Stories : नीलू थक कर अभीअभी वापस आई थी. वह एक वित्तीय कंपनी में ट्रेनर का काम करती थी और आज एक सरकारी विभाग ने उसे डिजिटल फ्रौड के ऊपर सैशन लेने के लिए बुलाया था. उस की कंपनी में वैसे तो कई ट्रेनर थे पर डिजिटल फ्रौड के लिए उसे सब से अच्छा ट्रेनर माना जाता था. वैसे वह इस प्रकार के सैशन अपनी कंपनी में लेती रहती थी परंतु बात दूसरे विभाग की थी और वह भी सरकारी विभाग की. अत: जोरदार तरीके से तैयारी की थी. पावरपौइंट प्रेजैंटेशन भी बहुत ही शानदार बनाया था. उस की मेहनत रंग लाई. सभी मंत्रमुग्ध हो कर उस की बातों को सुन रहे थे. उस ने एकतरफा लैक्चर देने के स्थान पर सैशन को सहभागी बनाया था. वह प्रतिभागियों से प्रश्न पूछती थी और उन्हें प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करती थी. कई रोचक किस्से उस ने प्रतिभागियों से साझा किए और प्रतिभागियों को भी अपने अनुभव साझ करने के लिए प्रोत्साहित किया.
ऐसा लग रहा था कि नीलू प्रतिभागियों से चिरपरिचित है. परिणाम यह हुआ कि उस के सैशन को बहुत सराहना मिली और विभाग प्रमुख ने उसे हर महीने इस प्रकार का सैशन लेने के लिए आमंत्रित किया. निश्चित रूप से वह बहुत खुश थी सभी की इतनी सकारात्मक प्रतिक्रिया पा कर, पर उस स्थान की दूरी काफी थी और ट्रैफिक के कारण वह थकीथकी महसूस कर रही थी.
शाम के 5 बज गए थे. नीलू ने चाय बना कर पी और आंखें बंद कर आराम करने लगी. पास में ही उस का प्यारा टौमी भी बैठा हुआ था. वह उस की पीठ पर हाथ फेर रही थी. टौमी अपनी पूंछ हिला कर उस के स्पर्श पर प्रतिक्रिया कर रहा था.
तभी नीलू का मोबाइल बज उठा. उस ने देखा वीडियोकौल आ रही है. नंबर अनजान था. वह जानती थी कि आजकल वीडियोकौल कर कई तरह से लोगों को फंसाया जाता है. सैक्सटोर्शन और अन्य प्रकार का भयादोहन आम हो गया है आजकल और कोई वक्त होता तो शायद वह इस कौल को नहीं उठाती पर अभी उसे मनोरंजन की आवश्यकता थी. ‘चलो, मन कुछ फ्रैश कर लिया जाए,’ यह सोच कर उस ने कौल उठा ली.
उधर से कोई पुलिसवरदी में था. नीलू अभीअभी जिस विषय पर सैशन ले कर आई थी वह विषय प्रत्यक्ष सामने था. अगले सैशन में इस घटना को भी साझ करूंगी यह सोच कर उस ने कहा, ‘‘हैलो.’’
‘‘मैं एनआईए से एसीपी सतीश बोल रहा हूं. आप मिसेज नीलू बोल रही हैं?’’ उधर से वरदीधारी ने कहा.
‘‘जी सर, मैं नीलू ही बोल रही हूं पर मैं मिसेज नहीं मिस हूं. मेरी शादी नहीं हुई है और किसी हैंडसम पुलिस वाले से शादी करने का इरादा रखती हूं,’’ नीलू ने कहा.
‘‘देखिए मजाक मत कीजिए और मैं जो कह रहा हूं उसे ध्यान से सुनिए.
आप के आधार नंबर का प्रयोग कर के एक कनैक्शन लिया गया है और उस से आतंकवादी समूह से बात की गई है. मैं जानता हूं कि आप निर्दोष हैं परंतु यह मामला आतंकवाद से संबंधित है और इस के लिए आप को जेल हो सकती है,’’ एसीपी सतीश ने कहा.
‘‘सब से पहले मुझे निर्दोष मानने के लिए बहुतबहुत धन्यवाद एसीपी साहब. जेल तो ठीक है पर मैं कैसी लग रही हूं यह तो बताइए?’’ कह कर नीलू ने टौमी की ओर कैमरा घुमा दिया.
‘‘शायद आप का दिमाग ठिकाने नहीं है. मैं यह सोच कर आप को फोन कर रहा था कि आप की सहायता करूं पर आप लगता है जेल जाने के लिए बेताब हैं,’’ एसीपी क्रोधित हो गया.
इस बीच नीलू वाशरूम मोबाइल लिए हुए अपने हाथ धोने चली गई थी. उस ने कहा, ‘‘ऐसा मत कहिए एसीपी साहब. जो झूठ बोलता है उस का वाशरूम गंदा रहता है. देखिए मेरा वाशरूम कितना साफ है,’’ कह नीलू ने मोबाइल के कैमरे को कोमोड की ओर कर दिया.
अब एसीपी गुस्से से लाल हो गया. बोला, ‘‘बकवास बंद करो, यदि तुम खुद को बचाना चाहती हो तो एक खाता नंबर दे रहा हूं उस में 3 लाख रुपए भेज दो वरना 1 घंटे के अंदर सरकारी मेहमान बन जाओगी और यहां कोमोड इतना साफ नहीं मिलेगा.’’
‘‘सर आप तो नाराज हो गए, खाता नंबर बताइए,’’ नीलू ने कहा. एसीपी ने खाते का पूरा विवरण दे दिया.
इस बीच नीलू ने व्हाट्सऐप पर मैसेज कर के अपनी सहेली नेहा को भी बुला लिया. नेहा आई तो उसे इशारे में समझाया कि कुछ मजेदार चल रहा है. पहले तो नेहा स्क्रीन पर वरदीधारी को देख कर घबराई पर जब नीलू की उस से बातें सुनीं तो समझ गई कि मामला क्या है.
कुछ देर नीलू यों ही इधरउधर कुछ करती रहा. फिर बोली, ‘‘एसीपी साहब मैं ने तो 3 लाख की जगह 4 लाख रुपए भेजने की कोशिश की पर आप का खाता बड़ा ही ऐट्टीट्यूड वाला है पैसे ले ही नहीं रहा है. क्या मैं 5 लाख रुपए भेजने की कोशिश करूं?’’
‘‘मतलब साफ है तुम जेल की हवा खाना ही पसंद कर रही हो. चलो ठीक है, तुम्हारे घर पुलिस आती ही होगी. पर फोन को डिसकनैक्ट मत करना क्योंकि तुम डिजिटल अरैस्ट में हो,’’ एसीपी ने कहा.
‘‘एसीपी सर, क्या मैं अपनी सहेली को भी जेल साथ ला सकती हूं उस का नाम नेहा है. बड़ी ही सैक्सी है. देखोगे तो मस्त हो जाओगे. मना मत करना प्लीज. लो इस से भी बात कर लो,’’ कहते हुए नीलू ने नेहा को फोन दे दिया.
नेहा को नीलू की बात सुन कर हंसी आ गई, ‘‘हाय हैंडसम, कैसे हो? क्या मैं नीलू से कम खूबसूरत हूं कि तुम ने मुझे कौल नहीं की?’’ नेहा ने इतनी सैक्सी अदा से कहा कि नीलू की हंसी छूट गई.
दोनों की खिलखिलाहट की आवाज सुन कर अब एसीपी समझ चुका था कि वह गलत लोगों से उलझ गया है. उस ने कौल को डिसकनैक्ट कर दिया. हंसतेहंसते नीलू और नेहा दोनों का दम फूल रहा था. जब दोनों सामान्य हुईं तो फिर उस नंबर पर कौल बैक की. वह नंबर व्यस्त आ रहा था.
‘‘लगता है किसी और को फंसाने की कोशिश कर रहा है एसीपी सतीश. 1930 पर इस नंबर की जानकारी दें पहले, फिर बातें करते हैं,’’ नीलू ने कहा और 1930 नंबर डायल करने लगी.
