Summer Care tips : गरमी के मौसम में पसीना ज्यादा आता है और उस वजह से सिर में खुजली हो जाती है और सिर से बदबू भी आने लगती है. इसलिए गरमियों में हमें अपने सिर का खयाल उतना ही रखना चाहिए जितना कि अपनी बौडी का.

अगर आप स्वस्थ और खूबसूरत बाल चाहते हैं, तो गरमियों में अपने बालों के साथसाथ स्कैल्प की भी उचित देखभाल करें. इस के लिए, यहां हम आप के स्कैल्प की इचिंग से नजात पाने के कुछ ऐडवांस प्रोडक्ट्स शेयर कर रहे हैं, जिन का इस्तेमाल कर आप अपने स्कैल्प को साफसुथरा रख सकते हैं और पसीने से होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं.

ऐंटी प्रोलिफेरेटिव और ऐंटी फंगल स्कैल्प लोशन

जब पसीना ज्यादा आता है, तो स्कैल्प का माइक्रोबायोम असंतुलित हो जाता है. इस के लिए कीटोकोनाजोल (Ketoconazole) और सेलीसाइक्लिक एसिड (Salicylic Acid) के कौंबिनेशन वाले लोशन सब से प्रभावी माने जाते हैं.

सेलीसाइक्लिक एसिड स्कैल्प की डेड स्किन और पसीने की परत को हटाता है, जबकि कीटोकोनाजोल खुजली पैदा करने वाले कवक (fungus) को रोकता है.

ग्लाइकोपाइरोलेट स्कैल्प वाइप्स (Glycopyrrolate Wipes)

स्कैल्प वाइप्स (Scalp Wipes) उन लोगों के लिए एक बेहतरीन औन द गो (On-the-go) सोल्यूशन हैं जो बारबार बाल नहीं धो सकते या जिन्हें अत्यधिक पसीना आने की समस्या है. यह एक आधुनिक मैडिकल समाधान है. ये वाइप्स विशेषरूप से उन लोगों के लिए हैं जिन्हें चेहरे और स्कैल्प पर अत्यधिक पसीना आता है.

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यह स्वेट ग्लैंड्स (पसीने की ग्रंथियों) को अस्थायी रूप से ब्लौक कर देता है, जिस से पसीना कम निकलता है. हालांकि, इसे डर्मेटोलौजिस्ट की सलाह पर ही इस्तेमाल करना चाहिए.

ये सक्रिय तत्त्व पसीने की ग्रंथियों (Sweat glands) को अस्थायी रूप से ब्लौक कर देते हैं, जिस से स्कैल्प सूखा रहता है. इन्हें आमतौर पर रात में साफ स्कैल्प पर लगाया जाता है ताकि ये अपना असर दिखा सकें.

Qbrexza : यह एक प्रिस्क्रिप्शन आधारित वाइप है जो अत्यधिक पसीने के लिए उपयोग किया जाता है.

Carpe Sweat Absorbing Face/Scalp Wipes : यह बिना प्रिस्क्रिप्शन के मिलने वाला एक लोकप्रिय ब्रैंड है जो पसीना सोखने के लिए जाना जाता है.

Drybar या अन्य ब्यूटी ब्रैंड्स : ये अकसर डेटौक्स या क्लींजिंग वाइप्स के नाम से आते हैं, जो स्कैल्प को रिफ्रैश करने का काम करते हैं.

एप्पल साइडर विनेगर

एप्पल साइडर विनेगर से अपने सिर को धोएं. यह आप के स्कैल्प के पीएच संतुलन करने और खुजली को कम करने में मदद कर सकता है. पानी और सेब के सिरके को बराबर मात्रा में मिलाएं और शैंपू करने के बाद लास्ट में बालों को धोने के लिए इस का उपयोग करें.

Fytika Lush locks hair cleanser

इस में शिकाकाई, नीम, आंवला, हिबिस्कस और एलोवेरा जैसे तत्त्व होते हैं जो बालों को स्वस्थ बनाते हैं. यह स्कैल्प को उत्तेजित करता है, बालों को ताजगी देता है. यह ऐंटीसैप्टिक गुणों से भरपूर होता है, जो बालों के फोलिकल में जमे मैल को खत्म करते हैं और बालों के विकास को बढ़ावा देते हैं. यह बैक्टीरिया और जीवाणुओं के जमावट को रोकता है और आप के बालों को साफ करता है.

Fytika Lush Locks hair oil

यह तेल जटामांसी, ब्राह्मी, भृंगराज, आंवला, सूरजमुखी, जैतून, नीलपत्र और अखरोट का एक अद्वितीय मिश्रण है. यह स्कैल्प को आवश्यक पोषक तत्त्व प्रदान करता है और जड़ों और स्कैल्प के लिए खून की फ्लो को बढ़ाता है, जो हेयरग्रोथ को तेज करता है. यह स्कैल्प की सूखापन का असर खत्म करता है, जिस से डैंड्रफ वापस नहीं आता और स्कैल्प के लिए अच्छी हैल्थ बढ़ाने में मदद करता है, साथ ही खुजली वाली समस्याओं को दूर करता है.

टी ट्री औयल

टी ट्री औयल में प्राकृतिक रूप से ऐंटीफंगल और ऐंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो रूसी और सिर की त्वचा में खुजली जैसी परेशानी से मुक्ति दिलाते हैं. साथ ही इस के इस्तेमाल से सिर की त्वचा पर पड़ने वाले फ्लैक्स और रूखेपन से नजात मिलती है. इस के लिए फ्लैक्स और रूखेपन से नजात मिलती है. इस के लिए टी ट्री औयल की 10 से 20 बूंदों को किसी बेबी शैंपू में मिला कर बालों में लगा लें और 5 मिनट बाद बालों को धो लें. हर 1 दिन छोड़ कर इस का प्रयोग करें.

क्लैरिफाइंग शैंपू (Clarifying Shampoo)

यह स्कैल्प से पसीने, गंदगी और तेल को गहराई से साफ करता है. असल में क्लैरिफाइंग शैंपू पसीने और चिपचिपाहट से परेशान स्कैल्प के लिए एक डीप क्लीनिंग ट्रीटमैंट की तरह काम करता है. सामान्य शैंपू के मुकाबले इस में सर्फेक्टेंट्स की मात्रा थोड़ी अधिक होती है, जो स्कैल्प पर जमी जिद्दी परतों को हटाने में सक्षम होते हैं.

पसीने में नमक (Sodium) होता है, जो सूखने के बाद स्कैल्प पर एक परत बना देता है. क्लैरिफाइंग शैंपू इस खनिज जमाव (Mineral buildup) को पूरी तरह साफ कर देता है. इसे रोजाना इस्तेमाल न करें क्योंकि यह स्कैल्प के प्राकृतिक तेल को भी हटा सकता है. हफ्ते में 1 बार या बहुत ज्यादा पसीना आने पर 4-5 दिन में 1 बार पर्याप्त है.

यदि आप जिम जाते हैं या स्पोर्ट्स में सक्रिय हैं, तो क्लैरिफाइंग शैंपू आप के हेयर केयर रूटीन का सब से जरूरी हिस्सा होना चाहिए ताकि पसीना आप के बालों की जड़ों को कमजोर न कर सके.

स्कैल्प स्क्रब

वास्तव में स्कैल्प के लिए एक फेशियल की तरह काम करते हैं. विशेषरूप से सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid) युक्त स्क्रब पसीने से होने वाली खुजली के लिए एक गेम चेंजर साबित होते हैं. सैलिसिलिक एसिड एक बीएचए (Beta Hydroxy Acid) है. यह केवल सतह की सफाई नहीं करता, बल्कि रोमछिद्रों के अंदर जा कर पसीने, तेल और चिपचिपी गंदगी को घोल देता है. पसीने के कारण स्कैल्प में जो सूजन या रैडनेस आ जाती है, सैलिसिलिक एसिड उसे शांत करता है, जिस से खुजली से तुरंत आराम मिलता है.

इसे हमेशा गीले बालों पर लगाएं. बालों को सेक्शन में बांटें ताकि स्क्रब सीधे स्कैल्प तक पहुंचे. अगर आप के स्कैल्प पर कोई खुला घाव, फुंसी या बहुत ज्यादा जलन है, तो सैलिसिलिक एसिड का उपयोग करने से पहले उसे पूरी तरह ठीक होने दें.

बोटोक्स इंजेक्शन से पसीना कम निकलता है

बोटोक्स ब्यूटी ट्रीटमैंट है लेकिन इस से पसीना भी कम निकलता है. बोटोक्स के इंजेक्शन लगने से नसों की ऐक्टिविटी धीमी पड़ जाती है और इस का असर स्वैट ग्लैंड्स पर पड़ता है. जब तक यह ट्रीटमैंट चलता है, पसीना कम आता है .इस प्रक्रिया में लगभग 20-30 मिनट लगते हैं. स्कैल्प पर छोटेछोटे इंजेक्शन दिए जाते हैं. इस का असर दिखने में 5-7 दिन लगते हैं.

एक बार बोटोक्स लेने के बाद इस का असर आमतौर पर 6 से 9 महीने तक रहता है. इस के बाद दोबारा ट्रीटमैंट की जरूरत पड़ सकती है. यह ट्रीटमैंट केवल एक अनुभवी डर्मेटोलौजिस्ट (Dermatologist) से ही करवाना चाहिए.

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