. दोस्ती भले ही काफी वर्षों से है हमारे बीच,’’ विभा ने अपना पक्ष रखा.
‘‘चलो, मैं कपिल से बात करूंगी. पर मुझे लगता है मामला गंभीर होने वाला है. या तो तुम्हारा दिल टूटने वाला है या फिर धीरज का और इन दोनों स्थितियों में कोई भी अच्छी नहीं है,’’ जसलीन ने चिंतित स्वर में कहा.
थोड़ी देर चुप्पी रही फिर जसलीन बोली, ‘‘तुम्हारी दोस्ती धीरज के साथ कई वर्षों से है. यदि तुम्हें ऐसा लगता है कि तुम दोनों के बीच सम?ा की कुछ कमी है तो उस के बारे में धीरज से बात करो. फिलहाल कपिल के बारे में मत सोचो. हो सकता है तुम धीरज से किसी कारण से असंतुष्ट हो और इस कारण कपिल या किसी और के बारे में सोच रही हो और फिर कपिल के मन में क्या है तुम जानती भी तो नहीं हो. हो सकता है वह किसी और से प्यार करता हो. हो सकता है वह तुम्हें सिर्फ अपने दोस्त की गर्लफ्रैंड के रूप में देखता हो.’’
जसलीन की बातों में उसे दम नजर आया. बोली, ‘‘तुम्हारा कहना ठीक है. मैं सोचती हूं. बाय.’’
जसलीन के घर से वापस आ कर विभा सोचने लगीं. उसे जसलीन की बातें सही लगी. यदि कपिल उस के साथ आने के लिए तैयार हो भी गया तो इतने वर्षों से धीरज का साथ एकदम से छोड़ना सही नहीं होगा. जो भी कमियां हैं हमारे बीच उन पर काम करना जरूरी है. और सच पूछा जाए तो कोई कमी नहीं है हमारे बीच. हां, कपिल और मेरे शौक भले मिलते हैं पर और मामलों में उस के साथ पटेगी या नहीं यह कैसे कहा जा सकता है. धीरज के साथ मेरे शौक भले नहीं मिलते पर हम कई वर्षों से बड़ी आत्मीयता के साथ रह रहे हैं. इन बातों को सोच कर उस ने जसलीन को फोन कर फिलहाल कपिल से इस बारे में कोई भी बात करने से मना कर दिया.
समय बीतता रहा. कुछ ही सप्ताह के बाद धीरज ने विभा से कहा, एक बहुत बड़ी उलझन में फंसा दिया है कपिल ने मुझे.’’
‘‘क्या हुआ?’’ विभा का दिल धड़क गया. क्या जसलीन ने कपिल से उस की बात बता दी है, उस ने सोचा.
धीरज ने जवाब दिया, ‘‘कपिल को सरिता से प्यार हो गया है और वह चाहता है कि मैं यह बात सरिता तक पहुंचाऊं.’’
एकदम से सन्न रह गई विभा. अगर जसलीन ने कपिल से उस के क्रश के बारे में बता दिया होता तो उस के हाथ बहुत बड़ी निराशा लगती और धीरज से भी शायद उस का वैसा रिश्ता नहीं रहता.
‘‘करो मित्र की मदद हमेशा, तन से, मन से खुश हो कर,’’ विभा ने अपनी उदासी छिपा कर बचपन में पढ़ी कविता की पंक्तियों से धीरज को सम?ा दिया कि उसे कपिल के प्रस्ताव को सरिता तक पहुंचा देना चाहिए.
‘‘मित्र की मदद तो जरूर करूंगा पर इस के लिए उचित अवसर ढूंढ़ना होगा,’’ धीरज ने कहा.
विभा कुछ बोल पाती उस से पहले ही धीरज झिझकते हुए बोला, ‘‘एक और बड़ी उलझन है.’’
‘‘अब क्या है?’’ विभा ने पूछा.
‘‘मुझे भी किसी से बेहद प्यार हो गया है और जिस से प्यार हो गया है उसे बताना भी नहीं आसान और उस से छिपाना भी नहीं आसान,’’ धीरज बोला.
विभा समझ गई कि वह उस की ही
बात कर रहा है पर अनजान बन कर पूछा,
‘‘किस से?’’
धीरज विभा को अर्थ भरी मुसकान के साथ देखने लगा.
विभा ने उस के कंधे पर अपना सिर रख दिया. ‘एक बहुत बड़ी अनहोनी से बच गई,’ उस ने सोचा.
