daily skincare routine : सस्टेनेबल ब्यूटी का मतलब है शरीर, त्वचा और पर्यावरण के बीच तालमेल बैठाना. इस के साथ ही रात का ऐसा स्किनकेयर रूटीन बनाना जरूरी है जो त्वचा को रात भर ठीक होने और रिपेयर होने में मदद करे साथ ही उसे सुकून देने वाला हाइड्रेशन भी दे जिसे अकसर गरमियों में नजरअंदाज कर दिया जाता है. रात का सुकून देने वाला रूटीन त्वचा को ठंडा रखने, गंदगी हटाने और त्वचा के स्वस्थ करने में मदद कर सकता है.
गरमी का मौसम पित्त दोष के बढ़ने से जुड़ा है जो गरमी, तेजी और बदलाव का प्रतीक है. ज्यादा पित्त त्वचा पर लालिमा, जलन, सैंसिटिविटी, ब्रेकआउट और ज्यादा तेल के रूप में दिख सकता है. गरमियों के लिए एक खास नाइट रूटीन जिस में त्वचा को भारी किए बिना साफ करने, ठंडा रखने, हाइड्रेशन और पोषण देने पर ध्यान दिया जाए, त्वचा की क्वालिटी को बेहतर बना सकता है.
स्टैप 1: पसीना और गंदगी साफ करें
त्वचा के नैचुरल औयल को बनाए रखने के लिए हलके हाथों से साफ करना जरूरी है. सलाह दी जाती है कि आप तेज क्लींजर का इस्तेमाल न करें क्योंकि यह त्वचा की सुरक्षात्मक परत को नुकसान पहुंचा सकता है और ज्यादा तेल बनने का कारण बन सकता है.
नैचुरल क्लींजिंग के विकल्पों में शामिल हैं:
सुकून देने वाले हाइड्रेशन के लिए ऐलोवेराबेस्ड क्लींजर. ताजगी देने वाले स्किन टोनर के तौर पर गुलाबजल, सही फौर्मूलेशन में नीम या हलदी जैसी हलकी हर्बल चीजें.
स्टैप 2: त्वचा को ठंडा और शांत करें
साफ करने के बाद त्वचा को अकसर आराम की जरूरत होती है, खासकर गरमी, पसीने और धूप में रहने के बाद. ऐसी चीजों का इस्तेमाल करें जो ज्यादा पित्त को संतुलित करने में मदद करें और त्वचा को ताजगी दें.

हफ्ते में एक बार ऐक्स्ट्रा: फ्रैशिंग ट्रीटमैंट के लिए ये चीजें मिलाएं:
1 चम्मच चंदन पाउडर,
1 बड़ा चम्मच खीरे का रस,
4-5 पिसी हुई पुदीने की पत्तियां.
इन्हें मिला कर एक स्मूद पेस्ट बना लें और चेहरे पर अच्छी तरह लगाएं. 10-15 मिनट तक लगा रहने दें और फिर ठंडे पानी से धो लें. यह पारंपरिक तरीके से बना मास्क खासकर गरमी और उमस भरे दिनों के बाद बहुत फायदेमंद होता है जब त्वचा औयली, बहुत गरम या थकी हुई महसूस होती है.
स्टैप 3: बिना ऐक्स्ट्रा तेल के हाइड्रेट करें
औयली स्किन वाली कई महिलाएं गरमियों में मौइस्चराइजर लगाने से बचती हैं लेकिन सच तो यह है कि जब त्वचा में नमी की कमी होती है तो वह और ज्यादा तेल बनाने लगती है.
नारियल पानी
नारियल पानी गरमी के मौसम में बहुत पसंद किया जाता है. मिनरल्स और हाइड्रेटिंग गुणों से भरपूर इस का इस्तेमाल अकसर घर पर बने स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में किया जाता है और यह त्वचा को ताजा और हैल्दी बनाए रखने में मदद करता है.
गरमियों के लिए आसान डीआईवाई औप्शन, हफ्ते में 1 या 2 बार इस आसान कूलिंग मास्क को आजमाएं:
2 बड़े चम्मच खीरे का रस, 1 चम्मच शहद, कुछ पिसी हुई पुदीने की पत्तियां.
इसे 10-15 मिनट तक लगाए रखें और फिर ठंडे पानी से धो लें. यह हलका मिश्रण पसीने वाले गरमी के दिन के बाद त्वचा को ताजा करने और हलका हाइड्रेशन देने में मदद करता है.
स्टैप 4: हलके हाथों से फेस मसाज (औप्शनल)
रात में चेहरे की हलकी मसाज करना आरामदायक हो सकता है. हालांकि इसे अपनी त्वचा के हिसाब से चुनें. उदाहरण के लिए अगर आप की त्वचा औयली है या उस पर मुंहासे होते हैं तो इस से बचें क्योंकि गरमी और उमस भरे मौसम में भारी तेल से मसाज करना हर किसी के लिए सही नहीं हो सकता है.
अगर आप की त्वचा पर तेल सूट करता है तो हलके तेल चुनें और सिर्फ कुछ बूंदों का ही इस्तेमाल करें.
चेहरे की मसाज के लिए इन तेलों का इस्तेमाल किया जा सकता है :
रोजहिप औयल, जोजोबा औयल, बादाम का तेल.
स्टैप 5: स्किन को अंदर से
हैल्दी रखें
मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हैल्दी स्किन का संबंध आप के ओवरआल लाइफस्टाइल और पाचन से होता है. इसलिए गरमियों में स्किन की देखभाल का मतलब सिर्फ बाहरी चीजें लगाना ही नहीं है बल्कि आप का लाइफस्टाइल भी बैलेंस्ड होना चाहिए.
गरमियों की आदतों में ये शामिल हैं:
कौफी पानी पीना, सीजनल फल और सब्जियां खाना, शरीर की जरूरतों के हिसाब से ठंडक देने वाली चीजें खाना, पूरी नींद लेना, खीरा, नारियल पानी, ताजे फल और हाइड्रेटिंग खाना शामिल करें.
स्टैप 6: रात में अपनी स्किन का खास
खयाल रखें
छोटीछोटी आदतें भी बड़ा फर्क ला सकती हैं. इन आसान तरीकों को अपना कर आप गंदगी जमा होने और जलन की समस्या को कम कर सकती हैं:
तकिए के कवर नियमित रूप से बदलें, चेहरे पर पसीना या सनस्क्रीन लगा कर न सोएं, अगर बाल चेहरे पर आते हैं तो उन्हें साफ रखें, बाहर से आने के बाद बारबार चेहरे को छूने से बचें.
गरमियों की रात में स्किनकेयर रूटीन के लिए बहुत सारे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती. गरमियों में पसीने वाले दिन के बाद मकसद सिर्फ तेल को पूरी तरह हटाना नहीं बल्कि स्किन को धीरेधीरे साफ करना, उसे ठंडा रखना और नमी बनाए रखना होता है.
