Kids Activities : समर वैकेशन में हर बच्चे की उछलकूद, उस की ऐनर्जी अपनेआप बढ़ जाती है. इसलिए उसे संभालना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. मगर जो बच्चे रैग्युलर डे भी ऐक्स्ट्रा ऐनर्जी से भरे रहते हैं उन्हें तो वैकेशन में रिलैक्स रखना और भी मुश्किल हो जाता है जैसे हाइपरएक्टिव बच्चों.
हाइपरऐक्टिव बच्चों को रिलैक्स करना या उन की ऐनर्जी से मैच करना हर पेरैंट्स के लिए बहुत चैलेंजिंग हो जाता है और वैकेशन में उन की ऐनर्जी को मैनेज करना तो पूछो ही मत.
फ्रीज डांस: बच्चे की ऐक्स्ट्रा ऐनर्जी को बर्न करने में डांस बहुत उपयोगी है. बच्चे का पसंदीदा म्यूजिक चलाएं और उसे खूब नाचने दें. परिवार के सदस्य भी बच्चे के साथ ऐंजौय करें और फिर सभी को फ्रीज डांस करने का चैलेंज दें. यानी जैसे ही म्यूजिक रुके तो हर किसी को अपनी उसी डांस पोज में फ्रीज होना पड़ेगा. यदि आप हिले तो आप खेल से बाहर हो जाएंगे.
जासूसी खेल: घर या आंगन अथवा गार्डन में कुछ चीजों को छिपा दें फिर छिपी हुई चीजों की एक लिस्ट तैयार करें और बच्चे को उन्हें तलाशने का चैलेंज दें. इस तरह का जासूसी खेल बच्चों को बहुत पसंद आता है.
बच्चों का योग: साधारण संतुलन वाले आसन जैसे ताड़ासन (ट्री पोज) या तितली आसन (बटरफ्लाई पोज) बच्चों को सांस पर नियंत्रण रखना सिखाते हैं और उन की घबराहट को कम करते हैं.
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जानवरों जैसी चाल: बच्चों को कमरे के पार जाने की चुनौती दें, जिस में उन्हें अपने पैरों पर आम चाल से नहीं बल्कि एक भारी भालू, एक नीचे चलने वाले केकड़े या एक कूदने वाले कंगारू की तरह चलना होगा. इस ऐक्टिविटी में बहुत फन भी है और यह बच्चों की हाई ऐनर्जी को थोड़ा रिलैक्स भी करेगी.
बबल रैंप के खेल: बबल रैंप को कारपेट या चटाई की तरह बिछाएं और बच्चे को उस पर रैंप वाककराएं या बबल रैंप पर एक पैर से कूदने वाला खेल खिलाएं. बबल फूटने पर उसे मजा आएगा और आप गिनें भी कि बच्चे ने कितने बबल फोड़े.
आप बुलबुलों पर मार्कर से अक्षर लिखने का खेल खेलें और देखें कि बच्चा कितनी जल्दी वर्णमाला पूरी करता है या बच्चे को बबल रैंप पर पेंट करने को दे सकते हैं और फिर उस पर ऊपर कागज दबा कर एक शानदार ‘बबल प्रिंट’ पेंटिंग बना सकता है.
बैलून वौलीबौल: इस में एक गुब्बारा फुलाएं और जमीन पर मध्य रेखा या नैट खड़ा कर लें. बैलून वौलीबौल एक बेहतरीन खेल है. घर के बच्चे साथ मिल कर यह खेल सकते हैं. यदि बचा अकेला है तो उस के साथ आप खेलें. यदि यह संभव नहीं तो बच्चे को गुब्बारे के जमीन पर गिरने से पहले उसे मारने के लिए लाइन के दोनों ओर दौड़ कर दोनों तरफ से खेलने के लिए कहें.
हौपस्कौच: इस खेल के लिए खाली जगह लें या बनाएं फिर फर्श पर चौक से ग्रिड या खाने बना लें. उन के नंबर्स लिखें और किसी छोटी डिस्क या पिट्टू को खानों में फेंक कर एक टांग पर कूदते हुए खानों को पूरा कर खेल खेलें. यह खेल बच्चा अकेले या औरों के साथ भी खेल सकता है.
बौलिंग खेल: बाजार से बौलिंगसैट ले आएं या कुछ खाली प्लास्टिक की बोतलों और एक बौल के साथ आप घर पर एक बौलिंग एली बना लें. बौलिंग को सैट करें या खाली बोतलों में थोड़ा रेत या पानी भर कर उन्हें पिन की तरह सैट कर लें.
फिर कुछ दूरी से बच्चे को उस फर्श से थ्रो करने को कहें. यह खेल बच्चा अकेले या दूसरों के साथ भी खेल सकता है. आप भी बच्चे के साथ इस खेल का आनंद लें.
ऐरोबिक खेल: यह खेल जैसे तैरना, साइकिल चलाना और हुलाहूप जैसी ऐक्टिविटी दिमाग में ध्यान बढ़ाने वाले न्यूरोट्रांसमीटर (रसायनों) को सक्रिय करती है, जिस से बच्चा अपनी ऐक्स्ट्रा ऐनर्जी को एक सही दिशा देता है.
