Best Hindi Story : “सुनो, तुम वापस आ जाओ, जलज. मुझे तुम्हारी जरूरत है. और हमारे बच्चे को भी. तुम लौट आओ, प्लीज.” विलाप करती कनिका पति जलज के पार्थिव शरीर से लिपट गई. बड़ी ननद राखी ने उसे खींच कर अलग करने की कोशिश की, लेकिन कनिका ने जलज का हाथ नहीं छोड़ा.

राखी ने लाचारी से अपनी मां माधवी की तरफ देखा. माधवी शोक संतप्त महिलाओं की भीड़ में से उठ कर आई और पति को अंतिम पलों में निहारती कनिका को झटके से खींच कर उस से अलग कर दिया. कनिका को लगभग घसीटती हुई माधवी भीतर ले आई.

हमेशा चहकने वाला जलज आज कितना शांत लेटा हुआ है मानो उसे किसी से कोई मतलब ही नहीं. कनिका और उस के गर्भ में पल रहे 2 माह के अपने बच्चे से भी कैसे उस का मोह एक झटके में ही भंग हो गया. अभी 5 साल भी नहीं हुए थे उस की शादी को और ये वज्रपात…

30 वर्ष की उम्र में तो कनिका की कई सहेलियों की शादी तक नहीं हुई थी और उस ने इसी उम्र में इश्क के लाल से ले कर वैधव्य के सफ़ेद रंग तक, सबकुछ देख लिया. कनिका कैसे स्वीकार कर ले नियति के इस कठोर फैसले को. लेकिन स्वीकार करने के अलावा दूसरा चारा भी तो नहीं है.

जलज की पार्थिव देह की अंतिमयात्रा की तैयारी हो चुकी थी. पंडित जी अपना काम कर चुके थे. उन के कहे अनुसार, चचेरे छोटे भाई पंकज ने अपना सिर मुंडवा कर बड़े भाई को आखिरी भेंट दी. माधवी और राखी बारबार बेसुध होती कनिका को पकड़ कर पति के अंतिम दर्शनों के लिए लाईं, तो कनिका का दारुण क्रंदन सुन कर उपस्थित जनसमुदाय भी अपने आंसू नहीं रोक पाया.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

25% की बचत

डिजिटल

USD99 USD49 /Year
सब्सक्राइब करें

फायदे

  • गृहशोभा मैगजीन का सारा कंटेंट
  • 2000+ फूड रेसिपीज
  • 6000+ कहानियां
  • 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
Best Value - 26% की बचत

24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल

USD200 USD149 /Year
सब्सक्राइब करें

फायदे

  • 24 प्रिंट मैगजीन + फ्री डिजिटल एक्सेस
  • फ्री गृहशोभा ऐप
  • सभी गृहशोभा इवेंट्स के फ्री इन्विटेशन
(नाश्ता + लंच + ₹1000 तक गिफ्ट हैम्पर + किसना डायमंड पेंडेंट)
  • डिजिटल कवरेज का मौका (Women Achievers & Influencers)
  • 2000+ फूड रेसिपीज | 6000+ कहानियां | 2000+ ब्यूटी, फैशन टिप्स
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...