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धारावाहिक कहानी

वक्त की अदालत में: मेहर ने शौहर मुकीम के खिलाफ क्या फैसला लिया

मेहर की जिंदगी दोजख बना दी थी उस के शौहर मुकीम ने. उस ने मेहर को पैसा कमाने और बच्चा पैदा करने की मशीन से ज्यादा कुछ न समझा. लेकिन, जब जुल्म अपनी हद पार कर जाता है तो सहने वाले की हद भी खत्म हो जाती है. कुछ ऐसा ही हुआ मेहर के साथ...

  • Digital Team
  • ,
  • Jan 1, 1970
family story in hindi
भाग - 1

‘‘आप को एक खबर देनी है,’’ नवीन बाबू की आवाज में बौखलाहट थी, ‘‘दीदी, आप के शौहर की कोई जवान बेटी है क्या?’’

family story in hindi
भाग - 2

‘अरे अम्मी, यह क्यों नहीं सोचतीं कि भाभी की तनख्वाह बच्चों के बहाने से हम अपनी जरूरत के लिए ले सकते हैं,’ मक्कार और कपटी ननद ने मां के कान भरे.

family story in hindi
भाग - 3

‘बड़ा जाहिल आदमी है, पढ़ीलिखी, नौकरीपेशा औरत के साथ कैसा जानवरों सा सुलूक कर रहा है,’कहते हुए औरतें रुक जातीं.

family story in hindi
भाग - 4

दिन का उजाला शहर के चेहरे पर खींची सड़कों पर फैलने लगा था. ठंडी हवा के झोंके राहत देने लगे थे. चलते हुए हांफने लगी थीं हम दोनों बहनें.

family story in hindi
भाग - 5

मैंने प्रश्नवाचक दृष्टि से चचेरी बड़ी आपा की तरफ देखा. ‘तुम यहीं पेड़ के नीचे खड़ी रहो, मैं देखती हूं, माजरा क्या है,’ यह कह कर उन्होंने कंधे पर हाथ रख कर मुझे तसल्ली दी थी.

family story in hindi
भाग - 6

घसीटते कदमों ने घर तो पहुंचा दिया मगर कमरे की निस्तब्धता ने कस कर बाहों में बांध लिया. तेज रुलाई फूटी. देर तक निढाल फर्श पर बैठी रही.

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