सदियों से ये दस्तूर चला आ रहा है बड़ी मछली हमेशा छोटी मछली को खाती है, और जब वह छोटी मछली बड़ी हो जाती है तो वह अपने से छोटी मछली को खाती है, और जो ऐसा नहीं करते, वह अच्छे एक्टर होने के साथ-साथ अच्छे इंसान भी कहलाते हैं, क्योंकि बुराई कितनी भी बड़ी हो अच्छाई के सामने हमेशा छोटी रहती है.

लेकिन एक सच यह भी है कि जब हमारे कदम मंजिल की तरफ बढ़ रहे होते हैं तो अच्छे लोगों से ज्यादा बुरे लोगों से हमारी मुलाकात होती है, ऐसा ही कुछ फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी बोल सकते हैं, जिसने एक से एक खूबसूरत टैलेंटेड हीरो और हीरोइन को फिल्मों में काम करने का मौका दिया. लेकिन ग्लैमर वर्ल्ड जितना सामने से चमकदार है, उसके पीछे उतना ही अंधेरा है, इसी के चलते इस फिल्म इंडस्ट्री में कई सारे एक्टर जो अपने टैलेंट और खूबसूरती के दम पर फिल्मों में अपनी जगह बनाना चाहते थे उन्हें भी कास्टिंग काउच की कठिन परिस्थिति से गुजरना पड़ा है , बस इतना ही है कि किसी किसी ने कास्टिंग काउच का सहारा लेकर कामयाबी हासिल करने की कोशिश की, तो किसी ने मेहनत के दम पर कामयाबी पाई. लेकिन इस बात से झूठ लाया नहीं जा सकता कास्टिंग काउच आज से नहीं बल्कि सदियों से चली आ रही है.

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एक प्रसिद्ध एक्टर के अनुसार जो अब इस दुनिया में नहीं है कास्टिंग काउच बॉलीवुड में हमेशा से ही चली आ रही है , और यह सिर्फ हीरोइन के साथ ही नहीं बल्कि हीरो के साथ भी होती आई है. बस फर्क सिर्फ इतना है इसका नाम आज कास्टिंग काउच है पहले इस प्रेम संबंधों के नाम से जाना जाता था. इस प्रसिद्ध एक्टर के अनुसार उस जमाने की बड़ी-बड़ी हीरोइन बॉलीवुड में आने वाले नए हीरो का इस्तेमाल करती थी. उस दौरान धर्मेंद्र और संजय खान सबसे खूबसूरत हीरो में से एक माने जाते थे , अगर कास्टिंग काउच की बात करें तो इन हीरोज पर कई लोगों की बुरी नजर रहती थी.

कास्टिंग काउच का दौर आज भी जारी है जहां पर बड़े-बड़े फिल्म मेकर नए हीरोज को फिल्म में काम देने के बदले इनडीसेंट प्रपोजल देते हैं, तो वी एक्टर अभिषेक कुमार, राजीव खंडेलवाल, रणवीर सिंह, जैसे कई नामी गिरामी एक्टरों ने अपने इंटरव्यू के दौरान अपने साथ होने वाले बुरे अनुभव को शेयर करते हुए कास्टिंग काउच के बारे में मिले कड़े अनुभवों का जिक्र किया है .

क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में फिल्म मेकर एक्टर से लेकर फैशन डिजाइनर तक कई सारे लोग समलैंगिक रिश्तों में भी जी रहे हैं , जिसके चलते ऐसे लोग फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ने वाले नए लोगों को फिल्म के बदले गलत प्रपोजल देते हैं . जिसमें कोई इसे फिल्मे पाने के लालच मे एक्सेप्ट करता है , तो कई सारे हीरो इस तरह के ऑफर ठुकरा देते हैं.

कहने का मतलब यह है, की ग्लैमरवर्ड में सिर्फ हीरोइन ही नहीं हीरोज भी अपनी इज्जत को लेकर
असुरक्षित है. लेकिन कामयाबी उसी को मिलती है जो अपने काम के प्रति ईमानदार और टैलेंटेड होता है.

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