Monsoon skincare : मौनसून  में नमी और उमस त्वचा के लिए कई चुनौतियां ले कर आती है. लगातार नमी के कारण त्वचा चिपचिपी हो सकती है, पसीना आसानी से सूखता नहीं, पोर्स बंद हो सकते हैं और बैक्टीरिया व फंगस के बढ़ने से बौडी और्डर और त्वचा संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं. ऐसे में त्वचा की देखभाल का मतलब केवल ग्लो बनाए रखना नहीं बल्कि उसे साफ, सूखा, हाइड्रेटेड और स्वस्थ रखना भी है.

आइए, जानते हैं मौनसून में स्किन और बौडी केयर से जुड़े कुछ आसान और असरदार उपाय:

त्वचा को हैल्दी और फ्रैश कैसे रखें

मौनसून की नमी त्वचा को बाहर से औयली और चिपचिपा बना सकती है जबकि कई बार त्वचा अंदर से डिहाइड्रेटेड भी हो सकती है. इसलिए इस मौसम में बहुत ज्यादा प्रोडक्ट्स लगाने के बजाय एक सरल और नियमित स्किन केयर रूटीन अपनाना बेहतर है.

कुछ आसान टिप्स

दिन में 2 बार माइल्ड फेस क्लींजर से चेहरा साफ करें.

त्वचा को जरूरत के अनुसार हलके, नौनग्रीसी मौइस्चराइजर से हाइड्रेट रखें.

बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें क्योंकि बादलों के बावजूद किरणें त्वचा तक पहुंच सकती हैं.

पसीने और नमी के कारण चेहरा बारबार छूने से बचें.

मेकअप करने के बाद चेहरे को अच्छी तरह साफ करें और मेकअप लगा कर सोने से बचें.

बौडी और्डर को कैसे कंट्रोल करें

मौनसून में हवा में नमी अधिक होने के कारण पसीना आसानी से सूख नहीं पाता. जब पसीना त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया के संपर्क में आता है तो शरीर से दुर्गंध आने की समस्या बढ़ सकती है. इस से बचने के लिए अच्छी पर्सनल हाइजीन सब से जरूरी है.

इन बातों का रखें ध्यान

रोजाना अंडरआर्म्स, गरदन, पैरों और शरीर की सिलवटों को अच्छी तरह साफ करें.

हलके और ब्रीदेबल कपड़े पहनें.

गीले या पसीने से भीगे कपड़ों को लंबे समय तक न पहनें.

जूते और मोजे पहनने से पहले पैरों को अच्छी तरह सुखाएं.

रोजाना साफ अंडरगारमैंट्स और मोजे पहनें.

बौडी और्डर को छिपाने के लिए केवल परफ्यूम का इस्तेमाल करने के बजाय उस के मूल कारण यानी पसीने और बैक्टीरिया को नियंत्रित करना अधिक जरूरी है.

फेस औयल

त्वचा को पोषण देने में मदद करता है.

स्किन बैरियर को सपोर्ट करता है.

ड्राई और डिहाइड्रेटेड स्किन को सौफ्ट रखने में मदद कर सकता है.

त्वचा को नैचुरल ग्लो दे सकता है.

मौनसून में हलके फेस औयल का चुनाव करें और अपनी स्किन टाइप के अनुसार ही इस का इस्तेमाल करें. औयली या ऐक्नेप्रोन स्किन वाले लोग किसी भी औयल को चेहरे पर लगाने से पहले यह जरूर देखें कि वह उन की त्वचा के लिए उपयुक्त है या नहीं.

आमतौर पर रात में स्किन केयर रूटीन के अंत में 2-3 बूंदें फेस औयल पर्याप्त होती हैं.

फंगल इन्फैक्शन से बचाव

मौनसून में बढ़ी हुई नमी और लंबे समय तक गीली त्वचा फंगल इन्फैक्शन के लिए अनुकूल वातावरण बना सकती है. खासकर पैरों की उंगलियों के बीच, अंडरआर्म्स और शरीर की त्वचा की सिलवटों में नमी जमा होने से समस्या हो सकती है.

क्या करें

पैरों और उंगलियों के बीच की त्वचा को अच्छी तरह सुखाएं.

बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़े तुरंत बदलें.

तौलिया, कपड़े और व्यक्तिगत इस्तेमाल की चीजें दूसरों के साथ साझा न करें.

अगर त्वचा पर लगातार खुजली, लाल चकत्ते, जलन या गोलाकार निशान दिखाई दें तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें.

-डा. ब्लौसम कोचर

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...